वंदे मातरम विवाद: रुबीना खान ने चार दिन बाद खेद जताया, कहा- गुस्से में निकले बोल, निष्कासन के मूड में कांग्रेस
वंदे मातरम विवाद के बाद कांग्रेस पार्टी पर विवादित टिप्पणी करने वाली पार्षद रुबीना इकबाल खान के खेद जताया है। चार दिन तक उनके खिलाफ कांग्रेस संगठन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है, जिससे पार्टी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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उधर चार दिन बाद कांग्रेस को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली पार्षद रुबीना इकबाल खान ने इस मामले में खेद जताया है, लेकिन पार्टी उन्हें माफ करने के मूड में नहीं है। शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि हमने निष्कासन का प्रस्ताव प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेज दिया है, अब फैसला भोपाल से होगा। रुबीना ने कहा कि सदन में पार्षद जातिसूचक नारे लगा रहे थे। इस कारण वे गुस्से में आ गई थीं। बाद में पत्रकारों से चर्चा के दौरान मैंने कांग्रेस पार्टी को लेकर गलत टिप्पणी कर दी, जिसका मुझे खेद है।
पहले भी हो चुकी हैं पार्टी से निष्कासित
रुबीना खान खजराना वार्ड से पार्षद हैं। वे पहले भी बागी उम्मीदवार के तौर पर वार्ड से चुनाव लड़ने के कारण निष्कासित हो चुकी हैं, हालांकि उनके चुनाव जीतने के बाद पार्टी ने फिर उन्हें वापस ले लिया था। रुबीना के पति इकबाल खान कांग्रेस के नेता रहे हैं।
वे चार नंबर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के सामने चुनाव भी लड़ चुके हैं लेकिन जीत नहीं पाए थे। बाद में वे खजराना क्षेत्र में रहने चले गए और वहां नगर निगम चुनाव में वे अपनी पत्नी को चुनाव लड़ाते रहे हैं।
पार्षद फौजिया शेख के बयान लिए
वंदेमातरम विवाद मामले में पुलिस ने पार्षद फौजिया शेख अलीम के बयान लिए हैं। वे शाम को वकीलों के साथ बयान दर्ज कराने थाने पहुँची थीं। पार्षद फौजिया पर आरोप लगा था कि वे सदन में जानबूझकर देर से आईं, ताकि उन्हें वंदेमातरम न गाना पड़े।
