{"_id":"662a5e6eb1477ff4c10975e0","slug":"mgm-college-practical-exam-viral-audio-indore-news-2024-04-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore News: एमजीएम कॉलेज के 94 स्टूडेंट्स की प्रेक्टिकल एग्जाम फिर से होगी, एचओडी का ऑडियो वायरल हुआ था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore News: एमजीएम कॉलेज के 94 स्टूडेंट्स की प्रेक्टिकल एग्जाम फिर से होगी, एचओडी का ऑडियो वायरल हुआ था
Thu, 25 Apr 2024 07:15 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Thu, 25 Apr 2024 07:15 PM IST
सार
एमबीबीएस सर्जरी के 41 स्टूडेंट्स के फेल होने के बाद हुई जांच, जांच के बाद फिर से एग्जाम लेने का हुआ निर्देश
विज्ञापन
MGM
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इंदौर में एमबीबीएस (सर्जरी) फाइनल ईयर के 94 स्टूडेंट्स को फिर से प्रेक्टिकल एक्जाम देनी होगी। मामला एमजीएम मेडिकल कॉलेज का है। मप्र मेडिकल मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी जबलपुर (MPMSU) ने इस मामले में निर्देश दिए हैं और कहा है कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज को यह एक्जाम एक हफ्ते में करानी होगी।
क्या है मामला
एमजीएम के फाइनल ईयर के 170 स्टूडेंट्स में से 41 स्टूडेंट्स हाल ही में हुए एग्जाम में फेल हो गए। इसमें कई तरह की लापरवाही के मामले सामने आए। इसके साथ कॉलेज के सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. मनीष कौशल का एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। जिसमें रिजल्ट में नंबर बढ़ाने, कम करने को लेकर बात की जा रही थी। इसके बाद यह निर्णय लिया गया। हालांकि डॉ. कौशल ने इस आडियो को फर्जी बताया है। साथ ही इसकी जांच को लेकर बुधवार को उन्होंने पुलिस को एक आवेदन भी दिया है।
एबीवीपी ने किया प्रदर्शन
इस मामले पर एबीवीपी ने कॉलेज में प्रदर्शन कर जांच की मांग की थी। इस पर कॉलेज प्रबंधन ने एक कमेटी बनाकर रिजल्ट को रिवाइस किया था। इसमें पता चला था कि कुल टोटल में एक सेक्शन के नंबर गिने ही नहीं गए थे। यह सेक्शन 15 नंबरों का था। इसकी रिपोर्ट जबलपुर यूनिवर्सिटी को भेज दी गई थी। वहां कमेटी ने इसका अध्ययन किया। इसमें पता चला कि रिवाइस प्रोसेस में 41 फेल स्टूडेंट्स सहित 94 स्टूडेंट्स के नंबर बढ़ गए हैं। इस पर जबलपुर यूनिवर्सिटी ने दोबारा प्रेक्टिकल एक्जाम कराने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
जो एग्जाम नहीं देंगे उनके पुराने नंबर ही मान्य होंगे
इस मामले में खास बात यह कि जो स्टूडेंट्स एग्जाम नहीं देंगे उनके पुराने रिजल्ट के नंबर ही मान्य होंगे। यानी पुराने एग्जाम में जो फेल था वह फेल ही रहेगा और पास होने में जिस स्टूडेंट्स को जितने नंबर मिले थे, उतने ही गिने जाएंगे। हालांकि कालेज प्रबंधन ने अभी यह नहीं बताया है कि एग्जाम कब ली जाएगी।
विज्ञापन
क्या है मामला
एमजीएम के फाइनल ईयर के 170 स्टूडेंट्स में से 41 स्टूडेंट्स हाल ही में हुए एग्जाम में फेल हो गए। इसमें कई तरह की लापरवाही के मामले सामने आए। इसके साथ कॉलेज के सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. मनीष कौशल का एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। जिसमें रिजल्ट में नंबर बढ़ाने, कम करने को लेकर बात की जा रही थी। इसके बाद यह निर्णय लिया गया। हालांकि डॉ. कौशल ने इस आडियो को फर्जी बताया है। साथ ही इसकी जांच को लेकर बुधवार को उन्होंने पुलिस को एक आवेदन भी दिया है।
विज्ञापन
एबीवीपी ने किया प्रदर्शन
इस मामले पर एबीवीपी ने कॉलेज में प्रदर्शन कर जांच की मांग की थी। इस पर कॉलेज प्रबंधन ने एक कमेटी बनाकर रिजल्ट को रिवाइस किया था। इसमें पता चला था कि कुल टोटल में एक सेक्शन के नंबर गिने ही नहीं गए थे। यह सेक्शन 15 नंबरों का था। इसकी रिपोर्ट जबलपुर यूनिवर्सिटी को भेज दी गई थी। वहां कमेटी ने इसका अध्ययन किया। इसमें पता चला कि रिवाइस प्रोसेस में 41 फेल स्टूडेंट्स सहित 94 स्टूडेंट्स के नंबर बढ़ गए हैं। इस पर जबलपुर यूनिवर्सिटी ने दोबारा प्रेक्टिकल एक्जाम कराने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
जो एग्जाम नहीं देंगे उनके पुराने नंबर ही मान्य होंगे
इस मामले में खास बात यह कि जो स्टूडेंट्स एग्जाम नहीं देंगे उनके पुराने रिजल्ट के नंबर ही मान्य होंगे। यानी पुराने एग्जाम में जो फेल था वह फेल ही रहेगा और पास होने में जिस स्टूडेंट्स को जितने नंबर मिले थे, उतने ही गिने जाएंगे। हालांकि कालेज प्रबंधन ने अभी यह नहीं बताया है कि एग्जाम कब ली जाएगी।
