Indore News: मेट्रो स्टेशन के विरोध में उतरे रहवासी, धरना देकर की नारेबाजी, पूर्व भाजपा विधायक भी विरोध में
मेट्रो स्टेशन के विरोध में भाजपा के पूर्व विधायक सत्यनारायण सत्तन भी है। उनका कहना है कि मल्हारगंज का छोटा गणपति मंदिर प्राचीन है। उसका कुछ हिस्सा भी स्टेशन की जद में आ रहा है। क्षेत्र के मकान पुराने है। अंडरग्राउंड मेट्रो से उन्हें नुकसान पहुंचेगा।
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इंदौर के मल्हारगंज क्षेत्र में मेट्रो के स्टेशन का विरोध शुरू हो गया है। स्टेशन के लिए क्षेत्र के 40 मकान तोड़े जाना है। इसके अलावा एक उद्यान भी उपयोग में लिया जाएगा। इसे लेकर रहवासी नाराज है। उन्होंने सोमवार को क्षेत्र में धरना दिया और मेट्रो कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की।
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मेट्रो स्टेशन के विरोध में भाजपा के पूर्व विधायक सत्यनारायण सत्तन भी है। उनका कहना है कि मल्हारगंज का छोटा गणपति मंदिर प्राचीन है। उसका कुछ हिस्सा भी स्टेशन की जद में आ रहा है। क्षेत्र के ज्यादातर मकान पुराने है। अंडरग्राउंड मेट्रो से उन्हें नुकसान पहुंचेगा।
सुबह रहवासी धरना स्थल पर एकत्र हुए। पहले उन्होंने नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया। इसके बाद हाथाों में तख्तियां लेकर धरने पर बैठे। तख्तियों पर लिखा था-‘ छुक-छुक करती आएगी ट्रेन, निजी संपत्तियां उड़ाएगी ट्रेन,मेट्रो के लिए बच्चों का बगीचा मत उजाड़ो।’ धरना स्थल पर पहुंचे पूर्व विधायक सत्यनारायण सत्तन ने कहा कि इंदौर के पुराने इलाके शहर की पहचान है। यहां अंडरग्राउंड मेट्रो से नुकसान होगा। पहले भी मेट्रो के लिए स्टेशन बदले गए है। राजवाड़ के स्टेशन हटा दिया गया, तो फिर दूसरे प्राचीन मंदिरों को भी नुकसान से बचाना चाहिए।
रहवासी शेखर गिरी ने कहा कि मेट्रो को यात्री तो कम मिलेंगे, लेकिन उसके ट्रेक और स्टेशन बनाने के चक्कर में सैकड़ों निजी संपत्तियां टूट जाएगी। बता दे कि इंदौर में नाथ मंदिर से एयरपोर्ट तक अंडरग्राउंड मेट्रो बनाई जा रही है। इसके टेंडर जारी हो चुके है, लेकिन काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। इंदौर में बंगाली काॅलोनी क्षेत्र से मेट्रो को अंडरग्राउंड करने की मांग भी रहवासी उठा रहे है। उनका कहना है कि पलासिया पर मेट्रो ट्रेक बनने के बाद वहां भविष्य में ब्रिज नहीं बन पाएगा।
