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Indore: पद्मश्री से सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार अभय छजलानी का लंबी बीमारी के बाद निधन, शाम को होगा अंतिम संस्कार
Thu, 23 Mar 2023 11:07 AM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Thu, 23 Mar 2023 11:07 AM IST
सार
वरिष्ठ पत्रकार अभय छजलानी को पत्रकारिता के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। उनका जन्म 4 अगस्त 1934 को इंदौर में हुआ था। 1965 में उन्होंने पत्रकारिता के विश्व प्रमुख संस्थान थॉम्सन फाउंडेशन, कार्डिफ (यूके) से स्नातक की उपाधि ली थी।
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वरिष्ठ पत्रकार अभय छजलानी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
विस्तार
इंदौर के वरिष्ठ पत्रकार पद्मश्री अभय छजलानी का गुरुवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। शाम 4:30 से 5:00 बजे तक केसर बाग रोड स्थित पुराने नईदुनिया परिसर स्थित निवास पर उनकी पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। 5 बजे यहीं से उनकी अंतिम यात्रा निकलेगी और रीजनल पार्क मुक्तिधाम पर अंतिम संस्कार होगा। उनके परिवार में पुत्र विनय छजलानी और पुत्रियां शीला और आभा हैं।
वरिष्ठ पत्रकार अभय छजलानी का जन्म 4 अगस्त 1934 को इंदौर में हुआ था। उन्होंने 1955 में पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रवेश किया। 1963 में कार्यकारी संपादक का कार्यभार संभाला बाद में लंबे अरसे तक नईदुनिया के प्रधान संपादक भी रहे। वर्ष 1965 में उन्होंने पत्रकारिता के विश्व प्रमुख संस्थान थॉम्सन फाउंडेशन, कार्डिफ (यूके) से स्नातक की उपाधि ली। हिन्दी पत्रकारिता के क्षेत्र से इस प्रशिक्षण के लिए चुने जाने वाले वे पहले पत्रकार थे। अभय छजलानी ने शहर के कई प्रमुख मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था। इसके साथ ही वह खेलों से भी जुड़े रहे। लंबे समय तक वह मध्यप्रदेश टेबल टेनिस संगठन के अध्यक्ष रहे और फिर आजीवन अध्यक्ष पद पर बने रहे।
पूर्व सीएम कमलनाथ, दिग्विजय ने जताया शोक
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कई देशों की कर चुके थे यात्रा
वर्तमान में वह पत्रकारीय जीवन में वे नईदुनिया के संपादकीय बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में कार्य करने के अलावा कई महत्त्वपूर्ण सामाजिक दायित्व भी निभा रहे थे। अभय छजलानी भारतीय भाषाई समाचार पत्रों के शीर्ष संगठन इलना के तीन बार अध्यक्ष रह चुके हैं। वे 1988, 1989 और 1994 में संगठन के अध्यक्ष रहे। वे इंडियन न्यूज पेपर सोसायटी (आईएनएस) के 2000 में उपाध्यक्ष और 2002 में अध्यक्ष रहे। 2004 में भारतीय प्रेस परिषद के लिए मनोनीत किए गए, जिसका कार्यकाल 3 वर्ष रहा। उन्हें 1986 का पहला श्रीकांत वर्मा राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया। वे दुनिया के कई महत्त्वपूर्ण देशों की यात्रा कर चुके हैं जिनमें सोवियत संघ, जर्मनी, फ्रांस, जॉर्डन, यूगोस्लाविया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, थाईलैंड, इंडोनेशिया, तुर्की, स्पेन, चीन आदि शामिल हैं। 1995 में मप्र क्रीड़ा परिषद के अध्यक्ष बने। ऑर्गनाइजेशन ऑफ अंडरस्टैंडिंग एंड फ्रेटरनिटी द्वारा वर्ष 1984 का गणेश शंकर विद्यार्थी सद्भावना अवॉर्ड वर्ष 1986 में राजीव गाँधी ने प्रदान किया। पत्रकारिता में विशेष योगदान के लिए उन्हें वर्ष 1997 में जायन्ट्स इंटरनेशनल पुरस्कार तथा इंदिरा गाँधी प्रियदर्शिनी पुरस्कार मिला था।
1998 में राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार से हुए थे सम्मानित
छजलानी को इंदौर में इंडोर स्टेडियम अभय प्रशाल स्थापित करने के लिए भोपाल के माधवराव सप्रे समाचार पत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान ने सम्मानित किया था। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय योगदान के लिए ऑल इंडिया एचीवर्स कॉन्फ्रेंस ने दिल्ली में 1998 में राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार प्रदान किया। साथ ही इसी वर्ष लालबाग ट्रस्ट इंदौर का अध्यक्ष बनाया गया।
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वरिष्ठ पत्रकार अभय छजलानी का जन्म 4 अगस्त 1934 को इंदौर में हुआ था। उन्होंने 1955 में पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रवेश किया। 1963 में कार्यकारी संपादक का कार्यभार संभाला बाद में लंबे अरसे तक नईदुनिया के प्रधान संपादक भी रहे। वर्ष 1965 में उन्होंने पत्रकारिता के विश्व प्रमुख संस्थान थॉम्सन फाउंडेशन, कार्डिफ (यूके) से स्नातक की उपाधि ली। हिन्दी पत्रकारिता के क्षेत्र से इस प्रशिक्षण के लिए चुने जाने वाले वे पहले पत्रकार थे। अभय छजलानी ने शहर के कई प्रमुख मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था। इसके साथ ही वह खेलों से भी जुड़े रहे। लंबे समय तक वह मध्यप्रदेश टेबल टेनिस संगठन के अध्यक्ष रहे और फिर आजीवन अध्यक्ष पद पर बने रहे।
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कई देशों की कर चुके थे यात्रा
वर्तमान में वह पत्रकारीय जीवन में वे नईदुनिया के संपादकीय बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में कार्य करने के अलावा कई महत्त्वपूर्ण सामाजिक दायित्व भी निभा रहे थे। अभय छजलानी भारतीय भाषाई समाचार पत्रों के शीर्ष संगठन इलना के तीन बार अध्यक्ष रह चुके हैं। वे 1988, 1989 और 1994 में संगठन के अध्यक्ष रहे। वे इंडियन न्यूज पेपर सोसायटी (आईएनएस) के 2000 में उपाध्यक्ष और 2002 में अध्यक्ष रहे। 2004 में भारतीय प्रेस परिषद के लिए मनोनीत किए गए, जिसका कार्यकाल 3 वर्ष रहा। उन्हें 1986 का पहला श्रीकांत वर्मा राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया। वे दुनिया के कई महत्त्वपूर्ण देशों की यात्रा कर चुके हैं जिनमें सोवियत संघ, जर्मनी, फ्रांस, जॉर्डन, यूगोस्लाविया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, थाईलैंड, इंडोनेशिया, तुर्की, स्पेन, चीन आदि शामिल हैं। 1995 में मप्र क्रीड़ा परिषद के अध्यक्ष बने। ऑर्गनाइजेशन ऑफ अंडरस्टैंडिंग एंड फ्रेटरनिटी द्वारा वर्ष 1984 का गणेश शंकर विद्यार्थी सद्भावना अवॉर्ड वर्ष 1986 में राजीव गाँधी ने प्रदान किया। पत्रकारिता में विशेष योगदान के लिए उन्हें वर्ष 1997 में जायन्ट्स इंटरनेशनल पुरस्कार तथा इंदिरा गाँधी प्रियदर्शिनी पुरस्कार मिला था।
1998 में राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार से हुए थे सम्मानित
छजलानी को इंदौर में इंडोर स्टेडियम अभय प्रशाल स्थापित करने के लिए भोपाल के माधवराव सप्रे समाचार पत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान ने सम्मानित किया था। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय योगदान के लिए ऑल इंडिया एचीवर्स कॉन्फ्रेंस ने दिल्ली में 1998 में राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार प्रदान किया। साथ ही इसी वर्ष लालबाग ट्रस्ट इंदौर का अध्यक्ष बनाया गया।
