Indore: नर्मदा नदी किनारे चौथे चरण का काम शुरू,30 साल तक मिलेगा पानी
इंदौर में भविष्य की बढ़ती आबादी और पानी की जरूरतों को देखते हुए नर्मदा जल परियोजना के चौथे चरण पर काम तेज किया जा रहा है। इसके पूरा होने पर शहर की जल आपूर्ति क्षमता बढ़ेगी और वर्ष 2055 तक की अनुमानित जरूरतों को पूरा करने के लिए व्यवस्था मजबूत होगी।
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इंदौर से करीब 70 किलोमीटर दूर जलूद में 1,500 एमएलडी क्षमता के नए इंटेक वेल का निर्माण शुरू हो गया है। यहां अधिक क्षमता वाले पंप लगाए जाएंगे, जिनकी मदद से जलूद से इंदौर तक पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाया जाएगा।
आबादी बढ़ने के साथ इंदौर में पानी की मांग भी बढ़ेगी। आने वाले वर्षों में जल संकट का दबाव न बढ़े, इसके लिए नगर निगम ने नर्मदा जल परियोजना के चौथे चरण का काम तेज करने की तैयारी की है। हालांकि, इस परियोजना को पूरा होने में दो साल से अधिक का समय लगेगा। चौथे चरण का काम पूरा होने के बाद शहर की जल आपूर्ति क्षमता बढ़ेगी और वर्ष 2055 तक की अनुमानित जरूरतों को पूरा करने के लिए व्यवस्था मजबूत होगी।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार को जलूद पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि नर्मदा जल परियोजना के चौथे चरण के तहत बनाया जा रहा इंटेक वेल भविष्य की जल जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इसमें फिलहाल 15 पंप लगाए जाएंगे। इसकी संरचना इस तरह तैयार की जा रही है कि भविष्य में पांचवें चरण की जरूरत पड़ने पर इसमें नौ अतिरिक्त पंप भी लगाए जा सकें। इससे पानी की मांग बढ़ने पर जल आपूर्ति क्षमता बढ़ाने का विकल्प उपलब्ध रहेगा।
इस इंटेक वेल का कुल व्यास 120 मीटर और ऊंचाई 44 मीटर होगी। इसका निर्माण दो अलग-अलग हिस्सों में किया जा रहा है। प्रत्येक हिस्से का व्यास 60 मीटर होगा। परियोजना की संरचना इस तरह तैयार की जा रही है कि बांध का जलस्तर कम होने या बांध बंद होने की स्थिति में भी इंटेक वेल अपनी निर्धारित क्षमता के अनुरूप काम कर सके।
परियोजना पूरी होने के बाद इंदौर को वर्तमान की तुलना में लगभग दोगुनी मात्रा में पानी मिल सकेगा। इससे भविष्य में बढ़ती मांग को पूरा करने और मौजूदा जल आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा, 400 एमएलडी क्षमता के नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण भी शुरू हो चुका है। इसे वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, जलूद से इंदौर तक नई पाइपलाइन बिछाने का काम भी शुरू किया जाएगा। इसके लिए 500 पाइपों की पहली खेप पहुंच चुकी है।
