Indore: इंदौर बीआरटीएस में भी तुर्किये की कंपनी का ठेका, मेयर के एतराज के बाद ठेका निरस्त
इंदौर में 11 किलोमीटर लंबे बीआरटीएस के जंक्शन पर सरकार ब्रिज बनाना चाहती है। इसके लेकर जो याचिका हाईकोर्ट में चल रही थी। उसमें नगर निगम की तरफ से बीआरटीएस को हटाने का हवाला नगर निगम ने दिया था। कोर्ट ने इसके बाद बीआरटीएस हटाने को कहा
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इंदौर में मेट्रो ट्रेन के फेयर सिस्टम ही नहीं, बीआरटीएस के टिकट सिस्टम का ठेका भी तुर्किये की कंपनी असिस गार्ड के पास था। जब यह मामला मेयर पुष्य मित्र भार्गव के संज्ञान में आया तो उन्होंने ठेका निरस्त करने के निर्देश दिए।
इंदौर से बीआरटीएस को हटाया जा रहा है। इस कारण अफसरों ने भी ठेका रद्द करने में देर नहीं लगाई। तुर्कीए की असिस गार्ड कंपनी से जुड़ी एक कंपनी ड्रोन बनाने का काम करती है। उन ड्रोनों का इस्तेमाल पाकिस्तान ने देश पर किए गए हमलों में किया था। इंदौर में 30 मई से जिस मेट्रो ट्रेन के संचालन की शुरुआत वर्चुअली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। मे्ट्रो मेें मिले टिकट सिस्टम के ठेके की जांच के निर्देश भी नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिए है। कंपनी को सालभर पहले 185 करोड़ रुपये में यह ठेका मिला था।
हाईकोर्ट दे चुका है बीआटीएस हटाने के आदेश
इंदौर में 11 किलोमीटर लंबे बीआरटीएस के जंक्शन पर सरकार ब्रिज बनाना चाहती है। इसके लेकर जो याचिका हाईकोर्ट में चल रही थी। उसमें नगर निगम की तरफ से बीआरटीएस को हटाने का हवाला नगर निगम ने दिया था। कोर्ट ने इसके बाद बीआरटीएस हटाने को कहा। दो माह पहले नगर निगम ने शिवाजी वाटिका के आगे कुछ हिस्से में बीआरटीएस की रैलिंग हटाई थी। बीआरटीएस के सिग्नल, टिकट सिस्टम सहित अन्य काम के ठेके अलग-अलग कंपनियों को दिए गए थे। इसमें तुर्कीए की असिस गार्ड कंपनी भी शामिल थी। पिछले दिनो ही बोर्ड बैठक में सभी कंपनियों के ठेके निरस्त करने पर सहमति बनी थी। असिस कंपनी को वर्ष 2019 में बीआरटीएस का ठेका दिया गया था। कंपनी ने बस स्टेशनों पर उपकरण भी लगाए थे।
