इंदौर: घर से बाहर गए थे माता-पिता, इंदौर में नौवीं कक्षा की छात्रा ने फांसी लगाई, सुसाइड नोट नहीं मिला
स्कीम नंबर 71 में नौवीं कक्षा की एक मेधावी छात्रा ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहने वाली और अंतर्मुखी स्वभाव की वैष्णवी ने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया, इसका सुराग पुलिस को मौके से नहीं मिला है।
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इंदौर में नौवीं कक्षा की छात्रा ने फांसी लगाकर जान दे दी। वह पढ़ाई में अच्छी थी और हमेशा फर्स्ट डिविजन में नंबर लाती थी। उसने आत्महत्या क्यों की, इसकी वजह पता नहीं चली है। पुलिस को उस रूम से सुसाइड नोट भी नहीं मिला, जहां उसने फांसी लगाई थी। पुलिस छात्रा के मोबाइल से जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है कि कहीं आत्महत्या करने से पहले उसने कुछ बात रिकॉर्ड की हो। माता-पिता से छात्रा ने आत्महत्या से पहले कोई बात नहीं की।
इंदौर के स्कीम नंबर 71 में रहने वाली वैष्णवी गोस्वामी सराफा विद्या निकेतन में पढ़ती थी। परिजनों ने पुलिस को बताया कि वैष्णवी पढ़ने में तेज थी, लेकिन अंतर्मुखी स्वभाव की थी। उसने कभी यह जाहिर नहीं होने दिया कि वह किसी तरह के तनाव से गुजर रही है।
सुबह माता-पिता घर से बाहर गए तो वैष्णवी ने कमरे में फांसी का फंदा बनाया और फांसी लगा दी। माता-पिता घर लौटे तो उन्होंने वैष्णवी को फंदे से उतारा और अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसकी नब्ज जांची, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचाया और मौके पर पहुंची, लेकिन वहां कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। परिवार में माता-पिता के अलावा एक भाई भी है। आत्महत्या के वक्त भाई घर पर ही था, लेकिन वैष्णवी ने उससे भी कुछ बात नहीं की।
