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Indore News: सोशल मीडिया बढ़ रहा फर्जी पेपर बेचने का अपराध, हर साल सैकड़ों छात्र ठगा रहे
Mon, 22 Jun 2026 12:05 PM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Mon, 22 Jun 2026 12:05 PM IST
सार
इंदौर क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने लॉ कॉलेज के प्रथम वर्ष के छात्र को गिरफ्तार किया है, जो इंस्टाग्राम पर नीट का फर्जी पेपर बेच रहा था। इस तरह की जालसाजी करने वालों को पुलिस लगातार ट्रेस कर रही है।
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INDORE NEWS
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
इंदौर क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम यानी एसआईटी ने नीट का फर्जी प्रश्नपत्र बेचने के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले एक कानून के छात्र को हिरासत में लिया है। पकड़ा गया आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी विज्ञापन और पोस्ट डालकर अभ्यर्थियों को असली प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का झांसा देता था और बदले में उनसे मोटी रकम ऐंठता था। इंदौर में बड़ी संख्या में लोग सोशल मीडिया के उपयोग से छात्रों को फंसा रहे हैं। सिर्फ नीट ही नहीं बल्कि एमपीपीएससी, बैंक और अन्य प्रमुख परीक्षाओं के पेपर देने के बहाने छात्रों से हर साल लाखों रुपए ठग लिए जाते हैं।
ठगने के बाद भी शिकायत नहीं करते हैं छात्र
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि हर साल सैकड़ों छात्र इस तरह के लोगों के चंगुल में फंस जाते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफार्म का उपयोग करके सायबर अपराधी छात्रों को फंसा लेते हैं और उन्हें फर्जी पेपर देकर लाखों रुपए ठग लेते हैं। अधिकांश छात्र डर के कारण पुलिस के पास शिकायत करने के लिए भी नहीं आते हैं।
सोशल मीडिया से फैल रहा जाल
पुलिस पूछताछ और शुरुआती तकनीकी जांच में यह बात सामने आई है कि अपराधी परीक्षा के आयोजन से ठीक पहले इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सुनियोजित तरीके से फर्जी और भ्रामक पोस्ट वायरल करते हैं। इन पोस्ट्स में वह परीक्षा का मूल प्रश्नपत्र या कुछ विशेष अध्ययन सामग्री शत-प्रतिशत उपलब्ध कराने का बड़ा दावा करते हैं। यह देखकर छात्र फंस जाते हैं और अपराधियों के खातों में आनलाइन पैसे पहुंचाकर फर्जी पेपर ले लेते हैं।
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ठगने के बाद भी शिकायत नहीं करते हैं छात्र
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि हर साल सैकड़ों छात्र इस तरह के लोगों के चंगुल में फंस जाते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफार्म का उपयोग करके सायबर अपराधी छात्रों को फंसा लेते हैं और उन्हें फर्जी पेपर देकर लाखों रुपए ठग लेते हैं। अधिकांश छात्र डर के कारण पुलिस के पास शिकायत करने के लिए भी नहीं आते हैं।
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सोशल मीडिया से फैल रहा जाल
पुलिस पूछताछ और शुरुआती तकनीकी जांच में यह बात सामने आई है कि अपराधी परीक्षा के आयोजन से ठीक पहले इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सुनियोजित तरीके से फर्जी और भ्रामक पोस्ट वायरल करते हैं। इन पोस्ट्स में वह परीक्षा का मूल प्रश्नपत्र या कुछ विशेष अध्ययन सामग्री शत-प्रतिशत उपलब्ध कराने का बड़ा दावा करते हैं। यह देखकर छात्र फंस जाते हैं और अपराधियों के खातों में आनलाइन पैसे पहुंचाकर फर्जी पेपर ले लेते हैं।
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