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Indore News: गीतों से बना लता मंगेशकर का चेहरा, तस्वीर की हर रेखा गुनगुनाती है
Sat, 28 Sep 2024 12:47 PM IST
अर्जुन रिछारिया
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Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sat, 28 Sep 2024 12:47 PM IST
सार
इंदौर के कलाकार ने लता मंगेशकर के 90 गानों की शुरुआती पंक्तियों का इस्तेमाल कर उनका चित्र बनाया
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गीतों से सजी लता मंगेशकर की तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के एक कलाकार ने महान गायिका लता मंगेशकर के 90 अलग-अलग हिट गानों की शुरुआती पंक्तियों का इस्तेमाल कर उनके चेहरे की रेखाओं को बनाकर उनका एक अनूठा श्वेत-श्याम चित्र बनाया है। मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर, 1929 को इंदौर में हुआ था।
फिल्मी गीतों से सजा चेहरा
कलाकार मिलिंद धावले द्वारा बनाए गए इस 31x23 इंच के चित्र की खास बात यह है कि गीतों की शुरुआती पंक्तियों को उनके अर्थ के अनुरूप गायिका के चेहरे पर उचित स्थानों पर लिखा गया है। उदाहरण के लिए, लता मंगेशकर के चेहरे पर बिंदी की जगह 'बिंदिया चमकेगी, चूड़ी खनकेगी' गाने की शुरुआती लाइन लिखी गई है, जबकि 'धीरे-धीरे बोल कोई सुन न ले' गाने की शुरुआती लाइन का इस्तेमाल उनके होठों को बनाने के लिए किया गया है।
माथे पर लिखा एे मेरे वतन के लोगों
धवले ने इस चित्र में मंगेशकर के माथे पर 'ऐ मेरे वतन के लोगों' लिखा है, क्योंकि 55 वर्षीय कलाकार का मानना है कि मातृभूमि के लिए शहीद हुए सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाकर देशभक्ति की भावना को जगाने वाला यह गीत आज भी भारतीय नागरिकों के मन में बसा हुआ है। चित्र में गीतों की ये पंक्तियां इतनी सफाई से लिखी गई हैं कि कोई इसे करीब से देखने पर ही पाठ को समझ पाता है। दूर से देखने पर ये शीर्षक केवल पंक्तियों के रूप में दिखाई देते हैं।
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उन्हें यह सौंपने की इच्छा पूरी नहीं हो सकी
धवले ने कहा कि उन्होंने यह चित्र मंगेशकर के 90वें जन्मदिन पर बनाया था और वह उन्हें उपहार देने की कोशिश करते रहे। वह किसी तरह इस कलाकृति को गायिका को देना चाहते थे, लेकिन उनकी यह इच्छा पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने कहा, "मुझे हमेशा इस बात का अफसोस रहेगा कि मैं मंगेशकर से नहीं मिल सका और उन्हें यह चित्र नहीं दे सका।" मंगेशकर ने 6 फरवरी, 2022 को 92 वर्ष की आयु में मुंबई में अंतिम सांस ली।
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फिल्मी गीतों से सजा चेहरा
कलाकार मिलिंद धावले द्वारा बनाए गए इस 31x23 इंच के चित्र की खास बात यह है कि गीतों की शुरुआती पंक्तियों को उनके अर्थ के अनुरूप गायिका के चेहरे पर उचित स्थानों पर लिखा गया है। उदाहरण के लिए, लता मंगेशकर के चेहरे पर बिंदी की जगह 'बिंदिया चमकेगी, चूड़ी खनकेगी' गाने की शुरुआती लाइन लिखी गई है, जबकि 'धीरे-धीरे बोल कोई सुन न ले' गाने की शुरुआती लाइन का इस्तेमाल उनके होठों को बनाने के लिए किया गया है।
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माथे पर लिखा एे मेरे वतन के लोगों
धवले ने इस चित्र में मंगेशकर के माथे पर 'ऐ मेरे वतन के लोगों' लिखा है, क्योंकि 55 वर्षीय कलाकार का मानना है कि मातृभूमि के लिए शहीद हुए सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाकर देशभक्ति की भावना को जगाने वाला यह गीत आज भी भारतीय नागरिकों के मन में बसा हुआ है। चित्र में गीतों की ये पंक्तियां इतनी सफाई से लिखी गई हैं कि कोई इसे करीब से देखने पर ही पाठ को समझ पाता है। दूर से देखने पर ये शीर्षक केवल पंक्तियों के रूप में दिखाई देते हैं।
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उन्हें यह सौंपने की इच्छा पूरी नहीं हो सकी
धवले ने कहा कि उन्होंने यह चित्र मंगेशकर के 90वें जन्मदिन पर बनाया था और वह उन्हें उपहार देने की कोशिश करते रहे। वह किसी तरह इस कलाकृति को गायिका को देना चाहते थे, लेकिन उनकी यह इच्छा पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने कहा, "मुझे हमेशा इस बात का अफसोस रहेगा कि मैं मंगेशकर से नहीं मिल सका और उन्हें यह चित्र नहीं दे सका।" मंगेशकर ने 6 फरवरी, 2022 को 92 वर्ष की आयु में मुंबई में अंतिम सांस ली।
