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Online Cyber Crime: पुलिस ने ऑनलाइन फ्रॉड के 4 करोड़ 32 लाख रुपए वापस कराए, 11 नए तरीकों से हो रही ठगी
Tue, 16 Jan 2024 07:31 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Tue, 16 Jan 2024 07:31 PM IST
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Cyber Crime
- फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
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क्राइम ब्रांच इंदौर ने पिछले साल आई ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायतों के 4 करोड़ 32 लाख रुपए वापस कराए हैं। पुलिस ने बताया है कि लगातार नए नए तरीकों से नागरिकों को लूटा जा रहा है। इनमें से 11 तरीकों के बारे में पुलिस ने जानकारी दी है। पुलिस के द्वारा संचालित cyber helpline, citizen cop, NCRP पोर्टल आदि पर नागरिकों की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
हर साल बढ़ रहा रिफंड का आंकड़ा
पुलिस कमिश्नर मकरंद देऊस्कर ने बताया कि सायबर अपराध अन्य सभी अपराधों को पीछे छोड़ चुके हैं। पिछले साल 11 तरीकों से सायबर अपराध के मामले सामने आए हैं। इनमें भी जाब के नाम पर ठगी करने वाले मामलों की संख्या सबसे अधिक है। क्राइम ब्रांच टीम द्वारा ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायतों पर साल 2021 में 01 करोड़ 37 लाख रुपए वापस कराए गए थे, जबकि पुलिस कमिश्नरेट लागू होने के बाद वर्ष 2022 में 03 करोड़ 92 लाख रुपए रिफंड कराए गए जो बढ़कर वर्ष 2023 में 4 करोड़ 32 लाख रुपए हो गए।
यहां पर करें शिकायत
आपके साथ किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर तत्काल क्राइम ब्रांच इंदौर पुलिस में संपर्क करें। पुलिस के सायबर हेल्पलाइन नं. 704912-4445, NCRP पोर्टल, Citizen Cop एप्लीकेशन आदि माध्यमों से शिकायत करें।
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वर्ष 2023 में निम्न तरीकों का उपयोग कर ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया गया :–
(1) ठगों ने फोन कर स्वयं को बैंक अधिकारी बताया। क्रेडिट/डेबिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने, गिफ्ट वाउचर रिडीम कराने एवं एनुअल चार्जेस कम कराने का झांसा दिया।
(2) लोगों ने जल्दबाजी में Google पर Customer Care नंबर सर्च किए। ये नंबर साइबर ठगों ने ही इंटरनेट पर डाल रखे थे। उन्होंने समस्या हल करने के नाम पर ओटीपी मांगे और खाते खाली हो गए। नंबरों की जांच किए बिना फोन लगाने पर लोग ठगी का शिकार बने। उन्होंने बैंक, ईकॉमर्स वेबसाइट, कोरियर कंपनी, बैंक के कस्टमर केयर नंबर इंटरनेट पर तलाशे और यह नंबर साइबर ठगों के ही निकले।
(3) ठगों ने परिचित बनकर फोन लगाया औऱ कहा कि वे परेशानी में हैं तुरंत पैसे ट्रांसफर कर दें।
(4) ठगों ने बैंकिंग व बिजली विभाग के अधिकारी बनकर फोन लगाए। झूठ बोलकर लोगों के मोबाइल में Any desk, TeamViewer, quicksuport आदि ऐप डाउनलोड करवा लिए। इससे फोन का एक्सेस उनके पास चला गया और ठग लिया गया।
(5) फर्जी वेबसाइट, Google फॉर्म, सोशल मीडिया आदि के माध्यम से लोगों की व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त कर संपर्क करके उनका OTP, Link, UPI पिन दर्ज करवाकर की जाने वाली ठगी भी बहुत हुई।
(6) ठग द्वार सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन एवं वीडियो के माध्यम से Work From Home का प्रचार कर लोगों से संपर्क करके उन्हें पेंसिल/पेन पैकिंग, डाटा एंट्री या टाइपिंग वर्क जैसी फर्जी job दिलाने के नाम से ठगी की गई।
(7) ऑनलाइन लॉटरी, KBC, Gift, कैशबैक, Loan, बीमा एवं फेस्टिवल ऑफर्स में ऑनलाइन शॉपिंग आदि के प्रलोभन देकर ठगी की गई।
(8) सेंट्रल फोर्स (BSF, Army, CISF आदि) के नाम से ठग द्वारा लोगों से उनके प्रोफेशन के हिसाब से झूठ बोलकर की पेमेंट करने के नाम से फर्जी लिंक या QR code भेजकर पेमेंट प्रोसेस करवाते हुए की जाने वाली ठगी की गई। (जैसे डॉक्टर्स को कॉल कर पुलिस फोर्स के स्टाफ का हेल्थ चेकअप के नाम से झूठ बोलकर आदि ठगा गया)।
(9) olx के माध्यम से समान बेचने एवं खरीदने के नाम पर पेमेंट भेजने का झूठ बोलकर OTP एवं UPI पिन दर्ज करवाकर लोगों के साथ की जाने वाली ठगी भी बहुत हुई।
(10) कनेक्शन काटने का बोलकर तत्काल बिजली बिल भुगतान करने के नाम से फर्जी लिंक भेजकर की जाने वाली ऑनलाइन ठगी भी हुई।
(11) ठग द्वारा सोशल मीडिया पर अनजान आकर्षक प्रोफाइल बनाते हुए लोगों से दोस्ती कर उनका न्यूड वीडियो कॉलिंग का वीडियो रिकॉर्ड कर सेक्सटोर्शन ठगी की गई।
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हर साल बढ़ रहा रिफंड का आंकड़ा
पुलिस कमिश्नर मकरंद देऊस्कर ने बताया कि सायबर अपराध अन्य सभी अपराधों को पीछे छोड़ चुके हैं। पिछले साल 11 तरीकों से सायबर अपराध के मामले सामने आए हैं। इनमें भी जाब के नाम पर ठगी करने वाले मामलों की संख्या सबसे अधिक है। क्राइम ब्रांच टीम द्वारा ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायतों पर साल 2021 में 01 करोड़ 37 लाख रुपए वापस कराए गए थे, जबकि पुलिस कमिश्नरेट लागू होने के बाद वर्ष 2022 में 03 करोड़ 92 लाख रुपए रिफंड कराए गए जो बढ़कर वर्ष 2023 में 4 करोड़ 32 लाख रुपए हो गए।
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यहां पर करें शिकायत
आपके साथ किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर तत्काल क्राइम ब्रांच इंदौर पुलिस में संपर्क करें। पुलिस के सायबर हेल्पलाइन नं. 704912-4445, NCRP पोर्टल, Citizen Cop एप्लीकेशन आदि माध्यमों से शिकायत करें।
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वर्ष 2023 में निम्न तरीकों का उपयोग कर ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया गया :–
(1) ठगों ने फोन कर स्वयं को बैंक अधिकारी बताया। क्रेडिट/डेबिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने, गिफ्ट वाउचर रिडीम कराने एवं एनुअल चार्जेस कम कराने का झांसा दिया।
(2) लोगों ने जल्दबाजी में Google पर Customer Care नंबर सर्च किए। ये नंबर साइबर ठगों ने ही इंटरनेट पर डाल रखे थे। उन्होंने समस्या हल करने के नाम पर ओटीपी मांगे और खाते खाली हो गए। नंबरों की जांच किए बिना फोन लगाने पर लोग ठगी का शिकार बने। उन्होंने बैंक, ईकॉमर्स वेबसाइट, कोरियर कंपनी, बैंक के कस्टमर केयर नंबर इंटरनेट पर तलाशे और यह नंबर साइबर ठगों के ही निकले।
(3) ठगों ने परिचित बनकर फोन लगाया औऱ कहा कि वे परेशानी में हैं तुरंत पैसे ट्रांसफर कर दें।
(4) ठगों ने बैंकिंग व बिजली विभाग के अधिकारी बनकर फोन लगाए। झूठ बोलकर लोगों के मोबाइल में Any desk, TeamViewer, quicksuport आदि ऐप डाउनलोड करवा लिए। इससे फोन का एक्सेस उनके पास चला गया और ठग लिया गया।
(5) फर्जी वेबसाइट, Google फॉर्म, सोशल मीडिया आदि के माध्यम से लोगों की व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त कर संपर्क करके उनका OTP, Link, UPI पिन दर्ज करवाकर की जाने वाली ठगी भी बहुत हुई।
(6) ठग द्वार सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन एवं वीडियो के माध्यम से Work From Home का प्रचार कर लोगों से संपर्क करके उन्हें पेंसिल/पेन पैकिंग, डाटा एंट्री या टाइपिंग वर्क जैसी फर्जी job दिलाने के नाम से ठगी की गई।
(7) ऑनलाइन लॉटरी, KBC, Gift, कैशबैक, Loan, बीमा एवं फेस्टिवल ऑफर्स में ऑनलाइन शॉपिंग आदि के प्रलोभन देकर ठगी की गई।
(8) सेंट्रल फोर्स (BSF, Army, CISF आदि) के नाम से ठग द्वारा लोगों से उनके प्रोफेशन के हिसाब से झूठ बोलकर की पेमेंट करने के नाम से फर्जी लिंक या QR code भेजकर पेमेंट प्रोसेस करवाते हुए की जाने वाली ठगी की गई। (जैसे डॉक्टर्स को कॉल कर पुलिस फोर्स के स्टाफ का हेल्थ चेकअप के नाम से झूठ बोलकर आदि ठगा गया)।
(9) olx के माध्यम से समान बेचने एवं खरीदने के नाम पर पेमेंट भेजने का झूठ बोलकर OTP एवं UPI पिन दर्ज करवाकर लोगों के साथ की जाने वाली ठगी भी बहुत हुई।
(10) कनेक्शन काटने का बोलकर तत्काल बिजली बिल भुगतान करने के नाम से फर्जी लिंक भेजकर की जाने वाली ऑनलाइन ठगी भी हुई।
(11) ठग द्वारा सोशल मीडिया पर अनजान आकर्षक प्रोफाइल बनाते हुए लोगों से दोस्ती कर उनका न्यूड वीडियो कॉलिंग का वीडियो रिकॉर्ड कर सेक्सटोर्शन ठगी की गई।
