Indore: इंदौर के होलकर स्टेडियम की दूधिया रोशनी बढ़ी, एलईडी लगाने से बिजली खपत हो गई कम
पहले स्टेडियम के टाॅवरों पर जो हेलोजन लगे थे। उनका रखरखाव भी ज्यादा होता था। टाॅवरों पर प्रशिक्षित कर्मचारी ही चढ़ पाते है। इस कारण रखरखाव में जोखिम भी ज्यादा रहता था और खर्च भी अधिक लगता था, लेकिन अब एलईडी लाइट लगाने से रखरखाव भी कम होगा।
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इंदौर के होलकर स्टेडियम में अब डे-नाइट क्रिकेट मैच ज्यादा दुधिया रोशनी में खेले जा सकेंगे। स्टेडियम की लाइट सत्रह साल बाद बदली गई है। स्टेडियम में जो छह टाॅवरों से दूधिया रोशनी हरी घास पर आती है। उस पर अब नए 378 एलईडी लाइट लगाई जा रही है। इससे स्टेडियम की रोशनी बढ़ गई है और आने वाले बिजली बिल की खपत भी कम हो गई है।
रखरखाव भी होगा कम
पहले स्टेडियम के टाॅवरों पर जो हेलोजन लगे थे। उनका रखरखाव भी ज्यादा होता था। टाॅवरों पर प्रशिक्षित कर्मचारी ही चढ़ पाते है। इस कारण रखरखाव में जोखिम भी ज्यादा रहता था और खर्च भी अधिक लगता था, लेकिन अब एलईडी लाइट लगाने से रखरखाव भी कम होगा। महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप के इस वर्ष होने वाले मुकाबले के कुछ मैच इंदौर के इस होलकर स्टेडियम में भी खेले जा सकते है।
30 हजार की बैठक क्षमता
इस स्टेडियम में रणजी मैच और क्रिकेट के अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले हो चुके हैै। ज्यादातर डे-नाइट क्रिकेट मैच इस स्टेडियम में हुए है। स्टेडियम की बैठक क्षमता तीस हजार है। यह स्टेडियम ग्वालियर के रणजीत सिंह स्टेडियम की तुलना में बड़ा है। इसका निर्माण मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने किया है।
वर्ष 2010 में इस स्टेडियम का नाम उषा राजे स्टेडियम से बदलकर होलकर स्टेडियम किया गया है। क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए अंतर्राष्ट्रीय मैच में 219 रन बनाने का रिकार्ड इस स्टेडियम में 8 दिसंबर 2011 को बनाया था। इंदौर में एमपीसीए एक और स्टेडियम बनाना चाहता है। इसके लिए सुपर काॅरिडोर पर इंदौर विकास प्राधिकरण से जमीन खरीदने की पेशकश भी की गई थी, लेकिन आईडीए ज्यादा राशि मांग रहा था। इस कारण सौदा नहीं हो पाया।
