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Ujjain News: असली भस्माआरती में एंट्री मुश्किल, एक आईआईटीयन आर-वीआर तकनीक से करवा रहा भस्माआरती का फील
Sun, 09 Apr 2023 11:55 AM IST
अभिषेक चेंडके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अभिषेक चेंडके
Updated Sun, 09 Apr 2023 11:55 AM IST
सार
महाकाल लोक में एआर वीआर तकनीक से भस्माआरती कानपुर से पासआउट प्रशांत मिश्रा की स्टार्टअप कंपनी करा रही है। मिश्रा को भस्मा आरती का कंटेंट तैयार करने का आइडिया आया था। वे बताते है कि इस तरह के कंटेंट बनाने के लिए विदेशी कंपनियों पर निर्भर रहना था।
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महाकाल लोक में भस्माआरती देखते लोग
- फोटो : amar ujala digital
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विस्तार
महाकालेश्वर मंदिर में हर दिन सुबह होने वाली भस्माआरती में चुनिंदा लोगों को ही दर्शन मिल पाते है। ऑनलाइन टिकट भी आसानी से नहीं मिलते, लेकिन ज्यादातर भक्त भस्माआरती में शामिल होने की इच्छा जरुर रखते है।
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भक्तों की इस इच्छा को ध्यान में रखकर एक आईआईटीयन ने स्टार्टअप शुरु किया। जिसमें उनकी कंपनी एआर-वीआर तकनीक से महाकाल लोक में लोगों को भस्माआरती में शामिल होने का मौका दे रही है। इसका ट्रायल भी शुरू हो गया है। आठ से दस मिनट की इस आरती में डमरु, झांझ, शंख के संगीत के बीच हूबहू भस्माआरती में शामिल होने का अहसास भक्तों को होता है। फिलहाल शाम को महाकाल लोक में एक साथ २० लोग इस आरती में शामिल होते है। देश के दूसरे शहरों के मंदिरों में भी इस तकनीक से भक्तों को दर्शन कराने की योजना तैयार की है।
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आईआईटीयन ने तैयार किया भस्माआरती का कंटेंट
महाकाल लोक में एआर वीआर तकनीक से भस्माआरती कानपुर से पासआउट प्रशांत मिश्रा की स्टार्टअप कंपनी टेकएक्सआर करा रही है। मिश्रा को भस्मा आरती का कंटेंट तैयार करने का आइडिया आया था। वे बताते है कि इस तरह के कंटेंट बनाने के लिए विदेशी कंपनियों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब देश में भी कंटेंट तैयार होते है। मिश्रा की कंपनी भी हाई क्वालिटी एआर और वीआर कॉन्टेंट बनाने में मदद करती थी।
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उनकी कंपनी ने एक डिवाइस तैयार किया है जो थ्रीडी माउस की तरह काम करता है और छह डिग्रियों में मूवमेंट की सुविधा देता है। उस डिवाइस का उपयोग भस्माआरती में किया जा रहा है। उनकी डिवाइस को इंडिया मोबाइल कांग्रेस में भारत सरकार अवार्ड भी दे चुकी है।
