{"_id":"68d2c019e5fde43a270b2a04","slug":"indore-news-eyewitness-to-ranipura-building-collapse-2025-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore News: LIVE मौत का मंजर! 'एक पल की देरी होती तो दब जाता', इंदौर हादसे के गवाह की जुबानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore News: LIVE मौत का मंजर! 'एक पल की देरी होती तो दब जाता', इंदौर हादसे के गवाह की जुबानी
Tue, 23 Sep 2025 09:13 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Tue, 23 Sep 2025 09:13 PM IST
सार
Indore News: इंदौर में हुए हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों से बातचीत, बताया बिल्डिंग पहले झुकी और फिर सामने वाली बिल्डिंग से टकराई, इसके बाद गिरी। इससे कई लोगों की जान बच गई।
विज्ञापन
जाकिर शाह
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
मैं अपनी दुकान में काम कर रहा था, तभी अचानक से कुछ धंसने और दरकने की आवाज आई। तुरंत समझ में आया कि बिल्डिंग गिर रही है। मैं पलक झपकते ही दुकान से बाहर कूदा और साइड में हटा। इतने में पूरी बिल्डिंग गिर गई। यह कहना है जाकिर शाह का जिनकी दुकान रानीपुरा की उस बिल्डिंग में थी जिसमें दबकर दो लोगों की जान चली गई और 12 घायल हैं।
जाकिर ने बताया कि वे पिछले 15 साल से यहां पर दुकान चला रहे हैं। बिल्डिंग जर्जर हो रही थी और पिछले कुछ समय से हमें लग रहा था कि कुछ गड़बड़ है। बिल्डिंग में रहने वाले परिवारों और बिल्डिंग मालिकों से भी इस विषय में कई बार बात हो चुकी थी। सभी विशेषज्ञों को बुलाकर सलाह मशवरा करने की सोच रहे थे कि हादसा हो गया।
यह भी पढ़ें...
एक मां की सिस्टम से लड़ाईः मेरी बेटी को चूहे खा गए, पैसे नहीं इंसाफ चाहिए, साहब को जेल भेजो
विज्ञापन
बिल्डिंग के पीछे बैकलेन, जमा रहता था कचरा
जाकिर ने बताया कि बिल्डिंग के पीछे बैकलेन एरिया था। इसमें हमेशा कचरा जमा रहता था। चूहों की वजह से सभी लगातार परेशान रहते थे। बेसमेंट में और बिल्डिंग के आसपास के क्षेत्र में हमेशा पानी भी भरा रहता था। इस वजह से बहुत गंदगी रहती थी। धीरे धीरे बिल्डिंग का निचला हिस्सा सड़ने लगा था। जाकिर ने बताया कि बैकलेन के पास एक दरवाजा था जो कुछ समय पहले दो बार धंस चुका था। इससे हमें लग रहा था कि यहां कुछ परेशानी है। लगभग एक सप्ताह पहले बिल्डिंग का एक हिस्सा भी कुछ धंसने लगा था। कई लोगों ने हमें इसके बारे में बताया था। यह सभी बातें चल रही थी कि बिल्डिंग गिर गई।
इसलिए बच गए अधिकतर लोग...
जाकिर ने बताया कि बिल्डिंग गिरते ही सबसे पहले रहवासी दौड़कर आए। उन्होंने लोगों को निकालना शुरू कर दिया। बिल्डिंग आगे की तरफ गिरी यदि वह सीधे नीचे गिर जाती तो बहुत से लोग नहीं बचते। बिल्डिंग आगे झुकी और सामने वाली बिल्डिंग से टकरा गई। इसके बाद वह गिरी। इससे बहुत से लोगों की जान बच गई।
विज्ञापन
जाकिर ने बताया कि वे पिछले 15 साल से यहां पर दुकान चला रहे हैं। बिल्डिंग जर्जर हो रही थी और पिछले कुछ समय से हमें लग रहा था कि कुछ गड़बड़ है। बिल्डिंग में रहने वाले परिवारों और बिल्डिंग मालिकों से भी इस विषय में कई बार बात हो चुकी थी। सभी विशेषज्ञों को बुलाकर सलाह मशवरा करने की सोच रहे थे कि हादसा हो गया।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें...
एक मां की सिस्टम से लड़ाईः मेरी बेटी को चूहे खा गए, पैसे नहीं इंसाफ चाहिए, साहब को जेल भेजो
विज्ञापन
बिल्डिंग के पीछे बैकलेन, जमा रहता था कचरा
जाकिर ने बताया कि बिल्डिंग के पीछे बैकलेन एरिया था। इसमें हमेशा कचरा जमा रहता था। चूहों की वजह से सभी लगातार परेशान रहते थे। बेसमेंट में और बिल्डिंग के आसपास के क्षेत्र में हमेशा पानी भी भरा रहता था। इस वजह से बहुत गंदगी रहती थी। धीरे धीरे बिल्डिंग का निचला हिस्सा सड़ने लगा था। जाकिर ने बताया कि बैकलेन के पास एक दरवाजा था जो कुछ समय पहले दो बार धंस चुका था। इससे हमें लग रहा था कि यहां कुछ परेशानी है। लगभग एक सप्ताह पहले बिल्डिंग का एक हिस्सा भी कुछ धंसने लगा था। कई लोगों ने हमें इसके बारे में बताया था। यह सभी बातें चल रही थी कि बिल्डिंग गिर गई।
इसलिए बच गए अधिकतर लोग...
जाकिर ने बताया कि बिल्डिंग गिरते ही सबसे पहले रहवासी दौड़कर आए। उन्होंने लोगों को निकालना शुरू कर दिया। बिल्डिंग आगे की तरफ गिरी यदि वह सीधे नीचे गिर जाती तो बहुत से लोग नहीं बचते। बिल्डिंग आगे झुकी और सामने वाली बिल्डिंग से टकरा गई। इसके बाद वह गिरी। इससे बहुत से लोगों की जान बच गई।
