{"_id":"6ad5e900c0bb62d1f005dfc3","slug":"indore-sarafa-gold-smuggling-case-court-rejects-bail-100-crore-investigation-2026-10-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंदौर: नकद सोना खरीदने वाले ग्राहक जांच के घेरे में, 100 करोड़ की सोना खरीदी में व्यापारियों की जमानत खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंदौर: नकद सोना खरीदने वाले ग्राहक जांच के घेरे में, 100 करोड़ की सोना खरीदी में व्यापारियों की जमानत खारिज
Mon, 19 Oct 2026 03:25 PM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Mon, 19 Oct 2026 03:25 PM IST
सार
इंदौर में सोना तस्करी के बड़े मामले का खुलासा हुआ है जहां सराफा कारोबारी ने दो-तीन साल में सौ करोड़ से अधिक का 90 किलो सोना खरीदा। कार से सोने के बिस्किट मिलने पर मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और कोर्ट ने उनकी जमानत खारिज कर दी है।
विज्ञापन
बैंक लॉकर में रखा सोना।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इंदौर में सोने की तस्करी से जुड़े एक बड़े मामले में जांच एजेंसी DRI (डायरेक्टर ऑफ रेवेन्यु इंटेलीजेंस) की पूछताछ में एक चौंकाने वाला सच सामने आया है। एजेंसी के अनुसार आभूषण कारोबारी दीपक खंडेलवाल और उनके बेटे नकुल खंडेलवाल ने पिछले 2 से 3 साल के दौरान करीब 90 किलो सोना खरीदा, जिसकी कुल बाजार कीमत 100 करोड़ रुपए से भी अधिक आंकी गई है। अधिकारियों को यह आशंका है कि यह पूरा सोना विदेश से अवैध तरीके से देश के भीतर लाया गया था और बाद में आभूषण के कारोबार के माध्यम से आम बाजार में खपाया गया। कारोबारी दीपक खंडेलवाल और उनके बेटे नकुल खंडेलवाल की जमानत याचिका आज जिला कोर्ट ने खारिज कर दी है। वहीं दूसरी तरफ पिता-पुत्र ने कोर्ट में तस्करी के सोने की खरीद से इनकार किया है।
कार की तलाशी में मिले थे सोने के बिस्किट
इस पूरी कार्रवाई की शुरुआत तब हुई जब जांच एजेंसी को पुख्ता सूचना मिली थी कि रोमेल और यश लालवानी पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र से सोना लेकर इस शहर की तरफ आ रहे हैं। इस सूचना के आधार पर अधिकारियों की टीम ने 14 अगस्त को एक संदिग्ध कार को रोककर उसकी गहन तलाशी ली। वाहन में सवार रोमेल और यश लालवानी को पकड़ा गया और तलाशी के दौरान आगे की सीट के नीचे बने एक डिब्बे से सोने के 3 भारी बिस्किट बरामद किए गए, जिनकी कीमत 4 करोड़ आंकी गई। पूछताछ के दौरान यह महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई कि यह सोना यहां के एक स्थानीय कारोबारी को ही बेचा जाना था।
बड़े स्तर पर करोड़ों के अवैध कारोबार की बात सामने आई
जांच का दायरा बढ़ने पर स्थानीय सराफा बाजार से जुड़े एक प्रतिष्ठान का संबंध मुख्य आरोपियों के साथ पाया गया। आरोपियों को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया गया था। एजेंसी की विस्तृत जांच में एक अन्य व्यक्ति के माध्यम से पिछले कुछ वर्षों में बड़े पैमाने पर सोने की खरीद करने का तथ्य सामने आया। अधिकारी इस बात की भी बारीकी से जांच कर रहे हैं कि इस संपूर्ण खरीद-फरोख्त के दौरान सरकारी कर यानी सीमा शुल्क की चोरी किस प्रकार की गई और इसमें कौन-कौन लोग सीधे तौर पर शामिल थे।
विज्ञापन
नकद भुगतान करने वाले ग्राहक भी जांच के घेरे में
इतनी भारी मात्रा में सोने की खरीद का मामला सामने आने के बाद अब जांच एजेंसी का शिकंजा उन बड़े ग्राहकों पर भी कसता जा रहा है जिन्होंने कथित तौर पर भारी मात्रा में नकद राशि देकर सोना खरीदा था। इसके अलावा कुछ अन्य स्थानीय दुकानदारों की संदिग्ध भूमिका की भी लगातार छानबीन की जा रही है, हालांकि इनकी संलिप्तता की अधिकारिक पुष्टि पूरी जांच प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
अदालत ने खारिज की आरोपियों की जमानत याचिका
अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपियों के अधिवक्ताओं ने तस्करी के इस पूरे कारोबार से किसी भी प्रकार का संबंध होने से साफ इंकार किया। उनके पक्ष में यह दलील दी गई कि वे लंबे समय से इस व्यवसाय से जुड़े हैं और अपने परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर गए थे तभी उन्हें पकड़ा गया। वहीं दूसरी ओर सरकारी पक्ष ने एजेंसी के तर्कों को मजबूती से रखा। दोनों पक्षों की लंबी दलीलें सुनने के बाद जिला न्यायालय ने आरोपी पिता और पुत्र की जमानत याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया।
विज्ञापन
कार की तलाशी में मिले थे सोने के बिस्किट
इस पूरी कार्रवाई की शुरुआत तब हुई जब जांच एजेंसी को पुख्ता सूचना मिली थी कि रोमेल और यश लालवानी पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र से सोना लेकर इस शहर की तरफ आ रहे हैं। इस सूचना के आधार पर अधिकारियों की टीम ने 14 अगस्त को एक संदिग्ध कार को रोककर उसकी गहन तलाशी ली। वाहन में सवार रोमेल और यश लालवानी को पकड़ा गया और तलाशी के दौरान आगे की सीट के नीचे बने एक डिब्बे से सोने के 3 भारी बिस्किट बरामद किए गए, जिनकी कीमत 4 करोड़ आंकी गई। पूछताछ के दौरान यह महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई कि यह सोना यहां के एक स्थानीय कारोबारी को ही बेचा जाना था।
विज्ञापन
बड़े स्तर पर करोड़ों के अवैध कारोबार की बात सामने आई
जांच का दायरा बढ़ने पर स्थानीय सराफा बाजार से जुड़े एक प्रतिष्ठान का संबंध मुख्य आरोपियों के साथ पाया गया। आरोपियों को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया गया था। एजेंसी की विस्तृत जांच में एक अन्य व्यक्ति के माध्यम से पिछले कुछ वर्षों में बड़े पैमाने पर सोने की खरीद करने का तथ्य सामने आया। अधिकारी इस बात की भी बारीकी से जांच कर रहे हैं कि इस संपूर्ण खरीद-फरोख्त के दौरान सरकारी कर यानी सीमा शुल्क की चोरी किस प्रकार की गई और इसमें कौन-कौन लोग सीधे तौर पर शामिल थे।
विज्ञापन
नकद भुगतान करने वाले ग्राहक भी जांच के घेरे में
इतनी भारी मात्रा में सोने की खरीद का मामला सामने आने के बाद अब जांच एजेंसी का शिकंजा उन बड़े ग्राहकों पर भी कसता जा रहा है जिन्होंने कथित तौर पर भारी मात्रा में नकद राशि देकर सोना खरीदा था। इसके अलावा कुछ अन्य स्थानीय दुकानदारों की संदिग्ध भूमिका की भी लगातार छानबीन की जा रही है, हालांकि इनकी संलिप्तता की अधिकारिक पुष्टि पूरी जांच प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
अदालत ने खारिज की आरोपियों की जमानत याचिका
अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपियों के अधिवक्ताओं ने तस्करी के इस पूरे कारोबार से किसी भी प्रकार का संबंध होने से साफ इंकार किया। उनके पक्ष में यह दलील दी गई कि वे लंबे समय से इस व्यवसाय से जुड़े हैं और अपने परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर गए थे तभी उन्हें पकड़ा गया। वहीं दूसरी ओर सरकारी पक्ष ने एजेंसी के तर्कों को मजबूती से रखा। दोनों पक्षों की लंबी दलीलें सुनने के बाद जिला न्यायालय ने आरोपी पिता और पुत्र की जमानत याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया।
