इंदौर: इंदौर में नो यूपीआई डे, व्यापारी बारकोड बॉक्स काले कपड़े से ढांकेंगे, कैश में करेंगे व्यापार
यूपीआई मर्चेंट शुल्क के विरोध में इंदौर के व्यापारी अब यूपीआई डे मनाकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। इसके तहत दो हजार रुपये से कम की बिक्री भी नकद में करने के साथ ही व्यापारी यूपीआई बारकोड बॉक्स जमा कर प्रतीकात्मक प्रदर्शन करेंगे।
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यूपीआई मर्चेंट शुल्क के विरोध में अब तेजी आने लगी है। इंदौर में बुधवार को व्यापारी यूपीआई डे मनाएंगे। व्यापारी दो हजार रुपये से कम की बिक्री भी नकद में करेंगे। इंदौर के सराफा, सीतलामाता बाजार, सांठा बाजार, बजाज खाना चौक, बोहरा बाजार, मल्हारगंज सहित कई व्यापारिक क्षेत्रों के दुकानदार इस मुद्दे पर लामबंद हो चुके हैं। ग्राहकों से कहा जा रहा है कि वे सामान खरीदने निकलें तो घर से ही नकद की व्यवस्था करके निकलें।
यूपीआई मर्चेंट शुल्क के विरोध के तहत इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन भी प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराएगी। अहिल्या चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के आह्वान पर एसोसिएशन से जुड़े सभी संस्थानों के यूपीआई बारकोड बॉक्स एकत्र कर राजबाड़ा के पास एक टेबल पर सामूहिक रूप से रखे जाएंगे।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन ने बताया कि 23 सितंबर को दोपहर एक बजे व्यापारी अपने-अपने प्रतिष्ठानों में उपयोग होने वाले यूपीआई बारकोड बॉक्स लेकर निर्धारित स्थान पर पहुंचेंगे। इन्हें एक साथ रखकर यह संदेश दिया जाएगा कि छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए डिजिटल भुगतान की लागत भी महत्वपूर्ण मुद्दा है।
व्यापारियों ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य डिजिटल भुगतान व्यवस्था के खिलाफ जाना नहीं, बल्कि प्रस्तावित मर्चेंट शुल्क को लेकर व्यापारियों की चिंता सरकार और संबंधित संस्थाओं तक पहुंचाना है। व्यापारियों का कहना है कि कम मार्जिन वाले कारोबार में प्रत्येक अतिरिक्त लागत का असर सीधे व्यापार की लागत पर पड़ सकता है।
एसोसिएशन के अनुसार बुधवार को होने वाला यह आयोजन प्रतीकात्मक रहेगा, जिसमें व्यापारियों की सहभागिता के माध्यम से यूपीआई शुल्क के मुद्दे पर सामूहिक आपत्ति दर्ज कराई जाएगी। इसके साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भी अभियान चलाया जा रहा है और बड़ी संख्या में व्यापारियों व उपभोक्ताओं तक संदेश पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
