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Indore News: अब एडमिट कार्ड नहीं चेहरा बनेगा पास, यूपीएससी में मोबाइल ऐप से पहली बार हुई ऐसी एंट्री
Sun, 30 Nov 2025 07:44 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sun, 30 Nov 2025 07:44 PM IST
सार
Indore News: इंदौर में यूपीएससी की संयुक्त भर्ती परीक्षा कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित की गई, जहां पहली बार मोबाइल ऐप के जरिए फेस वेरिफिकेशन कर अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया।
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21 केंद्रों पर हुई परीक्षा
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
इंदौर में रविवार को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित केंद्रीय पदों की संयुक्त भर्ती परीक्षा कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुई। कड़ाके की ठंड के बावजूद सुबह से ही अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। इस बार परीक्षा में प्रवेश की प्रक्रिया कुछ अलग रही, क्योंकि पहली बार मोबाइल ऐप के जरिए अभ्यर्थियों का वेरिफिकेशन किया गया।
मोबाइल ऐप से वेरिफिकेशन बना कौतूहल
परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के लिए पहली बार तकनीक का इस्तेमाल करते हुए मोबाइल ऐप से वेरिफिकेशन किया गया। जैसे ही अभ्यर्थियों ने ऐप में अपना चेहरा दिखाया और उनकी पहचान सुनिश्चित हुई, उन्हें प्रवेश दिया गया। यह नई व्यवस्था अभ्यर्थियों के बीच चर्चा और उत्सुकता का विषय बनी रही। चेहरे से पहचान होने पर कई अभ्यर्थी मुस्कुराते हुए नजर आए, हालांकि कुछ महिला अभ्यर्थी शुरुआत में थोड़ी असहज भी दिखीं।
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21 केंद्रों पर हुए इंतजाम
इंदौर शहर में परीक्षा के लिए कुल 21 केंद्र बनाए गए थे, जिनमें होल्कर कॉलेज, एसजीएसआईटीएस कॉलेज, पीएम एक्सीलेंस कॉलेज, नूतन स्कूल और बाल विनय मंदिर शामिल हैं। इन केंद्रों पर कुल 7878 परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। परीक्षा सुबह 9.30 बजे शुरू हुई, लेकिन सर्द हवाओं के बीच अभ्यर्थी सुबह 8 बजे से ही पहुंचना शुरू हो गए थे। यह परीक्षा ईपीएफ, एपीएफसी, ईओ और एओ जैसे पदों के लिए आयोजित की गई थी।
सुरक्षा के लिए जूते और स्वेटर उतरवाए
परीक्षा में नकल रोकने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद सख्त इंतजाम किए गए थे। प्रवेश द्वार पर गहन जांच की गई। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद कई केंद्रों पर अभ्यर्थियों के शाल, स्वेटर, टोपी और यहां तक कि जूते भी उतरवा लिए गए। ठिठुरते हुए अभ्यर्थियों को इससे थोड़ी परेशानी जरूर हुई, लेकिन परीक्षा को लेकर उनका उत्साह कम नहीं हुआ।
दिल्ली से आए अधिकारियों ने किया निरीक्षण
परीक्षा की नोडल अधिकारी और एडिशनल कलेक्टर सपना लोवंशी ने जानकारी दी कि संभागायुक्त सुदामा खाड़े ने दो दिन पहले ही सारी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली थीं। हर केंद्र पर एक पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था। इसके अलावा, दिल्ली से आए दो अधिकारियों ने भी इंदौर पहुंचकर परीक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। दो घंटे की इस परीक्षा के परिणाम के आधार पर ही अभ्यर्थियों को अगले चरण में जाने का मौका मिलेगा।
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मोबाइल ऐप से वेरिफिकेशन बना कौतूहल
परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के लिए पहली बार तकनीक का इस्तेमाल करते हुए मोबाइल ऐप से वेरिफिकेशन किया गया। जैसे ही अभ्यर्थियों ने ऐप में अपना चेहरा दिखाया और उनकी पहचान सुनिश्चित हुई, उन्हें प्रवेश दिया गया। यह नई व्यवस्था अभ्यर्थियों के बीच चर्चा और उत्सुकता का विषय बनी रही। चेहरे से पहचान होने पर कई अभ्यर्थी मुस्कुराते हुए नजर आए, हालांकि कुछ महिला अभ्यर्थी शुरुआत में थोड़ी असहज भी दिखीं।
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इंदौर शहर में परीक्षा के लिए कुल 21 केंद्र बनाए गए थे, जिनमें होल्कर कॉलेज, एसजीएसआईटीएस कॉलेज, पीएम एक्सीलेंस कॉलेज, नूतन स्कूल और बाल विनय मंदिर शामिल हैं। इन केंद्रों पर कुल 7878 परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। परीक्षा सुबह 9.30 बजे शुरू हुई, लेकिन सर्द हवाओं के बीच अभ्यर्थी सुबह 8 बजे से ही पहुंचना शुरू हो गए थे। यह परीक्षा ईपीएफ, एपीएफसी, ईओ और एओ जैसे पदों के लिए आयोजित की गई थी।
सुरक्षा के लिए जूते और स्वेटर उतरवाए
परीक्षा में नकल रोकने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद सख्त इंतजाम किए गए थे। प्रवेश द्वार पर गहन जांच की गई। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद कई केंद्रों पर अभ्यर्थियों के शाल, स्वेटर, टोपी और यहां तक कि जूते भी उतरवा लिए गए। ठिठुरते हुए अभ्यर्थियों को इससे थोड़ी परेशानी जरूर हुई, लेकिन परीक्षा को लेकर उनका उत्साह कम नहीं हुआ।
दिल्ली से आए अधिकारियों ने किया निरीक्षण
परीक्षा की नोडल अधिकारी और एडिशनल कलेक्टर सपना लोवंशी ने जानकारी दी कि संभागायुक्त सुदामा खाड़े ने दो दिन पहले ही सारी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली थीं। हर केंद्र पर एक पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था। इसके अलावा, दिल्ली से आए दो अधिकारियों ने भी इंदौर पहुंचकर परीक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। दो घंटे की इस परीक्षा के परिणाम के आधार पर ही अभ्यर्थियों को अगले चरण में जाने का मौका मिलेगा।
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