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Indore News: चरित्र हनन के आरोप से दुःखी डॉक्टर लापता, महिला डॉक्टर के खिलाफ प्रदर्शन
Sat, 14 Sep 2024 08:43 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sat, 14 Sep 2024 08:43 PM IST
सार
लापता डॉक्टर के कमरे से पत्र मिला है। इसमें उन्होंने लिखा है कि महिला डॉक्टर ने मुझ पर बेबुनियाद चरित्र हनन का आरोप लगाया। किसी भी अनहोनी की जिम्मेदार अब वही होंगी।
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एमवाय में प्रदर्शन।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
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विस्तार
इंदौर के एमवाय अस्पताल से लापता डॉ. हेमंत गिरवाल का 48 घंटे बाद भी कोई पता नहीं चला है। डॉ. गिरवाल गुरुवार दोपहर से लापता हैं और उनके लापता होने के बाद शनिवार सुबह 100 से ज्यादा जूनियर डॉक्टर्स ने अस्पताल मैनेजमेंट के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान सीनियर डॉक्टर्स से उनकी बहस हो गई और बात हाथापाई तक पहुंच गई। डॉ. गिरवाल पर आरोप लगाने वाली सीनियर महिला डॉक्टर ने उन्हें सार्वजनिक रूप से लताड़ा था और छेड़छाड़ का आरोप भी लगाया था। इसके बाद उन्होंने कमेटी के सामने माफीनामा लिखवाया था। डॉ. गिरवाल के कमरे से एक पत्र मिला है।
महिला डॉक्टर कई पुरुष डॉक्टरों पर लगा चुकी है आरोप
डॉक्टरों का कहना है कि डॉ. गिरवाल पर आरोप लगाने वाली सीनियर महिला डॉक्टर दो साल में चार से पांच मेल डॉक्टर के खिलाफ शिकायत कर चुकी हैं। वे अपने पद की ठसक दिखाने के लिए ऐसा करती रहती हैं। डिपार्टमेंट की तरफ से उन पर एफआईआर होनी चाहिए। इस मामले में अस्पताल प्रशासन की भूमिका भी संदेहास्पद है। डॉ. गिरवाल के लापता होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की और न ही उनके परिवार को सूचित किया।
जारी रहेगा प्रदर्शन
डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन को डॉ. गिरवाल के लापता होने की जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। इस मामले में पुलिस प्रशासन को भी सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। डॉ. गिरवाल के परिवार को न्याय दिलाने के लिए पुलिस को दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी चाहिए और उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए। इस मामले में डॉक्टरों का प्रदर्शन जारी है और वे डॉ. गिरवाल के न्याय की मांग कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि वे तब तक प्रदर्शन करते रहेंगे जब तक डॉ. गिरवाल को न्याय नहीं मिल जाता।
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डॉ. गिरवाल का लेटर...
मैं डॉक्टर हेमंत कुमार गिरवाल आरएसओ प्रथम वर्ष ऑर्थोपैडिक डिपार्टमेंट एमवाय में पदस्थ हूं। मेरे साथ जो घटना हुई है, उसके बारे में बताना चाहता हूं। 12 सितंबर को ऑपरेशन थिएटर नंबर 2 में एनिस्थिसिया की महिला डॉक्टर ने मुझ पर बेबुनियाद चरित्र हनन का आरोप लगाया। 13 सितंबर को एनिस्थिसिया विभाग की कमेटी के सामने हाजिर हुआ। मुझसे लिखित माफीनामा लिया गया। माफी में पूरी गलती मेरी होना बताया गया। मुझे इस सेवा में 10 साल हो गए हैं, लेकिन ऐसा आरोप पहले कभी नहीं लगा। यह दुर्भाग्यवश जो मेरे साथ हुआ, उससे मैं काफी आहत हुआ हूं। मानसिक रूप से तनाव में हूं। मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल हो चुकी है। घटना के बाद महिला सहकर्मियों के साथ काम करते हुए भयभीत और लज्जित महसूस कर रहा हूं। मेरा कार्य प्रभावित हो रहा है। मैं एक शादीशुदा व्यक्ति हूं। यदि इस घटना का पता मेरे परिवार में लगता है तो मेरा वैवाहिक संबंध बिगड़ने या टूटने की नौबत आ सकती है। मेरी पारिवारिक छवि, सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। जिससे पारिवारिक कलह की स्थिति बन सकती है। मुझे मेरा भविष्य अंधकारमय दिखाई दे रहा है। ऐसी बातें मेरे विचार में आ रही है, जिससे मेरा काम प्रभावित हो रहा है। काफी तनाव, चिंता, दुविधा का सामना कर रहा हूं। यदि मेरे साथ कुछ भी अनहोनी हुई तो इसकी जिम्मेदार सीनियर महिला डॉक्टर होंगी।
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महिला डॉक्टर कई पुरुष डॉक्टरों पर लगा चुकी है आरोप
डॉक्टरों का कहना है कि डॉ. गिरवाल पर आरोप लगाने वाली सीनियर महिला डॉक्टर दो साल में चार से पांच मेल डॉक्टर के खिलाफ शिकायत कर चुकी हैं। वे अपने पद की ठसक दिखाने के लिए ऐसा करती रहती हैं। डिपार्टमेंट की तरफ से उन पर एफआईआर होनी चाहिए। इस मामले में अस्पताल प्रशासन की भूमिका भी संदेहास्पद है। डॉ. गिरवाल के लापता होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की और न ही उनके परिवार को सूचित किया।
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जारी रहेगा प्रदर्शन
डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन को डॉ. गिरवाल के लापता होने की जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। इस मामले में पुलिस प्रशासन को भी सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। डॉ. गिरवाल के परिवार को न्याय दिलाने के लिए पुलिस को दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी चाहिए और उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए। इस मामले में डॉक्टरों का प्रदर्शन जारी है और वे डॉ. गिरवाल के न्याय की मांग कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि वे तब तक प्रदर्शन करते रहेंगे जब तक डॉ. गिरवाल को न्याय नहीं मिल जाता।
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डॉ. गिरवाल का लेटर...
मैं डॉक्टर हेमंत कुमार गिरवाल आरएसओ प्रथम वर्ष ऑर्थोपैडिक डिपार्टमेंट एमवाय में पदस्थ हूं। मेरे साथ जो घटना हुई है, उसके बारे में बताना चाहता हूं। 12 सितंबर को ऑपरेशन थिएटर नंबर 2 में एनिस्थिसिया की महिला डॉक्टर ने मुझ पर बेबुनियाद चरित्र हनन का आरोप लगाया। 13 सितंबर को एनिस्थिसिया विभाग की कमेटी के सामने हाजिर हुआ। मुझसे लिखित माफीनामा लिया गया। माफी में पूरी गलती मेरी होना बताया गया। मुझे इस सेवा में 10 साल हो गए हैं, लेकिन ऐसा आरोप पहले कभी नहीं लगा। यह दुर्भाग्यवश जो मेरे साथ हुआ, उससे मैं काफी आहत हुआ हूं। मानसिक रूप से तनाव में हूं। मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल हो चुकी है। घटना के बाद महिला सहकर्मियों के साथ काम करते हुए भयभीत और लज्जित महसूस कर रहा हूं। मेरा कार्य प्रभावित हो रहा है। मैं एक शादीशुदा व्यक्ति हूं। यदि इस घटना का पता मेरे परिवार में लगता है तो मेरा वैवाहिक संबंध बिगड़ने या टूटने की नौबत आ सकती है। मेरी पारिवारिक छवि, सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। जिससे पारिवारिक कलह की स्थिति बन सकती है। मुझे मेरा भविष्य अंधकारमय दिखाई दे रहा है। ऐसी बातें मेरे विचार में आ रही है, जिससे मेरा काम प्रभावित हो रहा है। काफी तनाव, चिंता, दुविधा का सामना कर रहा हूं। यदि मेरे साथ कुछ भी अनहोनी हुई तो इसकी जिम्मेदार सीनियर महिला डॉक्टर होंगी।
