Indore Election News: इंदौर के वार्ड 83 में हुए उपचुनाव में 41.32% मतदान, 13 सितंबर को आएगा परिणाम
21 हजार मतदाताओं में से 8979 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। मैदान में 6 उम्मीदवार थे।
विस्तार
इंदौर में नगर निगम के वार्ड क्रमांक 83 के रिक्त पार्षद पद के लिए बुधवार को उप चुनाव कराया गया। क्षेत्र के 21 हजार 731 मतदाताओं में से 8979 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। शाम पांच बजे तक 41.32 प्रतिशत ही मतदान हुआ। अब 13 सितंबर को छह उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा। यह उपचुनाव भाजपा पार्षद कमल लढ्ढा के निधन के कारण कराया गया।
वर्किंग डे होने से मतदान धीमा
मतदान बढ़ाने की अपील, फिर भी कम वोटिंग
इन उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य तय होगा
नेहरू स्टेडियम में रखेंगे ईवीएम
सुबह सात बजे से शुरू हुआ यह मतदान शाम पांच बजे तक चला। मतगणना 13 सितंबर को सुबह 9 बजे से होगी। आम आदमी पार्टी के नेता ने चुनाव से ठीक पहले अपना नाम वापस ले लिया था। भाजपा और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला है।
मतदान के लिए कुल 31 मतदान केंद्र बनाए गए थे। वोटिंग कराने के लिए प्रशिक्षित मतदान दल मतदान सामग्री लेकर मंगलवार शाम को ही मतदान केंद्रों पर पहुंच गए थे। सुबह से ही वोटिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई। सभी केंद्रों पर वोटिंग हुई लेकिन बुधवार को अवकाश नहीं होने के कारण वोटिंग बहुत ही धीमी गति से चली।
राजनीतिक प्रत्याशियों के समर्थकों द्वारा मतदान बढ़ाने के लिए लगातार अपील की गई थी, इसके बावजूद मतदान कम रहा। सोशल मीडिया के साथ ही गलियों में घूमकर भी कार्यकर्ताओं ने अधिक से अधिक मतदान करने के लिए जनता से अपील की। त्योहारी सीजन होने से भी मतदान धीमा रहा और लोग घरों से नहीं निकले।
वार्ड 83 के उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी विकास जोशी, कांग्रेस के डमी प्रत्याशी (निर्दलीय) संजय मालवीय, भाजपा प्रत्याशी जितेंद्र राठौर और बहुजन समाज पार्टी की प्रत्याशी पूजा साहनी के साथ ही योगेंद्र मौर्य और विनोद सिंह सूर्यवंशी निर्दलीय चुनाव मैदान में है। बता दें, आप पार्टी के पारस जैन ने नामांकन वापस ले लिया था।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष सिंह के निर्देशन में निर्भीक, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए थे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। तीन-तीन सेक्टर ऑफिसर और कार्यापालक मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए गए। मतदान के पश्चात नेहरू स्टेडियम में ही बने स्ट्रॉन्ग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच ईवीएम मशीनें रखी गईं।
