Indore: इंदौर में नए मालवा मिल ब्रिज की खामियों पर पेचवर्क, गेप पर लगाई सीमेंट
जिस हिस्से में ब्रिज बना है, वहां दोनों तरफ की सड़कों को ढलान है। इसके चलते वहां वर्षाजल निकासी के लिए बड़ा चैंबर भी बनाया गया है। रविवार को ब्रिज के नीचे नाले की सफाई की गई और निर्माण सामग्री को हटाया गया। पुराने ब्रिज की ईटें भी नाले में पड़ी थी।
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इंदौर में मालवा मिल-पाटनीपुरा मार्ग पर बना नया ब्रिज लोकार्पण के बाद से ही चर्चा में है। ट्रैफिक के लिए ब्रिज खोले जाने के दूसरे दिन शहर में बारिश हुई और ब्रिज पर पानी भर गया। इसके अलावा ब्रिज के दोनों तरफ स्लैब और सड़क पर गेप होने से वाहन चालकों को दचके भी लग रहे थे। इस खामियों को लेकर नगर निगम की किरकिरी हो रही थी। इसके बाद अफसरों ने ठेकेदार कंपनी को ब्रिज की खामियां दूर करने को कहा।
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रविवार सुबह ब्रिज के एक तरफ के हिस्से में बेरिकेड लगा दिए गए और गेप को सीमेंट के मिश्रण से भरा जा रहा था। यह काम चलते ट्रैफिक के बीच दिन में किया गया। उसे मजबूत होने और सूखने में दो से तीन दिन का समय लगेगा। यदि उससे पहले उस पर यातायात शुरू हो गया तो फिर पेचवर्क टूट जाएगा। अब सोमवार को ब्रिज के दूसरे हिस्से में गेप को भरा जाएगा। इसके अलावा ब्रिज की जल निकासी के लिए बनाई गई नालियों की भी सफाई की गई।
जिस हिस्से में ब्रिज बना है, वहां दोनों तरफ की सड़कों को ढलान है। इसके चलते वहां वर्षाजल निकासी के लिए बड़ा चैंबर भी बनाया गया है। रविवार को ब्रिज के नीचे नाले की सफाई की गई और निर्माण सामग्री को हटाया गया। पुराने ब्रिज की ईटें भी नाले में पड़ी थी। उन्हें भी निकाला गया।
आपको बता दें कि ब्रिज निर्माण के कारण आठ माह से पाटनीपुरा मार्ग बंद था। व्यापारियों का भी नगर निगम पर दबाव था कि वे दीपावली त्यौहार से पहले ब्रिज आवागमन के लिए खोलें। इस कारण दशहरे के पर्व पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ब्रिज का लोकार्पण किया, लेकिन ब्रिज का कुछ काम बचा हुआ है।
