फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore: Tenders could not be conducted as per code of conduct, mark sheets of Devi Ahilya University finished,

Indore: आचार संहिता में नहीं हो पाए टेंडर, देवी अहिल्या विवि की मार्कशीट खत्म, हजारों विद्यार्थियों परेशान

Fri, 12 Jan 2024 09:18 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Fri, 12 Jan 2024 09:18 PM IST
सार

रिजल्ट आने के बाद विद्यार्थियों को अंकसूची प्रिंट कर देने का जिम्मा विवि के आइटी सेंटर का रहता है। सितंबर अक्टूबर तक अफसरों को अंकसूची की कमी का पता चल गया था, लेकिन उसके बाद आचार संहिता लग गई और नई अंकसूची के टेंडर भी अटक गए।

विज्ञापन
Indore: Tenders could not be conducted as per code of conduct, mark sheets of Devi Ahilya University finished,
देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी - फोटो : amar ujala digital

विस्तार

नवबंर में हुए विधानसभा चुनाव के लिए लगी आचार संहिता ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के हजारों विद्यार्थियों की मार्कशीट अटका दी। विवि के अफसरों को आचार संहिता लगने से पहले टेंडर जारी करने की याद नहीं रही और विवि ने आचार संहिता में ही बीए, बीकाम, बीएससी प्रथम व द्वितीय वर्ष और एमए, एमकाम, एमएससी दूसरे और चौथे सेमेस्टर के रिजल्ट घोषित कर दिए, लेकिन रिजल्ट छापने के लिए अंकसूचियां ही नहीं थी।

विज्ञापन


स्टाॅक में रखी करीब 70 हजार मार्कशीट पर अंक चढ़ाकर  अधिकारियों ने सिर्फ स्नातक और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं के लिए अंकसूची कालेजों में पहुंचाई,अन्य कक्षा के विद्यार्थी अब तक मार्कशीट का इंतजार कर रहे है। डेढ़ लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं है, जिन्हें अपनी अंकसूची नहीं मिली।
विज्ञापन


अंकसूची नहीं होने से माइग्रेशन-ट्रांसक्रिप्ट और डिग्री बनाने का काम भी प्रभावित हो चुकी है। विद्यार्थियों के दबाव में विवि प्रशाासन ने कम्प्युटराइज्ड मार्कशीट को सत्यापित करने की अनुमति दी है, ताकि विद्यार्थियों को अागे की पढ़ाई या नौकरी में परेशानी न हो।

विज्ञापन
विज्ञापन

रिजल्ट आने के बाद विद्यार्थियों को अंकसूची प्रिंट कर देने का जिम्मा विवि के आइटी सेंटर का रहता है। सितंबर अक्टूबर तक अफसरों को अंकसूची की कमी का पता चल गया था, लेकिन उसके बाद आचार संहिता लग गई और नई अंकसूची के टेंडर भी अटक गए।। विवि के स्टाॅक में भी 70 हजार अंकसूचियां थी,जबकि डेढ़ लाख से ज्यादा विद्यार्थियों के रिजल्ट विवि घोषित कर चुका था,लेकिन अंक चढ़ाने के लिए मार्कशीट नहीं थी।

आइटी सेंटर ने विश्वविद्यालय के संबंधित विभाग को इसके बारे में सूचित कर दिया था, लेकिन अफसरों ने लापरवाही बरती। स्टाक में रखी अंकसूची विद्यार्थियों को देने का फैसला हुआ, लेकिन प्राथमिकता स्नातक और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं को दी गई और उनकी अंकसूची कालेजों में पहुंचाई।



अंकसूची नहीं मिलने से सबसे ज्यादा परेशान विद्यार्थी वे है जिन्होंने काॅलेज बदले है।अंकसूची नहीं होने से माइग्रेशन बनाने में दिक्कतें आ रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कम्प्युटराइज्ड अंकसूची को सत्यापित करने की प्रक्रिया शुरू की। उसके आधार पर अब विश्वविद्यालय माइग्रेशन बनाए जा रहे है। डीएवीवी के परीक्षा नियंत्रक डा. अशेष तिवारी के अनुसार जल्दी ही अंकसूची आ जाएगी। टेंडर जारी हो चुके है। एक माह में काॅलेजों में अंकसूचियां पहुंचा दी जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed