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इंदौर में मनाया गया नो कार डे, कार छोड़ सिटी बस, ईवी बाइक से किया लोगों ने सफर, पिछले साल से फीका रहा असर
Tue, 22 Sep 2026 11:42 AM IST
Abhishek Chendke
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Abhishek Chendke
Updated Tue, 22 Sep 2026 11:42 AM IST
सार
स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण कम करने का संदेश देने के लिए 22 सितंबर को शहर में नो कार डे मनाया गया। इस दौरान शहरवासियों ने निजी कारों का मोह छोड़ सिटी बस, ई-रिक्शा, साइकिल और पैदल सफर को अपनाया।
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निगमायुक्त क्षितिज सिंघल भी दोपहिया वाहन से निकले
- फोटो : amarujala
विस्तार
स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए मंगलवार 22 सितंबर को इंदौर में हर साल की तरह नो कार डे मनाया गया। शहरवासियों ने एक दिन के लिए निजी कारों से दूरी बनाकर सिटी बस, ई-रिक्शा, साइकिल और पैदल आवागमन को अपनाया। प्रशासनिक अफसरों व जनप्रतिनिधियों ने भी अभियान में भागीदारी कर लोगों से निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने की अपील की।
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इंदौर में लगातार तीसरे साल नो कार डे आयोजित किया गया था, हालांकि इस बार पिछले दो साल की तुलना में माहौल कम नजर आया, क्योंकि इसका एक दिन पहले व्यापक प्रचार नहीं हुआ। कलेक्टर शिवम वर्मा अपने घर दोपहिया वाहन पर सवार होकर निकले। उनके साथ सुरक्षाकर्मी भी पीछे हेलमेट पहन कर सवार हुआ। निगमायुक्त क्षितिज सिंघल भी दोपहिया वाहन से निकले। महापौर पुष्य मित्र भार्गव विदेश यात्रा में होने के कारण नो कार डे के अभियान में शामिल नहीं हो पाए, लेकिन उन्होंने निगम के सभी अफसर कर्मचारियों से लोक परिवहन या दोपहिया वाहन क अपनाने की अपील की।
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इंदौर में नो कार डे की शुरुआत पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हुई थी। शहरवासियों से निजी कारों का इस्तेमाल कम करने के अपील की गई थी। इसके बाद हर साल 22 सितंबर को अभियान को आगे बढ़ाया गया। पिछले साल नो कार डे के कारण इंदौर में 1.80 लाख लीटर ईंधन की खपत कम हुई थी। इसमें करीब एक लाख लीटर पेट्रोल और 80 हजार लीटर डीजल शामिल था। सड़कों पर निजी कारों की संख्या में भी 30 प्रतिशत कमी देखी गई थी। वर्ष 2024 में भी करीब डेढ़ लाख लीटर ईंधन की बचत हुई थी और वायु गुणवत्ता में 38 प्रतिशत सुधार हुआ था।
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