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Indore News: स्कूल में छात्राओं के कपड़े उतरवाने का मामला, हाईकोर्ट ने दिया राज्य सरकार को नोटिस
Fri, 09 Aug 2024 09:19 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Fri, 09 Aug 2024 09:19 PM IST
सार
इंदौर के सरकारी स्कूल में छात्राओं से अभद्र व्यवहार पर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, राज्य सरकार से मांगा जवाब।
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प्रतीकात्मक फोटो। IMAGE - META AI
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
विस्तार
इंदौर के एक सरकारी कन्या विद्यालय में छात्राओं के साथ हुई अभद्रता के मामले में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में शुक्रवार को सुनवाई हुई। एक जनहित याचिका दायर कर मामले की जांच की मांग की गई है।
भविष्य में इस तरह की घटना न हो
याचिकाकर्ता चिन्मय मिश्र के अनुसार, 2 अगस्त को स्कूल में अध्यापिका ने मोबाइल फोन ढूंढने के बहाने कम से कम छह छात्राओं के कपड़े उतारवाकर जांच की। इस घटना की शिकायत छात्राओं के अभिभावकों ने मल्हारगंज थाने में दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने पॉस्को कानून के तहत कार्रवाई नहीं की। याचिका में मांग की गई है कि मामले की जांच चाइल्ड वेलफेयर कमेटी और एक सपोर्ट पर्सन के माध्यम से पॉस्को कानून के तहत की जाए। इसके अलावा, अदालत से निर्देश देने की भी अपील की गई है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।
राज्य सरकार से मांगा जवाब
हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नोटिस जारी कर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने सात दिन के भीतर अब तक की कार्रवाई की जानकारी देने का निर्देश दिया है। इस घटना ने एक बार फिर शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं।
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भविष्य में इस तरह की घटना न हो
याचिकाकर्ता चिन्मय मिश्र के अनुसार, 2 अगस्त को स्कूल में अध्यापिका ने मोबाइल फोन ढूंढने के बहाने कम से कम छह छात्राओं के कपड़े उतारवाकर जांच की। इस घटना की शिकायत छात्राओं के अभिभावकों ने मल्हारगंज थाने में दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने पॉस्को कानून के तहत कार्रवाई नहीं की। याचिका में मांग की गई है कि मामले की जांच चाइल्ड वेलफेयर कमेटी और एक सपोर्ट पर्सन के माध्यम से पॉस्को कानून के तहत की जाए। इसके अलावा, अदालत से निर्देश देने की भी अपील की गई है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।
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राज्य सरकार से मांगा जवाब
हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नोटिस जारी कर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने सात दिन के भीतर अब तक की कार्रवाई की जानकारी देने का निर्देश दिया है। इस घटना ने एक बार फिर शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं।
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