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Indore News: पेड़ों को बांधे रक्षा सूत्र, निकाला कैंडल मार्च, प्रकृति संरक्षण के लिए जुटे इंदौरी
Sun, 25 Jan 2026 08:25 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sun, 25 Jan 2026 08:25 PM IST
सार
Indore News: इंदौर के रानी सराय स्थित 225 से अधिक पेड़ों की कटाई और हजारों पक्षियों के आशियाने को बचाने के लिए पिछले 25 दिनों से जनहित पार्टी और विभिन्न सामाजिक संगठनों का धरना जारी है।
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रीगल पर प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
इंदौर के रीगल क्षेत्र में रानी सराय स्थित सैकड़ों पेड़ों की कटाई रोकने और हजारों पक्षियों के आशियाने को बचाने के लिए विरोध प्रदर्शन ने अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है। इस प्रदर्शन में जनहित पार्टी के साथ अभ्यास मंडल, द नेचर वालेंटियर, गो ग्रीन मिशन, जीवन प्रवाह और खंडेलवाल जन मंच जैसे कई प्रमुख संगठनों ने एक सुर में अपनी आवाज बुलंद की। विभिन्न बैनरों और मंचों के माध्यम से एकजुट हुए नागरिकों ने रानी सराय के पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधकर उन्हें बचाने का संकल्प लिया और कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।
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जन जागरण किया और रक्षा सूत्र बांधे
प्रदर्शन की शुरुआत में सभी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने रीगल चौराहे पर लगभग एक घंटे तक सघन जन जागरण अभियान चलाया। इस दौरान पेड़ों की कटाई के विरोध में जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विकास के नाम पर प्रकृति का विनाश स्वीकार्य नहीं है। प्रतीकात्मक रूप से पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधकर लोगों ने यह संदेश दिया कि ये वृक्ष शहर की धरोहर हैं और इनकी रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
मेट्रो स्टेशन स्थानांतरित करने की मांग
जनहित पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय जैन ने बताया कि पिछले 25 दिनों से रानी सराय के पेड़ों और पक्षियों के संरक्षण के लिए निरंतर धरना दिया जा रहा है। आंदोलन के पहले चरण में परिसर में स्थित 225 से अधिक पेड़ों का विस्तृत पंचनामा तैयार किया गया था, जिसमें उनकी प्रजाति, लंबाई और चौड़ाई का पूरा विवरण दर्ज है। इस मुद्दे को लेकर संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मुलाकात कर ज्ञापन भी सौंपा है। उनकी स्पष्ट मांग है कि प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए ताकि इन प्राचीन पेड़ों को बचाया जा सके।
कड़ाके की ठंड में भी डटे हैं कार्यकर्ता
उल्लेखनीय है कि 1 जनवरी 2026 से शुरू हुआ यह धरना अब अपने 25वें दिन में प्रवेश कर चुका है। जनहित पार्टी और पर्यावरणप्रेमी नागरिक मंच के कार्यकर्ता कड़ाके की ठंड के बावजूद दिन-रात रानी सराय परिसर में ही डेरा डाले हुए हैं। कार्यकर्ताओं का भोजन और रात्रि विश्राम भी इसी परिसर में हो रहा है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक मेट्रो स्टेशन शिफ्ट करने और एक भी पेड़ न काटने की मांग पूरी नहीं होती, तब तक उनका धरना और संघर्ष जारी रहेगा।
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प्रदर्शन की शुरुआत में सभी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने रीगल चौराहे पर लगभग एक घंटे तक सघन जन जागरण अभियान चलाया। इस दौरान पेड़ों की कटाई के विरोध में जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विकास के नाम पर प्रकृति का विनाश स्वीकार्य नहीं है। प्रतीकात्मक रूप से पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधकर लोगों ने यह संदेश दिया कि ये वृक्ष शहर की धरोहर हैं और इनकी रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
मेट्रो स्टेशन स्थानांतरित करने की मांग
जनहित पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय जैन ने बताया कि पिछले 25 दिनों से रानी सराय के पेड़ों और पक्षियों के संरक्षण के लिए निरंतर धरना दिया जा रहा है। आंदोलन के पहले चरण में परिसर में स्थित 225 से अधिक पेड़ों का विस्तृत पंचनामा तैयार किया गया था, जिसमें उनकी प्रजाति, लंबाई और चौड़ाई का पूरा विवरण दर्ज है। इस मुद्दे को लेकर संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मुलाकात कर ज्ञापन भी सौंपा है। उनकी स्पष्ट मांग है कि प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए ताकि इन प्राचीन पेड़ों को बचाया जा सके।
कड़ाके की ठंड में भी डटे हैं कार्यकर्ता
उल्लेखनीय है कि 1 जनवरी 2026 से शुरू हुआ यह धरना अब अपने 25वें दिन में प्रवेश कर चुका है। जनहित पार्टी और पर्यावरणप्रेमी नागरिक मंच के कार्यकर्ता कड़ाके की ठंड के बावजूद दिन-रात रानी सराय परिसर में ही डेरा डाले हुए हैं। कार्यकर्ताओं का भोजन और रात्रि विश्राम भी इसी परिसर में हो रहा है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक मेट्रो स्टेशन शिफ्ट करने और एक भी पेड़ न काटने की मांग पूरी नहीं होती, तब तक उनका धरना और संघर्ष जारी रहेगा।
