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Indore: वोटिंग वाले दिन पेश होना चाहता था घोटाले का सरगना राठौर, दूसरेे अफसरों को बता रहा घोटाले का साझेदार

Sun, 12 May 2024 08:01 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Sun, 12 May 2024 08:01 PM IST
सार

अभय ने सबसे ज्यादा समय जल यंत्रालय मेें गुजारा। किराए के टैंकरों को लगाना और उनके भुगतान का मामला वह देखता था। अपने रिश्तेदारों के टैंकर नगर निगम में किराए पर लेता था। 

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Indore: Scam kingpin Rathore wanted to appear on the voting day, was telling other officers that he was a part
पुलिस गिरफ्तार में अभय राठौर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नगर निगम के ड्रेनेज घोटाले के मास्टरमाइंड इंजीनियर अभय राठौर फिलहाल पुलिस रिमांड पर है। वह पुलिस को रटे-रटाए जवाब दे रहा हैै। उसने कहा कि वह निर्दोष है और खुद मतदान वाले दिन( 13 मई) पेश होना चाहता था, लेकिन पुलिस ने उससे पहले पकड़ लियाा। उसने पुलिस को बताया कि वह घोटाले का मास्टरमाइंड नहीं है, बल्कि दूसरे अफसर भी घोटाले में शामिल हैै। उसने चीफ इंजीनियर सुनील गुप्ता पर आरोप लगाया कि उसने भी करोड़ों रुपये का घोटाला किया हैै। उसके कार्यकाल में हुए कामों की जांच होना चाहिए।

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राठौर पूछताछ मेें कह रहा है  कि आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो के छापे के बाद वह लंबे समय तक निलंबित था और उसे निर्वाचन कार्यालय में अटैच किया कर रखा था। मैं वहां बैठे-बैठे कैसे 100 करोड़ के घोटाले को अंजाम दे सकता हुं। मुझे फंसाने की साजिश की गई है,क्योकि निलंबन समाप्त होने के बाद जब मुझे फिर बिजली शाखा की जिम्मेदारी दी गई। उसके बाद ही घोटाला क्यों उजागर किया गया। वह दूसरेे अन्य अफसरों को भी घोटाले का साझेदार बता रहा है।

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खुद कागजों पर हस्ताक्षर से बचता था राठौर

अभय राठौर खुद इतना शातिर है कि जिन फर्जी फाइलों के जरिए घोटाला किया। उसमे उसके हस्ताक्षर नहीं है। फर्जी फाइलों पर दूसरे अफसरों के हस्ताक्षर करवाता था। पुलिस आरोपियों के हस्ताक्षर मिलान भी करा रही है, ताकि यह पता चल सके कि फाइलों पर अफसरों के फर्जी हस्ताक्षर कौन करता था। लेखा विभाग के कर्मचारियों ने उसका नाम कबूल किया था। उसके बाद पुलिस ने उसे आरोपी बनाया था। उधर पुलिस ने फाइलों पर हुए हस्ताक्षरों की तकनीकी जांच भी शुरू की हैै

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एमआईसी मेेंबरों का भी खास रहा अभय

अभय ने सबसे ज्यादा समय जल यंत्रालय मेें गुजारा। किराए के टैंकरों को लगाना और उनके भुगतान का मामला वह देखता था। अपने रिश्तेदारों के टैंकर नगर निगम में किराए पर लेता था। 15 साल पहले इंदौर में गहराए जलसंकट के समय नगर निगम ने टैंकरों से जल वितरण कराने के लिए होमगार्ड जवानों की मदद ली थी। तब राठौर नेे कुछ होमगार्डों को अपने घर पर तैनात करा दिया था, ताकि काॅलोनी के रहवासियों पर रौब जमा सके। राठौर ने ट्रेंचिंग ग्राउंड पर भी चार करोड़ का घोटाला किया था। वह एमआईसी मेंबरों का भी खास बनकर रहता था।  

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