Indore: इंदौर में बनेंगे दो नए आईटी पार्क, 50 से ज्यादा कंपनियों को मिलेगी स्पेस
इंदौर में इससे पहले तीन सरकारी और दो निजी आईटी पार्क है। एक आईटी पार्क आईटी चौराहा पर बना है, जबकि दूसरा परदेशीपुरा क्षेत्र में चार साल पहले बनकर तैयार हुआ है। इसके अलावा सिंहासा में भी आईटी विभाग ने पार्क तैयार किया है।
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इंदौर में आईटी कंपनियों के लिए इको सिस्टम विकसित हो चुका है। फिलहाल 100 से ज्यादा छोटी बड़ी आईटी कंपनियां इंदौर से संचालित हो रही हैं और कई नई कंपनियां भी इंदौर में निवेश करना चाहती हैं। इसके लिए सरकार दो आईटी पार्कों का निर्माण कर रही है। उमसें छोटी कंपनियों को प्लग एंड प्ले की सुविधा दी जाएगी, ताकि रियायती किराए पर उन्हें स्पेस उपलब्ध हो और वे आईटी से जुड़े स्टार्टअप चला सकें।
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एक आईटी पार्क परदेशीपुरा स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स में बनेगा, जबकि दूसरा आईटी पार्क भंवरकुआ क्षेत्र में बनेगा। दोनों के लिए पहले से स्थान मौजूद हैं। 27 अप्रैल को होने वाली आईटी काॅन्क्लेव में दोनों पार्कों की आधारशिला रखी जाएगी। इन पार्कों को एसईजेड का दर्जा मिलेगा। इस कारण कंपनियों को भी उससे जुड़ी रियायतों का लाभ मिलेगा। परदेशीपुरा क्षेत्र में बनने वाले पार्क पर पीपीपी मोड के तहत 250 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और दो हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
इंदौर में इससे पहले तीन सरकारी और दो निजी आईटी पार्क हैं। एक आईटी पार्क आईटी चौराहा पर बना है, जबकि दूसरा परदेशीपुरा क्षेत्र में चार साल पहले बनकर तैयार हुआ है। इसके अलावा सिंहासा में भी आईटी विभाग ने पार्क तैयार किया है। जहां 40 से ज्यादा कंपनियों को प्लाॅट दिए गए हैं।
प्रदेश सरकार ने 10 साल पहले 20 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से टीसीएस और इंफोसिस को 100 और 130 एकड़ जमीन दी है। दोनों कंपनियों ने भी एसईजेड का दर्जा प्राप्त कर अपने कैंपस बनाए हैं। सरकार ने कम दामों पर जमीन देने के साथ यह शर्त भी रखी थी कि 50 प्रतिशत रोजगार प्रदेश के लोगों को देना होंगे। इन दोनों कंपनियों में प्रदेश के कई युवा काम कर रहे हैं।
