फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore: Opposition to burning of toxic waste of Union Carbide in Pithampur intensifies, public representatives

Indore: पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का विषैला कचरा जलाने के विरोध का विरोध तेज, जनप्रतिनिधि भी पक्ष में नहीं

Fri, 13 Dec 2024 08:09 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Fri, 13 Dec 2024 08:09 PM IST
सार

अब फिर 337 टन कचरे के निपटान की तैयारी के लिए रामकी कंपनी को कहा गया है। पीथमपुर में हुई बैठक मेें जनप्रतिनिधियों ने अफसरों के सामने जमकर विरोध जताया और कहा कि पहले दस टन कचरे के कारण गांव के लोगों को जीना दुुश्वार हो गया है।

विज्ञापन
Indore: Opposition to burning of toxic waste of Union Carbide in Pithampur intensifies, public representatives
पीथमपुर में जलेगा यूनियन कार्बाइड का कचरा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भोपाल गैस त्रास्दी का कारण बनी यूनियन कार्बाइड फैक्टरी का कचरा इंदौर के समीप पीथमपुर में जलाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए केंद्र सरकार ने 126 करोड़ रुपये मंजूर किए है। 16 साल पहले दस टन जहरीले कचरे को पीथमपुर के समीप तारापुर गांव में दफनाया जा चुका है। उसकी वजह से गांव के बोरिंगों का पानी दूषित हो चुका है।

विज्ञापन


अब फिर 337 टन कचरे के निपटान की तैयारी के लिए रामकी कंपनी को कहा गया है। पीथमपुर में हुई बैठक मेें जनप्रतिनिधियों ने अफसरों के सामने जमकर विरोध जताया और कहा कि पहले दस टन कचरे के कारण गांव के लोगों को जीना दुुश्वार हो गया है। 300 टन से ज्यादा कचरा यहां लाया जाता है तो पीथमपुर के औद्योगिक विकास पर असर पड़ेगा।

विज्ञापन

 

धार की सांसद व महिला व बाल विकास मंत्री सावित्री ठाकुर भी कचरे के निपटान पीथमपुर में करने के पक्ष में नहीं है। वे कह चुुकी है कि 126 करोड़ रुपये में सुनसान क्षेत्र में नई फैक्टरी खोलकर कचरे का निपटान किया जा सकता हैै। वही धार की विधायक नीना वर्मा भी कचरा पीथमपुर में जलाने का लगातार विरोध कर रही है उन्होंने कहा कि कचरा संयंत्र के समीप आबादी क्षेत्र हैै।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

नदी का पानी हो चुका है काला

तारापुर गांव से निकलने वाली बरसाती नदी का पानी दफन विषैले कचरे के कारण काला हो चुका है। उस पानी का उपयोग ग्रामीण नहीं करते हैै। नदी का पानी इंदौर के समीप यशवंत सागर तालाब में जाकर मिलता हैै। तालाब का पानी इंदौर नगर निगम पेयजल के काम में लेता हैै

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed