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Indore News: पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के बेटे के नाम पर ठगी का मामला, क्राइम ब्रांच में शिकायत
Wed, 23 Apr 2025 07:03 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Wed, 23 Apr 2025 07:03 PM IST
सार
Indore News: इंदौर में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के बेटे मिलिंद महाजन के नाम का दुरुपयोग कर एक शख्स ने मिडवेस्ट ऑटो मोबाइल कंपनी के अकाउंट से 18 लाख रुपये ट्रांसफर कराने की साजिश रची।
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Cyber crime
- फोटो : Freepik
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विस्तार
इंदौर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसमें पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के बेटे मिलिंद महाजन के नाम पर एक व्यक्ति ने मिडवेस्ट ऑटो मोबाइल कंपनी के साथ लाखों रुपए की ठगी करने की कोशिश की। आरोपी ने खुद को मिलिंद महाजन बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और बैंक को मेल कर 18 लाख रुपए से अधिक की राशि दो अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने का निर्देश दिया। मामले में जब संदेह हुआ तो कंपनी की ओर से क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज करवाई गई, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
बैंक मैनेजर की सतर्कता से बची बड़ी धोखाधड़ी
मिडवेस्ट ऑटो मोबाइल कंपनी के एचआर अभिषेक शर्मा ने मंगलवार को क्राइम ब्रांच में उपस्थित होकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि कंपनी का खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की साजन नगर ब्रांच में है। सोमवार को ब्रांच मैनेजर को दो बार एक कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाला खुद को मिलिंद महाजन बता रहा था और उसने 18 लाख रुपए से अधिक की राशि दो खातों में ट्रांसफर करने को कहा। इसके साथ ही आरोपी ने मिडवेस्ट ऑटो मोबाइल की फर्जी ईमेल आईडी बनाकर मिलिंद महाजन के नाम से एक पत्र भी भेजा। पत्र में दिए गए मोबाइल नंबर से जब मेल खाता नहीं मिला, तो बैंक मैनेजर को शक हुआ और उन्होंने कंपनी से संपर्क कर इसकी पुष्टि की।
फर्जी दस्तावेज और ईमेल आईडी से रची गई साजिश
जब बैंक मैनेजर ने कंपनी को ईमेल के बारे में बताया तो पता चला कि वह ईमेल आईडी कंपनी की नहीं है। इसके बाद यह साफ हुआ कि आरोपी ने मिडवेस्ट ऑटो मोबाइल की फर्जी ईमेल आईडी और मिलिंद महाजन के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। पत्र में उल्लेखित मोबाइल नंबर भी मिलिंद का नहीं था। बैंक मैनेजर की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया के चलते इस ठगी को अंजाम नहीं दिया जा सका और समय रहते पुलिस को सूचना दे दी गई।
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वॉटर कंपनी के नाम से भी की गई जालसाजी की कोशिश
मामले की जांच के दौरान एक और जानकारी सामने आई कि कुछ दिन पहले एक वॉटर कंपनी के नाम से मिलिंद महाजन की कंपनी को दो लोडिंग गाड़ियों के लिए कॉल आया था। कॉलर ने लेटरहेड पर कोटेशन और दस्तावेज मांगे, जिन पर मिलिंद महाजन के हस्ताक्षर भी थे। शक होने पर जब वॉटर कंपनी से संपर्क किया गया, तो सामने आया कि संपर्क करने वाला व्यक्ति फर्जी था। उसी नंबर से बैंक में कॉल किए जा रहे थे। इस पूरे मामले में पुलिस अब आरोपी की पहचान करने और उसे गिरफ्तार करने की दिशा में कार्य कर रही है।
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बैंक मैनेजर की सतर्कता से बची बड़ी धोखाधड़ी
मिडवेस्ट ऑटो मोबाइल कंपनी के एचआर अभिषेक शर्मा ने मंगलवार को क्राइम ब्रांच में उपस्थित होकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि कंपनी का खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की साजन नगर ब्रांच में है। सोमवार को ब्रांच मैनेजर को दो बार एक कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाला खुद को मिलिंद महाजन बता रहा था और उसने 18 लाख रुपए से अधिक की राशि दो खातों में ट्रांसफर करने को कहा। इसके साथ ही आरोपी ने मिडवेस्ट ऑटो मोबाइल की फर्जी ईमेल आईडी बनाकर मिलिंद महाजन के नाम से एक पत्र भी भेजा। पत्र में दिए गए मोबाइल नंबर से जब मेल खाता नहीं मिला, तो बैंक मैनेजर को शक हुआ और उन्होंने कंपनी से संपर्क कर इसकी पुष्टि की।
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फर्जी दस्तावेज और ईमेल आईडी से रची गई साजिश
जब बैंक मैनेजर ने कंपनी को ईमेल के बारे में बताया तो पता चला कि वह ईमेल आईडी कंपनी की नहीं है। इसके बाद यह साफ हुआ कि आरोपी ने मिडवेस्ट ऑटो मोबाइल की फर्जी ईमेल आईडी और मिलिंद महाजन के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। पत्र में उल्लेखित मोबाइल नंबर भी मिलिंद का नहीं था। बैंक मैनेजर की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया के चलते इस ठगी को अंजाम नहीं दिया जा सका और समय रहते पुलिस को सूचना दे दी गई।
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वॉटर कंपनी के नाम से भी की गई जालसाजी की कोशिश
मामले की जांच के दौरान एक और जानकारी सामने आई कि कुछ दिन पहले एक वॉटर कंपनी के नाम से मिलिंद महाजन की कंपनी को दो लोडिंग गाड़ियों के लिए कॉल आया था। कॉलर ने लेटरहेड पर कोटेशन और दस्तावेज मांगे, जिन पर मिलिंद महाजन के हस्ताक्षर भी थे। शक होने पर जब वॉटर कंपनी से संपर्क किया गया, तो सामने आया कि संपर्क करने वाला व्यक्ति फर्जी था। उसी नंबर से बैंक में कॉल किए जा रहे थे। इस पूरे मामले में पुलिस अब आरोपी की पहचान करने और उसे गिरफ्तार करने की दिशा में कार्य कर रही है।
