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Exclusive: दोस्त के साथ भाग गई 13 साल की बालिका, बस्ती के बच्चों ने तलाशा, माता-पिता से मिलवाया
Mon, 02 Dec 2024 07:13 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Mon, 02 Dec 2024 07:13 PM IST
सार
Indore News: बस्ती के बच्चों और एक संस्था की शिक्षिका ने बालक के परिजन को समझाया और उसके साथ गई बालिका को वापस बुलवाया गया। पुलिस ने भी इस कार्य की सराहना की।
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शिक्षिका सारिका गोर्वे।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
इंदौर में हर साल लापता होने वाली बालिकाओं की संख्या बढ़ती जा रही है। इनमें से अधिकांश मामलों में बालिकाएं अपने दोस्तों के साथ भाग जाती हैं। इसी तरह का एक मामला इंदौर की लसूड़िया बस्ती में सामने आया। यहां पर काम करने वाली संस्था बस्ती फाउंडेशन की शिक्षिका ने बस्ती के बच्चों की मदद से और अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए बालिका को वापस बुलाया।
कैसे वापस आई बालिका
लसूड़िया क्षेत्र में संस्था बस्ती फाउंडेशन का शिक्षा केन्द्र चलता है। यहां पढ़ाई के लिए आने वाली 13 वर्षीय बालिका अपने माता पिता को केन्द्र पर जाने का बोलकर घर से निकली लेकिन नहीं पहुंची। बाद में पता चला कि वह बस्ती के ही किसी लड़के के साथ भाग गई है। जब बालिका के पैरेंट्स को इस बात का पता चला तो उन्होंने शिक्षिका को कहा कि बच्ची को किसी भी तरह से वापस बुलवाइए। इस केंद्र पर सृजन के पुलिस कार्यक्रम आयोजित हुए हैं और समय समय पर पुलिसकर्मी बच्चों से संवाद करने भी आते हैं। इसी वजह से पैरेंट्स को विश्वास था कि बच्ची मिल जाएगी।
बच्चों ने दी बालक की जानकारी
जब शिक्षिका को बालिका के भागने की जानकारी मिली तो उन्होंने केंद्र के सभी बच्चों से पूछताछ की, पूछताछ में बच्चों ने बताया कि बालिका किसी लड़के से बातचीत करती थी और अक्सर उसी के साथ दिखाई देती थी। इस पर शिक्षिका बालक के घर पहुंची। बालक अपने घर से गायब था, इसलिए शिक्षिका का शक पुख्ता हो गया कि बालिका इसी बालक के साथ में भागी है। बालक के परिजन ने किसी भी तरह की बात करने से इंकार कर दिया और शिक्षका को वहां से चले जाने का कहा। इस पर शिक्षिका ने कानूनी नियमों की जानकारी दी और कहा कि यदि आपने अपने बालक को पूछताछ के लिए नहीं बुलाया तो पुलिस में शिकायत के बाद कार्ऱवाई की जाएगी। इस पर बालक के परिजन ने बताया कि हमारा बालक उस बालिका को लेकर इंदौर के बाहर जा चुका है। शिक्षिका ने बालक और बालिका को तुरंत वापस बुलाने का कहा और पैरेंट्स और शिक्षिका के दबाव में बालक और बालिका घर वापस आए। इस तरह बस्ती के बच्चों और शिक्षिका के प्रयासों से एक बालिका का भविष्य खराब होने से बच गया।
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पुलिस और संस्था के प्रयास सफल हुए
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा एवं एआईजी ) प्रियंका डुडवे ने बताया कि पुलिस द्वारा इंदौर की बस्तियों में सृजन और कई अन्य प्रोजेक्ट चलाए जा रहे हैं। इनका मकसद है कि बालिकाओं को सही मार्गदर्शन दिया जा सके और उन्हें बेहतर भविष्य बनाने में मदद की जा सके। बस्ती फाउंडेशन के माध्यम से लसूड़िया क्षेत्र में बालिकाओं के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। बच्ची का मिलना बेहद सराहनीय है। इसमें बस्ती के बच्चों और शिक्षिका बधाई के पात्र हैं।
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कैसे वापस आई बालिका
लसूड़िया क्षेत्र में संस्था बस्ती फाउंडेशन का शिक्षा केन्द्र चलता है। यहां पढ़ाई के लिए आने वाली 13 वर्षीय बालिका अपने माता पिता को केन्द्र पर जाने का बोलकर घर से निकली लेकिन नहीं पहुंची। बाद में पता चला कि वह बस्ती के ही किसी लड़के के साथ भाग गई है। जब बालिका के पैरेंट्स को इस बात का पता चला तो उन्होंने शिक्षिका को कहा कि बच्ची को किसी भी तरह से वापस बुलवाइए। इस केंद्र पर सृजन के पुलिस कार्यक्रम आयोजित हुए हैं और समय समय पर पुलिसकर्मी बच्चों से संवाद करने भी आते हैं। इसी वजह से पैरेंट्स को विश्वास था कि बच्ची मिल जाएगी।
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बच्चों ने दी बालक की जानकारी
जब शिक्षिका को बालिका के भागने की जानकारी मिली तो उन्होंने केंद्र के सभी बच्चों से पूछताछ की, पूछताछ में बच्चों ने बताया कि बालिका किसी लड़के से बातचीत करती थी और अक्सर उसी के साथ दिखाई देती थी। इस पर शिक्षिका बालक के घर पहुंची। बालक अपने घर से गायब था, इसलिए शिक्षिका का शक पुख्ता हो गया कि बालिका इसी बालक के साथ में भागी है। बालक के परिजन ने किसी भी तरह की बात करने से इंकार कर दिया और शिक्षका को वहां से चले जाने का कहा। इस पर शिक्षिका ने कानूनी नियमों की जानकारी दी और कहा कि यदि आपने अपने बालक को पूछताछ के लिए नहीं बुलाया तो पुलिस में शिकायत के बाद कार्ऱवाई की जाएगी। इस पर बालक के परिजन ने बताया कि हमारा बालक उस बालिका को लेकर इंदौर के बाहर जा चुका है। शिक्षिका ने बालक और बालिका को तुरंत वापस बुलाने का कहा और पैरेंट्स और शिक्षिका के दबाव में बालक और बालिका घर वापस आए। इस तरह बस्ती के बच्चों और शिक्षिका के प्रयासों से एक बालिका का भविष्य खराब होने से बच गया।
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पुलिस और संस्था के प्रयास सफल हुए
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा एवं एआईजी ) प्रियंका डुडवे ने बताया कि पुलिस द्वारा इंदौर की बस्तियों में सृजन और कई अन्य प्रोजेक्ट चलाए जा रहे हैं। इनका मकसद है कि बालिकाओं को सही मार्गदर्शन दिया जा सके और उन्हें बेहतर भविष्य बनाने में मदद की जा सके। बस्ती फाउंडेशन के माध्यम से लसूड़िया क्षेत्र में बालिकाओं के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। बच्ची का मिलना बेहद सराहनीय है। इसमें बस्ती के बच्चों और शिक्षिका बधाई के पात्र हैं।
