{"_id":"66f59bbd97f9036bbb02f2bf","slug":"indore-news-ghee-was-being-made-by-adding-essence-five-thousand-liters-of-fake-ghee-seized-2024-09-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore News: इंदौर में एसेंस डालकर बना रहे थे घी, पांच हजार लीटर नकली घी जब्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore News: इंदौर में एसेंस डालकर बना रहे थे घी, पांच हजार लीटर नकली घी जब्त
Thu, 26 Sep 2024 11:08 PM IST
अभिषेक चेंडके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अभिषेक चेंडके
Updated Thu, 26 Sep 2024 11:08 PM IST
सार
अफसरों की टीम ने वीर सावरकर नगर के सन्नी इंटरप्राइजेस पर छापा मारा और साढ़े पांच लाख लीटर घी जब्त किया। यह घी राजस्थान के बूंदी से यहां आता था और यहां स्थानीय व्यापारी इसे रिपैक कर बेचते थे।
विज्ञापन
नकली घी के सेंपल लेते अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इंदौर में खाद्य विभाग की टीम ने एक दुकान से पांच हजार लीटर घी जब्त किया है। अफसरों ने जानकारी निकाली तो पता चला कि दस हजार लीटर से ज्यादा घी मार्केट में बेचा गया है। घी को असली बनाने के लिए एसेंस और केमिकल का उपयोग भी किया जा रहा था। खाद्य विभाग ने घी के सेंपल लेकर जांच के लिए भोपाल प्रयोगशाला भेजे है।
विज्ञापन
तिरुपति मंदिर में प्रसाद में मिलावट का मुद्दा अभी गरमाया हुआ है। लड्डू में मिलाए जाने वाले घी में मछली के तेल व अन्य तेल मिलना पाया गया। इसके बाद प्रशासन ने भी इंदौर में घी की जांच शुरू की है। अफसरों की टीम ने वीर सावरकर नगर के सन्नी इंटरप्राइजेस पर छापा मारा और साढ़े पांच लाख लीटर घी जब्त किया। यह घी राजस्थान के बूंदी से यहां आता था और यहां स्थानीय व्यापारी इसे रिपैक कर बेचते थे।
विज्ञापन
राजस्थान में कई जगह पाम आइल और अन्य सामग्री मिलाकर नकली घी बड़े पैमाने पर तैयार किया जाता है। संचालक सन्नी परमार के पास रिटेल और होलसेल का लाइसेंस था, लेकिन वह दुकान में घी तैयार कर मार्केट में बेचता था। अफसरों ने दस्तावेजों की जांच की तो बिल में पाॅम आइल लिखा होना गया। पैक को खोलकर देखा तो उसमें घी जैसी महक आई।
विज्ञापन
दुकान में देवश्री, मंगलश्री, देवश्री रामदेवम नामक ब्रांड से इस घी को पैक किया जाता था। एक लीटर, आधा लीटर और 250 ग्राम के पैक में घी भरकर ग्रामीण क्षेत्रों में बेचा जाता था। जिस दुकान पर छापा मारा, उसके बोर्ड पर भी घी का उल्लेख नहीं था। वहां वनस्पति तेल के होलसेलर और रिटेलर लिखा था। अफसरों के अनुसार पांच सेंपल लेकर जांच के लिए भेजे है। मौके पर घी पैक हो रहा था, लेकिन निर्माता के पास एफएसएसएआ ई का लाइसेंस भी नहीं मिला।
