MP News: इंदौर में 16 फीट चौड़ाई की सड़क पर मिक्स ट्रैफिक, यहां साइकिलिस्ट को मारी थी टक्कर
इंदौर में एक साइकिलिस्ट को कार चालक ने टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस घटना से शहर के हजारों साइकिलिस्ट डरे हुए हैं, क्योंकि इंदौर में साइकिल को लेकर क्रेज तो बढ़ा है, लेकिन सड़कें सुरक्षित नहीं हैं।
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28 दिन बाद इंदौर की जिस सड़क से देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरकर प्रवासी सम्मेलन में भाग लेंगे। उस सड़क के एक चौराहे की चौड़ाई जानकर आपको हैरानी होगी। सिर्फ 17 फीट चौड़ी सड़क पर ट्रक, कार, बाइक, साइकिल गुजर रहे हैं। वहां पर बुधवार को साइकिलिस्ट रूपेश गांधी को एक कार ने टक्कर मार दी। रुपेश निजी अस्पताल में वेटिंलेटर पर है। इस घटना के बाद इंदौर के हजारों साइकिलिस्ट डरे हुए हैं, क्योंकि सुबह सड़कों पर हजारों इंदौरी सेहत बनाने के लिए साइकिल लेकर गुजरते हैं, लेकिन शहर की सड़कें उनके लिए सुरक्षित नहीं है।
पांच साल से साइकिलिंग कर रहे कपड़ा व्यापारी रूपेश गांधी बुधवार को 50 किलोमीटर साइकिलिंग के इरादे से अपने दोस्त गौरव जैन के साथ घर से निकले थे। पहिए में हवा कम होने की वजह से वे लवकुश चौराहा से घर की तरफ लौटने लगे। इस बीच हीरानगर थाना चौराहे पर संकरी सड़क पर पीछे से कार ने रूपेश को टक्कर मार दी और 15 फीट तक घसीटते हुए ले गया। इसके बाद कार चालक फरार हो गया। रूपेश इंदौर के बांबे अस्तपताल में भर्ती है और उसकी हालत गंभीर है।
चलने के लिए 16 फीट जगह...
हीरानगर थाना चौराहे पर मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट का काम चल रहा है। सड़क का मध्य हिस्सा तो शेड लगाकर कवर किया गया है। यहां सड़क के बाई तरफ भी मेट्रो प्रोजेक्ट केे पिलर बन रहे हैं। इस वजह से चौराहे पर सड़क की एक लेन की चौड़ाई 16 फीट बची है। इतनी चौड़ाई से भारी वाहनों के बीच से जोखिम उठाते हुए दोपहिया वाहन चालक गुजरते है। ट्रक और वाहन चालक के बीच की दूरी कई बार दो फीट से भी कम रहती है।
हीरानगर पुलिस ने रूपेश गांधी को टक्कर मारने वाले कार चालक को गिरफ्तार कर लिया है और कार को जप्त कर लिया है। जांच अधिकारी बृृजेश यदुवंशी ने कहा कि चालक का नाम राजकुमार है। वह तेज गति से कार चला रहा था और साइकिलिस्ट को टक्कर मार दी थी। उनकी की हालत गंभीर है, उनसे हम अभी बयान नहीं ले पाए हैं।
पूरी सुरक्षा से चलते हैं रूपेश...
घटना वाले दिन घर से रूपेश के साथ निकले गौरव जैन ने बताया कि रूपेश साइकिलिंग करते समय सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हैं। हेलमेट, सेफ्टी गियर, रिफ्लेक्टर वाले कपड़े पहन कर निकले रहे हैं, ताकि दूर से ही दूसरे वाहन चालक को साइकिलिस्ट की पहचान हो सके, लेकिन इंदौर में ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन नहीं होता। साइकिल चलाने वाले को बड़े वाहन चालक ओवरटेक करते हैं। कट मारकर तेजी से निकल जाते हैं, जबकि विदेशों में साइकिलिस्ट और पैदल यात्रियों को सड़कों पर पूरा सम्मान दिया जाता है।
साइकिल लेन हटा दी...
साइकिलिस्ट नीरज याग्निक ने कहा, बीस साल पहले शहर में जब बांड सड़कों का निर्माण हुआ था तो अन्नपूर्णा मार्ग, हाईकोर्ट तिराहा मार्ग पर अलग से साइकिल लेन बनाई गई थी। बाद में उसे हटा दिया गया। ऐसा नहीं होना चाहिए, ग्रेटर कैलाश रोड शहर की मॉडल रोड है, लेकिन वहां भी साइकिल ट्रेक की एक समान चौड़ाई में नहीं है
- तीन साल पहले इंदौर में एक साथ 35 हजार लोगों ने साइकिल चलाकर वर्ल्ड रिकार्ड बनाया था।
- इंदौर में हर दिन तीन हजार से ज्यादा साइकिलिस्ट साइकिल चलाते है। शनिवार-रविवार को यह संख्या पांच हजार तक पहुंच जाती है।
- शहर में अलग से कोई साइकिल ट्रेक वाला मैदान नहीं है। कुछ सड़कों पर साइकिल ट्रैक बनाए गए हैं, लेकिन वे भी सुरक्षित नहीं हैं।
- शहर में हर साल साइकिल को लेकर चार से पांच बड़ी स्पर्धाएं होती हैं, जिसमें बड़ी संख्या में इंदौरवासी भाग लेते हैं।
