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एयरपोर्ट हादसे को एक साल: बेकाबू ट्रक रोककर सैकड़ों लोगों की जान बचाई, आरक्षक पंकज को विघ्नहर्ता अवॉर्ड
Wed, 23 Sep 2026 03:54 PM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Wed, 23 Sep 2026 03:54 PM IST
सार
इंदौर के पलासिया यातायात कार्यालय में कृष्णा गुरुजी ने बेकाबू और जलते ट्रक को रोककर लोगों की जान बचाने वाले ट्रैफिक आरक्षक पंकज यादव को तिरंगा दुपट्टा पहनाकर 'विघ्नहर्ता अवॉर्ड 2026' से सम्मानित किया और उनकी कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की।
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आरक्षक पंकज को विघ्नहर्ता अवॉर्ड।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
इंदौर के पलासिया स्थित यातायात कार्यालय में एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की रक्षा करने वाले यातायात आरक्षक पंकज यादव को विघ्नहर्ता अवॉर्ड 2026 से नवाजा गया। कृष्णकांत मिश्रा, जिन्हें कृष्णा गुरुजी के नाम से जाना जाता है, उन्होंने स्वयं पलासिया स्थित कार्यालय पहुंचकर आरक्षक का अभिनंदन किया और उन्हें यह पुरस्कार सौंपा।
तिरंगे दुपट्टे से किया गया आरक्षक का अभिनंदन
पुरस्कार प्रदान करने की प्रक्रिया के दौरान कृष्णा गुरुजी ने यातायात आरक्षक पंकज यादव के कंधों पर सम्मानपूर्वक तिरंगा दुपट्टा डाला। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार केवल एक पुलिसकर्मी की वर्दी का सम्मान नहीं है, बल्कि उस जिम्मेदार नागरिक की भावना का आदर है, जिसने संकट के समय अपनी निजी सुरक्षा की परवाह किए बिना दूसरों के जीवन को प्राथमिकता दी।
अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय
यह घटना 15 सितंबर 2025 की है, जब शहर के रामचंद्र नगर से एयरपोर्ट रोड के बीच एक बेकाबू ट्रक ने अत्यधिक गंभीर स्थिति उत्पन्न कर दी थी। वह ट्रक कई वाहनों को टक्कर मारते हुए आगे बढ़ रहा था और इसी दौरान उसमें आग भी लग गई थी। इस भयावह परिस्थिति में आरक्षक पंकज यादव ने साहस दिखाया और ट्रक का पीछा करना शुरू किया। उन्होंने रास्ते में चल रहे अन्य वाहन चालकों तथा नागरिकों को समय रहते चेतावनी दी और ट्रक को रुकवाने के साथ-साथ चालक को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कृष्णा गुरुजी के अनुसार, अपनी जान की चिंता हर व्यक्ति करता है, परंतु किसी अजनबी की जान बचाने के लिए खुद को संकट में डालना सच्चे अर्थों में विघ्नहर्ता की पहचान है।
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गणेश आरती के मानवीकरण की अनूठी पहल
कृष्णा गुरुजी समाज में वास्तविक रूप से दूसरों के कष्ट दूर करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करने के लिए गणेश आरती के मानवीकरण की पहल चला रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भगवान गणेश की पूजा-अर्चना मंदिरों और घरों में की जाती है, परंतु समाज में जो व्यक्ति किसी के संकट के समय आगे आकर उसका सहयोग करता है, उसमें भी ईश्वर के रूप को देखना चाहिए। उन्होंने अपील की कि समाज ऐसे नायकों को पहचाने जो अपने कर्मों से दूसरों के जीवन का संकट दूर कर रहे हैं।
सुरक्षित यातायात और नागरिक जिम्मेदारी पर जोर
समारोह के दौरान कृष्णा गुरुजी ने कहा कि यातायात पुलिस केवल नियमों का पालन कराने वाली संस्था नहीं है, बल्कि दुर्घटनाओं और संकट के समय जीवन बचाने वाली पहली पंक्ति के रूप में कार्य करती है। उन्होंने नागरिकों से यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि सड़क पर की गई छोटी सी लापरवाही किसी परिवार के लिए जीवनभर का दुख बन सकती है। सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना केवल पुलिस का कार्य नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है। इस अवसर पर विजय मोरे, नितेश पटेल और प्रदीप मिश्रा भी उपस्थित थे, जिन्होंने पंकज यादव की सराहना की। अंत में कृष्णा गुरुजी ने यातायात विभाग के प्रमुख और कर्मचारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
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तिरंगे दुपट्टे से किया गया आरक्षक का अभिनंदन
पुरस्कार प्रदान करने की प्रक्रिया के दौरान कृष्णा गुरुजी ने यातायात आरक्षक पंकज यादव के कंधों पर सम्मानपूर्वक तिरंगा दुपट्टा डाला। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार केवल एक पुलिसकर्मी की वर्दी का सम्मान नहीं है, बल्कि उस जिम्मेदार नागरिक की भावना का आदर है, जिसने संकट के समय अपनी निजी सुरक्षा की परवाह किए बिना दूसरों के जीवन को प्राथमिकता दी।
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अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय
यह घटना 15 सितंबर 2025 की है, जब शहर के रामचंद्र नगर से एयरपोर्ट रोड के बीच एक बेकाबू ट्रक ने अत्यधिक गंभीर स्थिति उत्पन्न कर दी थी। वह ट्रक कई वाहनों को टक्कर मारते हुए आगे बढ़ रहा था और इसी दौरान उसमें आग भी लग गई थी। इस भयावह परिस्थिति में आरक्षक पंकज यादव ने साहस दिखाया और ट्रक का पीछा करना शुरू किया। उन्होंने रास्ते में चल रहे अन्य वाहन चालकों तथा नागरिकों को समय रहते चेतावनी दी और ट्रक को रुकवाने के साथ-साथ चालक को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कृष्णा गुरुजी के अनुसार, अपनी जान की चिंता हर व्यक्ति करता है, परंतु किसी अजनबी की जान बचाने के लिए खुद को संकट में डालना सच्चे अर्थों में विघ्नहर्ता की पहचान है।
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गणेश आरती के मानवीकरण की अनूठी पहल
कृष्णा गुरुजी समाज में वास्तविक रूप से दूसरों के कष्ट दूर करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करने के लिए गणेश आरती के मानवीकरण की पहल चला रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भगवान गणेश की पूजा-अर्चना मंदिरों और घरों में की जाती है, परंतु समाज में जो व्यक्ति किसी के संकट के समय आगे आकर उसका सहयोग करता है, उसमें भी ईश्वर के रूप को देखना चाहिए। उन्होंने अपील की कि समाज ऐसे नायकों को पहचाने जो अपने कर्मों से दूसरों के जीवन का संकट दूर कर रहे हैं।
सुरक्षित यातायात और नागरिक जिम्मेदारी पर जोर
समारोह के दौरान कृष्णा गुरुजी ने कहा कि यातायात पुलिस केवल नियमों का पालन कराने वाली संस्था नहीं है, बल्कि दुर्घटनाओं और संकट के समय जीवन बचाने वाली पहली पंक्ति के रूप में कार्य करती है। उन्होंने नागरिकों से यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि सड़क पर की गई छोटी सी लापरवाही किसी परिवार के लिए जीवनभर का दुख बन सकती है। सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना केवल पुलिस का कार्य नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है। इस अवसर पर विजय मोरे, नितेश पटेल और प्रदीप मिश्रा भी उपस्थित थे, जिन्होंने पंकज यादव की सराहना की। अंत में कृष्णा गुरुजी ने यातायात विभाग के प्रमुख और कर्मचारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
