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Indore News: भागीरथपुरा मामले पर हाईकोर्ट सख्त, कहा- साफ पानी जनता का हक, हादसे से शहर की छवि को पहुंचा नुकसान
Tue, 06 Jan 2026 03:43 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Tue, 06 Jan 2026 03:43 PM IST
सार
भागीरथपुरा मामले में हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पीने का पानी जनता का मौलिक अधिकार है। इस हादसे से शहर की स्वच्छ छवि को नुकसान पहुंचा है।
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एमपी हाईकोर्ट ने प्रशासन को भागीरथपुरा दूषित पेयजल त्रासदी पर फटकार लगाई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने शहर में दूषित पानी से हो रही मौतों और बीमारी के फैलते प्रकोप पर मंगलवार को कड़ा रुख अपनाया है। चार से पांच जनहित याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए कोर्ट ने प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट किया कि स्वच्छ पेयजल जनता का मौलिक अधिकार है।
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सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि इंदौर को देश के सबसे स्वच्छ शहर का गौरव हासिल है, लेकिन दूषित पेयजल की इस घटना ने पूरे भारत में शहर की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। कोर्ट ने चेतावनी दी कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं:
दोषियों पर कार्रवाई: भविष्य में जरूरत पड़ने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सिविल और क्रिमिनल लायबिलिटी (दीवानी और आपराधिक जिम्मेदारी) तय की जाएगी।
मुख्य सचिव की उपस्थिति: मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी, जिसमें प्रदेश के मुख्य सचिव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित रहने का आदेश दिया गया है।
मुफ्त इलाज और रिपोर्ट: कोर्ट ने सभी प्रभावित मरीजों को मुफ्त इलाज मुहैया कराने और अब तक हुई मौतों पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पीड़ितों के मुआवजे की समीक्षा करने के भी संकेत दिए हैं।
अब तक 17 मौतें, दहशत में शहर
शहर में दूषित पानी के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। ताजा आंकड़ों के अनुसार:
* कुल मौतें: अब तक 17 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
* अस्पताल की स्थिति: वर्तमान में 110 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 15 मरीज आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
* कुल प्रभावित: अब तक कुल 421 मरीज अस्पतालों में भर्ती हो चुके हैं, जिनमें से 311 को डिस्चार्ज किया जा चुका है।
* नए मामले: पिछले 24 घंटों में उल्टी-दस्त के 38 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें से 6 गंभीर मरीजों को अरबिंदो अस्पताल रेफर किया गया है।
प्रशासन अब कोर्ट के आदेश के बाद हरकत में नजर आ रहा है, लेकिन मौतों का बढ़ता आंकड़ा शहर के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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