Indore: ड्रग स्मगलिंग में छात्र को फंसाने के मामले में नपे छह पुलिसकर्मी, हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी
एसपी ने कोर्ट को बताया कि ड्रग स्मगलिंग मामले में छात्र को गिरफ्तार करने वाले छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।एसपी ने माना कि छात्र निर्दोष है। कोर्ट के समक्ष एसपी ने निलंबित पुलिसकर्मियों के नाम नहीं बताए।
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ड्रग स्मगलिंग में बस में सवार छात्र को जबरन फंसाने के मामले में मंदसौर पुलिस विभाग के छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। यह जानकारी हाईकोर्ट में मंदसौर एसपी विनोद कुमार मीणा ने दी। वे खुद कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच भी शुरू हो गई है। कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है और फैसला सुरक्षित रख लिया है।
एसपी ने स्वीकारा कि छह पुलिसकर्मियों ने गलती की और उन्होंने ड्रग तस्करी मामले में निर्दोष छात्र को बस से उठाया और थाने पर लाकर शाम को केस दर्ज कर दिया। कोर्ट को यह भी बताया गया कि मल्हारगढ़ थाने के पुलिसकर्मियों छात्र की बस से गिरफ्तारी का जो समय एफआईआर में दर्ज किया है। उसमें स्थान व समय का अंतर है। कोर्ट ने माना कि छात्र को बेवहज फंसाया गया।
एसपी ने कोर्ट को बताया कि छात्र को गिरफ्तार करने वाले छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ मंदसौर पुलिस ने विभागीय जांच शुरू कर दी है, हालांकि कोर्ट के समक्ष पुलिसकर्मियों के नाम नहीं बताए गए। इस केस में सरकार की तरफ से वकील ने तर्क रखे कि ट्रायल कोर्ट में केस सुनवाई में स्थिति साफ हो जाएगी, तो कोर्ट ने कहा कि तो क्या दस साल तक एक बेगुनाह इसके लिए इंतजार करेगा।
कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। आपको बता दे कि 29 अगस्त को ढाई किलो से ज्यादा अफीम के साथ पुलिस ने छात्र सोहन पिता बालाराम निवासी जोधपुर की गिरफ्तारी दिखाई थी। उसे कोर्ट में पेश कर मंदसौर पुलिस ने जेल भेज दिया था,जबकि छात्र 12 वीं में प्रथम श्रेणी में पास हुआ था। परिजनों ने बड़ी मशक्कत के बाद उस बस के सीसीटीवी फुटेज प्राप्त किए। जिसमें युवक सवार था। जब उसे बस से पकड़ा गया तो वह खाली हाथ था।
