इंदौर: इंदौर-दाहोद रेल लाइन की टीही टनल का काम पूरा, अब होगा सेफ्टी ऑडिट
इंदौर-दाहोद रेल प्रोजेक्ट में ट्रेन संचालन की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। तीन किलोमीटर लंबी टीही टनल में ट्रैक बिछाने का काम पूरा हो चुका है। अब टीही से धार तक 47 किलोमीटर लंबे रेलखंड का निर्माण इसी महीने के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है।
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इंदौर-दाहोद रेल प्रोजेक्ट में सबसे महत्वपूर्ण टीही टनल का काम पूरा हो चुका है। अब टीही से धार तक के रेलखंड का काम इस महीने के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद पूरे ट्रैक के सेफ्टी ऑडिट की तैयारी की जाएगी। ऑडिट पूरा होने के बाद इंदौर से धार के बीच रेलगाड़ी का संचालन शुरू हो सकेगा। धार में स्टेशन भी बनकर तैयार हो चुका है। टनल में तीन हजार मीटर लंबे हिस्से में बैलास्टलेस ट्रैक बिछाने का काम पूरा होने के बाद रेलवे अधिकारियों ने रेलखंड का दौरा किया।
पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि मुख्य अभियंता (प्लानिंग) विकास कुमार और मुख्य अभियंता (निर्माण) धीरज कुमार ने ट्रॉली के माध्यम से पीथमपुर से धार तक के रेलखंड का निरीक्षण किया। इस दौरान रेलवे लाइन, विद्युतीकरण, ब्रिज, अंडरपास, स्टेशन, प्लेटफॉर्म सहित विभिन्न निर्माण कार्यों का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने निर्माण कार्यों में पाई गई कमियों को दूर करने के निर्देश दिए, ताकि समय पर सीआरएस निरीक्षण कराया जा सके।
टनल में लगेंगे एग्जॉस्ट फैन
टीही में तीन किलोमीटर लंबी टनल में ट्रैक बिछाने का काम पूरा हो चुका है। अब टनल के अंदर विद्युतीकरण, प्रकाश व्यवस्था और एग्जॉस्ट फैन लगाने का काम किया जा रहा है। टनल के दोनों छोर पर टीही और पीथमपुर की ओर रेलवे लाइन को जोड़ने के लिए फाउंडेशन बनाने का काम भी अंतिम दौर में है।
पीथमपुर से धार तक के रेलखंड में सिग्नलिंग और विद्युतीकरण का काम 96 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। इंदौर से टीही तक 21 किलोमीटर लंबे रेलखंड का काम पूरा हो गया है। अब रेलवे अधिकारियों का जोर टीही से धार तक 47 किलोमीटर लंबे रेलखंड का निर्माण पूरा करने पर है। इस काम को महीने के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
