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Indore News: इंदौर की 25 हजार बिल्डिंग हो जाएंगी सील... अगर एक महीने में नहीं माने कलेक्टर के ये नियम
Mon, 22 Apr 2024 10:41 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Mon, 22 Apr 2024 10:41 PM IST
सार
इंदौर में लगातार हो रही आगजमी की घटनाओं के बाद कलेक्टर ने 25 हजार बिल्डिंगों को बदलाव करने के लिए एक महीने का समय दिया है।
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Indore
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
इंदौर में हो रही आग की घटनाओं के बाद कलेक्टर आशीष सिंह ने शहर की 25 हजार से अधिक बिल्डिंगों के लिए नए निर्देश जारी कर दिए हैं। यह भी कहा है कि यदि एक महीने में यह निर्देश नहीं माने तो बिल्डिंग सील कर दी जाएगी। गौरतलब है कि पिछले एक सप्ताह में प्रशासन ने लोटस शोरूम समेत शहर के कई बड़े होटल और बिल्डिंगों को सील कर दिया है। इन बिल्डिगों को आग की बड़ी घटनाओं से बचाने और शहर के लोगों को सुरक्षित रखने के लिए यह नियम बनाए गए हैं।
यह हैं नए नियम
1. कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया है कि इंदौर में ऐसे व्यापारिक एवं वाणिज्यिक भवनों का चिन्हांकन कर लिया गया है जहां पर फायर फाइटिंग के लिए आवश्यक उपकरण लगाए जाने हैं एवं तदानुसार व्यवस्था सुनिश्चित की जाना हैं। व्यापारिक और वाणिज्यिक भवनों में जिनकी ऊंचाई 10 मीटर से कम हैं वहां पर फायर फर्स्ट एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट हॉज रील, डाउन राइजर, मैन्यूअली फायर अलार्म सिस्टम, टैरेस टैंक (10 हजार लीटर) और फायर पम्प (450 एलपीएम) होना आवश्यक है।
2. ऐसे वाणिज्यिक एवं व्यापारिक भवन जिनकी ऊंचाई 10 मीटर से 15 मीटर के बीच में हैं वहां पर फायर फर्स्ट एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट हॉज रील, डाउन राइजर, ऑटोमेटिक (बेसमेन्ट एरिया 200 m2), मैन्यूअली फायर अलार्म सिस्टम, अन्डरग्राउड वाटर (50 हजार लीटर), टैरेस टैंक (5 हजार लीटर) और फायर पम्प होना आवश्यक है।
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3. ऐसे वाणिज्यिक एवं व्यापारिक भवन जिनकी ऊंचाई 15 मीटर से 30 मीटर के बीच है, वहां पर फायर फर्स्ट एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट हॉज रील, वेट राइजर/डाउन कमर, ऑटोमेटिक स्पिंकलर, यार्ड हाईड्रेंट, मैन्यूअली फायर अलार्म सिस्टम एवं ऑटोमेटिक अन्डरग्राउड वाटर टैरेस पंप, अंडर ग्राउड वाटर (डेढ़ लाख लीटर) और टैरेस टैंक (20 हजार) और फ़ायर पम्प होना जरूरी है।
4. जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि इस सूचना के प्रकाशन दिनांक 22 अप्रैल से व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना प्रारंभ कर दें। एक माह की अवधि व्यवस्थाएं क़ायम करने के लिए प्रदान की गई है। इसके पश्चात कमी पाए जाने पर इन भवनों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर आशीष सिंह ने स्पष्ट किया है कि इंदौर एक वाणिज्यिक शहर हैं और यहां न केवल स्थानीय स्तर पर बड़ी संख्या में नागरिकों का अपितु प्रदेश भर से लोगों का आना जाना ऐसे भवनों में होता रहता हैं। ऐसे में जन सुरक्षा को देखते हुए व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाना अतिआवश्यक हैं।
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यह हैं नए नियम
1. कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया है कि इंदौर में ऐसे व्यापारिक एवं वाणिज्यिक भवनों का चिन्हांकन कर लिया गया है जहां पर फायर फाइटिंग के लिए आवश्यक उपकरण लगाए जाने हैं एवं तदानुसार व्यवस्था सुनिश्चित की जाना हैं। व्यापारिक और वाणिज्यिक भवनों में जिनकी ऊंचाई 10 मीटर से कम हैं वहां पर फायर फर्स्ट एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट हॉज रील, डाउन राइजर, मैन्यूअली फायर अलार्म सिस्टम, टैरेस टैंक (10 हजार लीटर) और फायर पम्प (450 एलपीएम) होना आवश्यक है।
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2. ऐसे वाणिज्यिक एवं व्यापारिक भवन जिनकी ऊंचाई 10 मीटर से 15 मीटर के बीच में हैं वहां पर फायर फर्स्ट एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट हॉज रील, डाउन राइजर, ऑटोमेटिक (बेसमेन्ट एरिया 200 m2), मैन्यूअली फायर अलार्म सिस्टम, अन्डरग्राउड वाटर (50 हजार लीटर), टैरेस टैंक (5 हजार लीटर) और फायर पम्प होना आवश्यक है।
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3. ऐसे वाणिज्यिक एवं व्यापारिक भवन जिनकी ऊंचाई 15 मीटर से 30 मीटर के बीच है, वहां पर फायर फर्स्ट एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट हॉज रील, वेट राइजर/डाउन कमर, ऑटोमेटिक स्पिंकलर, यार्ड हाईड्रेंट, मैन्यूअली फायर अलार्म सिस्टम एवं ऑटोमेटिक अन्डरग्राउड वाटर टैरेस पंप, अंडर ग्राउड वाटर (डेढ़ लाख लीटर) और टैरेस टैंक (20 हजार) और फ़ायर पम्प होना जरूरी है।
4. जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि इस सूचना के प्रकाशन दिनांक 22 अप्रैल से व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना प्रारंभ कर दें। एक माह की अवधि व्यवस्थाएं क़ायम करने के लिए प्रदान की गई है। इसके पश्चात कमी पाए जाने पर इन भवनों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर आशीष सिंह ने स्पष्ट किया है कि इंदौर एक वाणिज्यिक शहर हैं और यहां न केवल स्थानीय स्तर पर बड़ी संख्या में नागरिकों का अपितु प्रदेश भर से लोगों का आना जाना ऐसे भवनों में होता रहता हैं। ऐसे में जन सुरक्षा को देखते हुए व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाना अतिआवश्यक हैं।
