फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore News: In 35 years, Congress did many experiments in Indore parliamentary constituency, got defeated 9 t

Indore News: 35 साल में इंदौर संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस ने किए कई प्रयोग, 9 बार मिली लगातार हार

Sat, 10 Feb 2024 09:13 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Sat, 10 Feb 2024 09:13 PM IST
सार

इस बार कांग्रेस की तरफ से पूर्व विधायक संजय शुक्ला, विशाल पटेल, अरविंद बागड़ी के नाम चर्चा में हैै। अभी उम्मीदवार का नाम तय नहीं हुआ है। उधर भाजपा की तरफ से किसी ने दावेदारी नहीं की है।

विज्ञापन
Indore News: In 35 years, Congress did many experiments in Indore parliamentary constituency, got defeated 9 t
इंदौर संसदीय क्षेत्र में 35 सालों से कांग्रेस जीत दर्ज नहीं करा पाई। - फोटो : amar ujala digital

विस्तार

कभी कांग्रेस का गढ़ रही इंदौर लोकसभा सीट पर बीते 35 सालों से भाजपा का कब्जा है। कांग्रेस ने इन सालों में कई प्रयोग किए। युवा से लेकर अनुभवी उम्मीदवारों को मौका दिया, लेकिन जीत नहीं मिली।

विज्ञापन

लगातार 9 बार मिली हार के बाद कांग्रेस इंदौर सीट पर मुकाबला बराबरी का चाहती है और नया चेहरा खोज रही है। 9 में सात बार भाजपा की जीत का अंतर एक लाख से ज्यादा रहा, लेकिन 1998 व 2009 के चुनाव में भाजपा की लीड 50 हजार से कम रही।

विज्ञापन

2009 के लोकसभा चुनाव में तो लीड 11 हजार 480 वोटों पर सिमट गई थी। तब कांग्रेस ने सत्यनारायण पटेल को उम्मीदवार बनाया था। उसके बाद के दोनो चुनावों में लीड का अंतर चार लाख से ज्यादा रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन

खास बात यह है कि 9 मेें से 8 मर्तबा एक ही संसदीय क्षेत्र से लगातार चुनाव जीत कर पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने एक रिकार्ड बनाया। देश में एक सीट से लगातार चुनाव किसी उम्मीदवार ने नहीं जीता।

इस बार कांग्रेस की तरफ से पूर्व विधायक संजय शुक्ला, विशाल पटेल, अरविंद बागड़ी के नाम चर्चा में हैै। अभी उम्मीदवार का नाम तय नहीं हुआ है। उधर भाजपा की तरफ से किसी ने दावेदारी नहीं की है। माना जा रहा है कि सांसद शंकर लालवानी को जातिगत समीकरणों के हिसाब से भाजपा दोबारा अपना उम्मीदवार बना सकती है।

सेठी से छिनी थी महाजन ने सीट

1989 में भाजपा ने सुमित्रा महाजन को टिकट दिया था। उन्होंने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाशचंद्र सेठी को चुनाव हराकर कांग्रेस से यह सीट छिनी थी।1991 में ललित जैन को 3 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से महाजन ने हराया।

इसके बाद 1996 में मधुकर वर्मा, 1998 में पंकज संघवी, 1999 में महेश जोशी, 2004 में रामेश्वर पटेल हराया था, लेकिन वर्ष 2009 में महाजन सबसे कम वोटों के अंतर से जीती। तब लीड का अंतर 11 हजार तक रह गया था।



कांग्रेस ने लगातार दूसरी बार 2014 में पटेल को उम्मीदवार बनाया, लेकिन तब उन्हे महाजन ने 4 लाख 66 हजार वोटों के अंतर से हराया। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने शंकर लालवानी को टिकट दिया था और वे पांच लाख के वोटों की लीड से चुनाव जीते।

 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed