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Indore News: याचिकाकर्ता ने कहा-भोजशाला में मिले अवशेषों की नक्काशी माउंट आबू के जैन मंदिरों के समान

Thu, 07 May 2026 08:31 PM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Abhishek Chendke Updated Thu, 07 May 2026 08:31 PM IST
सार

धार स्थित भोजशाला विवाद मामले में गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान जैन समाज ने भी अपना पक्ष मजबूती से रखा। जैन पक्ष के वकील ने दावा किया कि भोजशाला की खुदाई में मिले शिलालेख, मूर्तियां और अन्य अवशेष जैन मंदिर से जुड़े होने के प्रमाण हैं।

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Indore News: Petitioner said – the carvings of the remains found in Bhojshala are similar to the Jain temples
धार भोजशाला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भोजशाला मामले में गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान जैन समाज के वकील ने कहा कि भोजशाला की खुदाई में जो शिलालेख और अवशेष मिले हैं, उनकी नक्काशी जैन समाज के माउंट आबू के मंदिरों से मिलती-जुलती है। उन्होंने पुराने दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि मस्जिद बनाने में जिन पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है, वे जैन मंदिर के टूटे हुए अवशेष हैं।

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मंदिर को तोड़ने के बाद अंबिका देवी की मूर्ति भी हटा दी गई थी, जो अंग्रेजों को मिली थी और फिर उसे लंदन के ब्रिटिश म्यूजियम में रखा गया। वकील ने कहा कि 1902 में भोजशाला का सर्वे अंग्रेजी हुकूमत ने कराया था। तब खुदाई में वह मूर्ति मिली थी और धार से लंदन ले जाई गई। वकील ने मांग करते हुए कहा कि सर्वे के दौरान जो जैन मूर्तियां मिली हैं, वे पुरातात्विक महत्व की हैं। उन्हें संरक्षित रखा जाए और फिर से भोजशाला में स्थापित किया जाए।

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भोजशाला में पूजा की अनुमति मिले

याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि एएसआई ने शुक्रवार को मुस्लिम समाज को नमाज की अनुमति दी है और मंगलवार को हिंदू समाज को पूजा की अनुमति दी है। उसी तरह जैन समाज को भी पूजा की अनुमति मिलनी चाहिए। अब शुक्रवार को फिर सुनवाई होगी। मुस्लिम पक्ष एएसआई के सर्वे के दौरान की गई वीडियोग्राफी पर आपत्ति ले सकता है। पिछली सुनवाई में कोर्ट के निर्देश पर एएसआई ने वीडियोग्राफी उपलब्ध कराई थी।

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भोजशाला सुनवाई में सभी पांचों पक्षकारों को अपने तर्क रखने का मौका कोर्ट द्वारा दिया जा चुका है। भोजशाला मामले में कोर्ट के निर्देश पर एएसआई ने 98 दिनों तक सर्वे कर दो हजार पेज की रिपोर्ट पेश की है। इस रिपोर्ट पर मुस्लिम पक्ष की तरफ से आपत्ति दर्ज की जा चुकी है।

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