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Indore News: शहर में चार हजार से ज्यादा परिवार घरों में कर रहे है बिजली तैयार, प्रदेश में सबसे ज्यादा

Thu, 16 Feb 2023 02:51 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Thu, 16 Feb 2023 02:51 PM IST
सार

नए वर्ष के पैंतालीस दिनों में इंदौर शहर के करीब 150 उपभोक्ताओं ने अपने परिसर, छत पर सौर पैनल्स लगाए है। अब इंदौर के सुपर कॉरिडर, बायपास आदि क्षेत्रों में अपने परिसर से बिजली बनाने वालों की संख्या 4300 के करीब हो गई है।

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More than four thousand families in the city are preparing electricity in their homes, the highest in the sta
नए वर्ष के पैंतालीस दिनों में इंदौर शहर के करीब 150 उपभोक्ताओं ने अपने परिसर, छत पर सौर पैनल्स लगाए - फोटो : amar ujala digital

विस्तार

इंदौर में छतों पर बिजली पैदा करने वालों की संख्या बढ़ गई है। नए वर्ष के पैंतालिस दिनों में करीब डेढ़ सौ परिवार इस ओर आकर्षित हुए है। इंदौर में अब तक 4300 परिवार छतों पर सोलर पैनल लगाकर खुद के लिए बिजली पैदा कर रहे है। इंदौर सौर ऊर्जा के क्षेत्र में मप्र में सबसे ज्यादा स्थानों के उपयोग वाला शहर बना हुआ है। इंदौर के बाद उज्जैन जिले में 900, धार जिले में 400, रतलाम जिले में 305, खरगोन जिले में 245 इमारतों की छतों, परिसरों पर सौर ऊर्जा से बिजली तैयार की जा रही है।

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मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक अमित तोमर ने बताया कि इंदौर मध्य शहर, बायपास, सुपर कॉरिडोर और आसपास के क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के प्रति रूझान बढ़ा है। नए वर्ष के पैंतालीस दिनों में इंदौर शहर के करीब 150 उपभोक्ताओं ने अपने परिसर, छत पर सौर पैनल्स लगाए है। अब इंदौर शहर , सुपर कॉरिडर, बायपास आदि क्षेत्रों में अपने परिसर से बिजली बनाने वालों की संख्या 4300 के करीब हो गई है। इस वजह से शहर में पैनल्स स्थापना की क्षमता अब 80 मैगावाट होने को है।

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पांच वर्षों के दौरान यह क्षमता लगभग कई गुना बढ़ी है। शासकीय इमारतों, कचरा स्टेशनों, दुकानों, कार्यालयों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, अस्पतालों की छतों, परिसरों में भी इस तरह सौलर पैनल्स कार्य कर रहे है। 

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ग्रीन एनर्जी के प्रति रूझान बढ़ने का कारण बिजली के मौजूदा बिल में कमी के साथ ही परिसर में ही अपनी छत, अपनी बिजली की भावना को बढ़ावा देना भी है। उपभोक्ता सोलर पैनल्स लगाने में जितनी राशि खर्च करते है, वह राशि लगभग साढ़े तीन से चार वर्ष में वापस मिल जाती है।इंदौर के रायल कृष्णा के रहने वाले शुभम मोर्य का कहना है कि चार किलो वाट की पैनल्स लगाई है, पहले बिल औसत साढ़े तीन हजार आता था, अब काफी कम आ रहा है।सिलिकॉन सिटी के निवासी सचिन कुमार साहू ने कहा कि उनका दो मंजिला घर है, गर्मी में एयर कंडीशनर भी चलते है, बिल पहले की तुलना में आधा भी नहीं आता।

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