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Indore News: पुलिस भर्ती पर बवाल, सैकड़ों छात्रों ने घेरा कलेक्टर कार्यालय, प्रशासन को 3 दिन का अल्टीमेटम
Thu, 30 Oct 2025 03:05 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Thu, 30 Oct 2025 03:05 PM IST
सार
Indore News: पुलिस आरक्षक भर्ती-2025 के अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र समय से पहले घोषित करने के विरोध में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि दिसंबर में होने वाली परीक्षा के केंद्र अक्टूबर में ही बता देने से साठगांठ की आशंका है।
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छात्रों ने दो घंटे तक नारेबाजी की
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा-2025 में संभावित गड़बड़ी की आशंका को लेकर गुरुवार को इंदौर में अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में छात्र कलेक्टर चौराहा स्थित गंजी कंपाउंड पर धरने पर बैठे और कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि भर्ती परीक्षा दिसंबर 2025 में प्रस्तावित है, लेकिन परीक्षा केंद्रों की जानकारी 28 अक्टूबर से ही प्रदर्शित कर दी गई। छात्रों का कहना है कि परीक्षा से लगभग दो महीने पहले ही केंद्रों की लोकेशन जारी कर देने से असामाजिक तत्वों को परीक्षा केंद्रों से साठगांठ करने का मौका मिल सकता है। उन्होंने इसे परीक्षा प्रक्रिया की गोपनीयता पर सीधा प्रहार और पारदर्शिता की कमी बताया है।
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किस तरह से होती है सांठगांठ
छात्रों ने बताया कि पटवारी परीक्षा में एक ही केंद्र से मप्र के 7 टापर निकले थे। जांच के बाद पता चला कि उनमें से कुछ छात्रों को तो परीक्षा में दिए गए जवाब में से कुछ भी नहीं आता था। छात्रों ने केंद्र की सूची पहले से जारी होने पर केंद्रों के लोगों से सांठगांठ करके अपनी परीक्षा दी थी। यदि केंद्रों की जानकारी पहले ही जारी की जाएगी तो छात्र पहले ही सांठगांठ कर लेंगे और परीक्षा में फर्जीवाड़ा होगा।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें
छात्रों ने मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगें हैं:
* परीक्षा केंद्र वितरण में हुई इस बड़ी चूक की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
* इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
* सभी अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र दोबारा नए सिरे से आवंटित किए जाएं।
* विवादों में घिरी 'एपटेक' कंपनी को हटाकर किसी अन्य प्रतिष्ठित संस्था से परीक्षा करवाई जाए।
प्रशासन का आश्वासन
मौके पर पहुंचे एसडीएम प्रदीप सोनी ने विद्यार्थियों से ज्ञापन लिया। उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया कि उनके ज्ञापन को विचार के लिए भोपाल मुख्यालय भेजा जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा से जुड़े तकनीकी मामलों पर जिला प्रशासन टिप्पणी नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, "अधिकृत संस्था ही परीक्षा करवाती है जो अपने निर्धारित सिस्टम के तहत कार्य करती है। हम आपकी शिकायतों को संबंधित विभाग तक पहुंचाएंगे।"
आंदोलन की चेतावनी
एसडीएम ने विद्यार्थियों से व्यापम के समक्ष सीधे अपनी समस्याएं रखने की अपील की। वहीं, विद्यार्थियों ने चेतावनी दी है कि अगर व्यापम की ओर से इस गड़बड़ी पर जल्द ही कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया और उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।
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क्या है पूरा मामला?
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि भर्ती परीक्षा दिसंबर 2025 में प्रस्तावित है, लेकिन परीक्षा केंद्रों की जानकारी 28 अक्टूबर से ही प्रदर्शित कर दी गई। छात्रों का कहना है कि परीक्षा से लगभग दो महीने पहले ही केंद्रों की लोकेशन जारी कर देने से असामाजिक तत्वों को परीक्षा केंद्रों से साठगांठ करने का मौका मिल सकता है। उन्होंने इसे परीक्षा प्रक्रिया की गोपनीयता पर सीधा प्रहार और पारदर्शिता की कमी बताया है।
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किस तरह से होती है सांठगांठ
छात्रों ने बताया कि पटवारी परीक्षा में एक ही केंद्र से मप्र के 7 टापर निकले थे। जांच के बाद पता चला कि उनमें से कुछ छात्रों को तो परीक्षा में दिए गए जवाब में से कुछ भी नहीं आता था। छात्रों ने केंद्र की सूची पहले से जारी होने पर केंद्रों के लोगों से सांठगांठ करके अपनी परीक्षा दी थी। यदि केंद्रों की जानकारी पहले ही जारी की जाएगी तो छात्र पहले ही सांठगांठ कर लेंगे और परीक्षा में फर्जीवाड़ा होगा।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें
छात्रों ने मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगें हैं:
* परीक्षा केंद्र वितरण में हुई इस बड़ी चूक की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
* इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
* सभी अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र दोबारा नए सिरे से आवंटित किए जाएं।
* विवादों में घिरी 'एपटेक' कंपनी को हटाकर किसी अन्य प्रतिष्ठित संस्था से परीक्षा करवाई जाए।
प्रशासन का आश्वासन
मौके पर पहुंचे एसडीएम प्रदीप सोनी ने विद्यार्थियों से ज्ञापन लिया। उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया कि उनके ज्ञापन को विचार के लिए भोपाल मुख्यालय भेजा जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा से जुड़े तकनीकी मामलों पर जिला प्रशासन टिप्पणी नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, "अधिकृत संस्था ही परीक्षा करवाती है जो अपने निर्धारित सिस्टम के तहत कार्य करती है। हम आपकी शिकायतों को संबंधित विभाग तक पहुंचाएंगे।"
आंदोलन की चेतावनी
एसडीएम ने विद्यार्थियों से व्यापम के समक्ष सीधे अपनी समस्याएं रखने की अपील की। वहीं, विद्यार्थियों ने चेतावनी दी है कि अगर व्यापम की ओर से इस गड़बड़ी पर जल्द ही कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया और उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।
