Malwa Nimar:विधानसभा चुनाव में जिन पर लगाया था दांव, उनके भरोसे अब कांग्रेस की नाव
शहर व जिला अध्यक्ष की कमान सौंपकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी अभी से कई नेताओं की विधानसभा चुनाव के हिसाब से राजनीतिक जमीन मजबूत करने का मौका दे रहे है। टिकट चयन के समय इन्हीं जिला व नगर अध्यक्षों में से कई कांग्रेस के उम्मीदवार हो सकते है।
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मध्य प्रदेश के मालवा निमाड़ में कांग्रेस ने नया प्रयोग किया है। विधानसभा चुनाव में सात सीटों पर कांग्रेस ने दांव लगाया था, उनके भरोसे अभी फिर संगठन की नाव छोड़ी है। 14 में से छह जिला व शहर विधानसभा चुनाव हार चुके नेता बने है,जबकि उज्जैन ग्रामीण में तो विधायक महेश परमार को ही जिलाध्यक्ष बना दिया गया।
माना जा रहा है कि शहर व जिला अध्यक्ष की कमान सौंपकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी अभी से कई नेताओं की विधानसभा चुनाव के हिसाब से राजनीतिक जमीन मजबूत करने का मौका दे रहे है। टिकट चयन के समय इन्हीं जिला व नगर अध्यक्षों में से कई कांग्रेस के उम्मीदवार हो सकते है। कांग्रेस ने अगले विधानसभा चुनाव के हिसाब से अभी से गोटियां बिछाना शुरू कर दी है।
मालवा निमाड़ के आलीराजपुर जिले में मुकेश पटेल को कमान सौंपी गई है। मुकेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार थे और नागर सिंह चौहान से सिर्फ 3723 वोटों से चुनाव हारे थे। मंदसौर के अध्यक्ष बने महेंद्र सिंह गुर्जर वर्ष 2008 में कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़ चुके थे और कम मतों के अंतर से हारे थे। 2013 में भी उन्होंने चुनाव लड़ा था। इसी तरह रतलाम ग्रामीण के जिलाध्यक्ष हर्ष गेहलोत भी पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार थे, लेकिन चुनाव नहीं जीत पाए थे। खंडवा ग्रामीण के अध्यक्ष उत्तम पाल सिंह पूर्णी भी पिछले विधानसभा चुनाव में मामूली वोटों के अंतर से हारे थे।
इंदौर में दोनो हारे नेता अध्यक्ष
इंदौर में कांग्रेस ने शहर में चिंटू चौकसे को अध्यक्ष बनाया है। वे विधानसभा चुनाव में रमेश मेंदोला से बड़े भारी मार्जिन से हारे थे, जबकि विपिन वानखेड़े आगर मालवा से चुनाव लड़े थे, लेकिन जीत नहीं पाए थे।
