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Indore News: सालाना चोरी होते हैं 10 करोड़ के मोबाइल, नेपाल-दुबई तक फैला है इंदौर के चोरों का नेटवर्क

Sat, 03 May 2025 11:01 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Sat, 03 May 2025 11:01 PM IST
सार

Indore News: चोरी के मोबाइल का एक संगठित नेटवर्क नेपाल, दुबई और थाईलैंड तक फैला है, जहां से इन्हें ट्रेस करना लगभग असंभव हो जाता है। हाल ही में क्राइम ब्रांच ने 45 लाख रुपये के मोबाइल बरामद कर लोगों को लौटाए हैं।

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Indore News: Mobile theft racket worth ₹10 crore annually uncovered, international links traced
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

शहर इंदौर में हर वर्ष 10 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के मोबाइल गुम या चोरी हो जाते हैं। इनमें से केवल 3 करोड़ रुपये के मोबाइल ही पुलिस द्वारा बरामद किए जा पा रहे हैं। हाल ही में, इस सप्ताह क्राइम ब्रांच ने 45 लाख रुपये के मोबाइल फोन बरामद किए और उन्हें उनके असली मालिकों को सौंपा गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शेष मोबाइल इसलिए बरामद नहीं हो पाते क्योंकि या तो उन्हें तोड़कर पुर्जों में बेच दिया जाता है या फिर वे नेपाल जैसे देशों तक पहुंचा दिए जाते हैं, जहां से उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है।

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देशभर में है चोरी के मोबाइल का बड़ा नेटवर्क
देशभर में चोरी हुए मोबाइल फोनों का एक व्यापक और सुनियोजित मार्केट है, जिसमें इंदौर भी एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर कर सामने आया है। आंकड़ों के मुताबिक, इंदौर से हर साल 10 करोड़ से अधिक के मोबाइल चोरी, लूट या गुम हो जाते हैं। पिछले साल, क्राइम ब्रांच ने 3 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के लगभग 1100 मोबाइल बरामद किए थे। वहीं इस साल अब तक 50 लाख रुपये के मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं, जो इस सप्ताह लोगों को सौंपे गए। एडीसीपी क्राइम राजेश दंडोतिया का कहना है कि पुलिस जितने मोबाइल बरामद कर पाती है, असल में चोरी या गुम हुए मोबाइल की संख्या उससे पांच गुना अधिक होती है।
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मोबाइल बरामदगी में सबसे बड़ी बाधा: अंतरराष्ट्रीय तस्करी और तकनीकी छेड़छाड़
एडीसीपी दंडोतिया के अनुसार, चोरी हुए कई मोबाइल पुलिस की पकड़ से बाहर हो जाते हैं क्योंकि चोरों द्वारा उन्हें व्यापारियों को बेच दिया जाता है और फिर वे मोबाइल नेपाल जैसे देशों में भेज दिए जाते हैं। इसके अलावा, अधिकतर मोबाइल तोड़कर उनके पार्ट्स अलग-अलग बेच दिए जाते हैं या उनका IMEI नंबर बदल दिया जाता है, जिससे पुलिस उन्हें ट्रेस नहीं कर पाती। तकनीकी छेड़छाड़ और सीमा पार नेटवर्क इस अपराध को और भी जटिल बना देते हैं।

इंदौर बना चोरी के मोबाइल का अंतरराष्ट्रीय अड्डा
पुलिस सूत्रों की मानें तो इंदौर अब चोरी के मोबाइल फोनों का एक बड़ा हब बन चुका है। यहां से चोरी के करोड़ों के मोबाइल नेपाल, दुबई और थाईलैंड तक भेजे जाते हैं। कुछ समय पहले क्राइम ब्रांच ने ‘जॉनी’ नामक एक व्यापारी को नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया था, जिसके पास से 50 लाख रुपये के चोरी हुए मोबाइल मिले थे। इसके अलावा, इंदौर के कई व्यापारी दिल्ली और मुंबई में भी चोरी के मोबाइल के साथ पकड़े जा चुके हैं। अन्य राज्यों की पुलिस भी अक्सर जेल रोड स्थित मोबाइल बाजार में छापेमारी करने आती है। यह दर्शाता है कि इंदौर में चोरी और लूट के मोबाइल का संगठित व्यापार फल-फूल रहा है, जिसमें व्यापारियों और चोरों के बीच सीधा संपर्क है।

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