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Indore News: इंदौर में लगातार दूसरे दिन भी आंधी-बारिश, गिरा तापमान, गर्मी से मिली राहत
Tue, 02 Jun 2026 11:31 AM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Tue, 02 Jun 2026 11:31 AM IST
सार
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी तीन-चार दिनों तक क्षेत्र में ऐसा ही सुहाना मौसम बना रहेगा और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है, हालांकि मध्य प्रदेश में इस बार मानसून के आगमन में कुछ दिनों की देरी होने की आशंका जताई जा रही है।
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मंगलवार को हुई तेज बारिश ने मौसम सुहावना कर दिया।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
इंदौर में जून के पहले दो में प्री मानसून एक्टिविटी ने लोगों को गर्मी से राहत दी। सोमवार को शाम को 93 किमी प्रति घंटे की हवा के बाद तापमान में गिरावट आई और मंगलवार को फिर से चली आंधी और कुछ क्षेत्रों में हुई बारिश ने मौसम सुहावना कर दिया। सोमवार दिन को पारा 2 डिग्री उछलकर 38.1 (-2) सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। इसके बाद शाम को तेजी आंधी और रिमझिम से रात का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस से लुढ़ककर 22.1 (-4) डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके बाद मंगलवार को दिन का पारा 38.2 रहा। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अभी तीन-चार दिन मौसम ऐसा ही रहेगा। इस दौरान इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है।
फिर बत्ती गुल, लोग परेशान
मंगलवार को भी बारिश शुरू होते ही शहर के कई क्षेत्रों में बिजली चली गई। विजय नगर क्षेत्र में 4 बजे बिजली बंद हुई और शाम को 6 बजे चालू हुई। लगातार दूसरे दिन बिजली बंद होने से लोग खासे नजर आए। मध्य प्रदेश में इस बार मानसून के आगमन में कुछ दिनों की देरी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं।
मध्य प्रदेश में मानसून के आगमन में हो सकती है देरी
मध्य प्रदेश में इस बार मानसून के आगमन में कुछ दिनों की देरी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। टर्फ लाइन और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से कई क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी है, लेकिन मानसून की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है। आमतौर पर मध्यप्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश करता है और दक्षिणी हिस्सों से इसकी शुरुआत होती है।
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पिछले साल 16 जून को आया था मानसून
पिछले वर्ष 2025 में मानसून 16 जून को प्रदेश में पहुंचा था, जबकि इसकी विदाई 15 अक्टूबर तक हुई थी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस वर्ष मानसून अभी तक केरल नहीं पहुंचा है। सामान्य परिस्थितियों में केरल पहुंचने के लगभग 15 दिन बाद मानसून मध्यप्रदेश में प्रवेश करता है। हालांकि बीच में ब्रेक या अन्य मौसमी परिस्थितियों के कारण इसकी गति प्रभावित हो सकती है।
प्री-मानसून गतिविधियों से सुहाना हुआ मौसम
जून महीने में मानसून पूर्व गतिविधियों और शुरुआती बारिश के कारण शहर में औसतन मौसम सुहाना होने लगता है। पिछले वर्ष जून में लगभग साढ़े पांच इंच बारिश रिकॉर्ड की गई थी। यदि बारिश के ऐतिहासिक रिकॉर्ड पर नजर डालें तो वर्ष 1980 में जून माह के दौरान इंदौर में 17 इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई थी, जो अब तक के प्रमुख रिकॉर्ड में शामिल है। वहीं 23 जून 2003 को 24 घंटे में लगभग 5 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड बना था। अधिकतम तापमान 3 जून 1991 को इंदौर का अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। दूसरी ओर, 12 जून 1958 को न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो जून महीने के लिए असामान्य रूप से कम माना जाता है।
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फिर बत्ती गुल, लोग परेशान
मंगलवार को भी बारिश शुरू होते ही शहर के कई क्षेत्रों में बिजली चली गई। विजय नगर क्षेत्र में 4 बजे बिजली बंद हुई और शाम को 6 बजे चालू हुई। लगातार दूसरे दिन बिजली बंद होने से लोग खासे नजर आए। मध्य प्रदेश में इस बार मानसून के आगमन में कुछ दिनों की देरी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं।
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मध्य प्रदेश में मानसून के आगमन में हो सकती है देरी
मध्य प्रदेश में इस बार मानसून के आगमन में कुछ दिनों की देरी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। टर्फ लाइन और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से कई क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी है, लेकिन मानसून की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है। आमतौर पर मध्यप्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश करता है और दक्षिणी हिस्सों से इसकी शुरुआत होती है।
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पिछले साल 16 जून को आया था मानसून
पिछले वर्ष 2025 में मानसून 16 जून को प्रदेश में पहुंचा था, जबकि इसकी विदाई 15 अक्टूबर तक हुई थी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस वर्ष मानसून अभी तक केरल नहीं पहुंचा है। सामान्य परिस्थितियों में केरल पहुंचने के लगभग 15 दिन बाद मानसून मध्यप्रदेश में प्रवेश करता है। हालांकि बीच में ब्रेक या अन्य मौसमी परिस्थितियों के कारण इसकी गति प्रभावित हो सकती है।
प्री-मानसून गतिविधियों से सुहाना हुआ मौसम
जून महीने में मानसून पूर्व गतिविधियों और शुरुआती बारिश के कारण शहर में औसतन मौसम सुहाना होने लगता है। पिछले वर्ष जून में लगभग साढ़े पांच इंच बारिश रिकॉर्ड की गई थी। यदि बारिश के ऐतिहासिक रिकॉर्ड पर नजर डालें तो वर्ष 1980 में जून माह के दौरान इंदौर में 17 इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई थी, जो अब तक के प्रमुख रिकॉर्ड में शामिल है। वहीं 23 जून 2003 को 24 घंटे में लगभग 5 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड बना था। अधिकतम तापमान 3 जून 1991 को इंदौर का अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। दूसरी ओर, 12 जून 1958 को न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो जून महीने के लिए असामान्य रूप से कम माना जाता है।
