{"_id":"66c37556edaec8c0f308a217","slug":"indore-news-cpr-police-help-case-2024-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore News: पिता की जान बचाने के लिए बेटी ने लगाई आवाज, भीड़ के बीच पुलिसकर्मी का अनुभव आया काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore News: पिता की जान बचाने के लिए बेटी ने लगाई आवाज, भीड़ के बीच पुलिसकर्मी का अनुभव आया काम
Mon, 19 Aug 2024 10:09 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Mon, 19 Aug 2024 10:09 PM IST
सार
इस घटना से एक बार फिर यह पता चला है कि सीपीआर जान बचाने का एक महत्वपूर्ण तरीका है। हर व्यक्ति को सीपीआर सीखना चाहिए।
विज्ञापन
पुलिसकर्मी ने बेटी की गुहार पर पिता की जान तुरंत बचाई।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इंदौर के किशनगंज थाने में पदस्थ एक पुलिसकर्मी ने सोमवार शाम को एक व्यक्ति की जान बचाई। यह घटना इंदौर और महू के बीच हुई। शाम करीब साढ़े पांच बजे पीथमपुर निवासी जगदीश अपनी 14 साल की बेटी के साथ एक्टिवा पर जा रहे थे। अचानक जगदीश को घबराहट हुई और उन्होंने एक्टिवा रोक दी। बेटी ने पिता की हालत देखकर मदद के लिए लोगों से गुहार लगाई।
भीड़ में कोई मदद करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था
भीड़ तो जमा हो गई लेकिन कोई आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। तभी किशनगंज थाने से बाइक पर निकले हेड कॉन्स्टेबल राघवेंद्र रघुवंशी भीड़ के पास पहुंचे। बच्ची ने उन्हें अपने पिता की ओर इशारा किया। जगदीश तब तक जमीन पर गिर चुके थे। राघवेंद्र ने तुरंत समझदारी दिखाते हुए जगदीश को सीपीआर (Cardiopulmonary resuscitation) देना शुरू कर दिया। कुछ ही सेकंड में जगदीश की सांसें चलने लगीं और वह होश में आ गए। उन्होंने पुलिसकर्मी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने देवता बनकर उनकी जान बचाई है।
पुलिसकर्मी को सम्मान देने की मांग
इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोग पुलिसकर्मी की तारीफ कर रहे हैं। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि मानवीयता और तत्परता किसी भी मुश्किल स्थिति से निकलने का रास्ता दिखा सकती है। लोग सोशल मीडिया पर राघवेंद्र रघुवंशी जैसे पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने की भी मांग कर रहे हैं। यह भी बता रहे हैं कि लोगों को भी सीपीआर जैसी जीवन बचाने वाली तकनीकों के बारे में जागरूक होना चाहिए। इस तरह की घटनाएं हमें यह भी याद दिलाती हैं कि एक छोटी सी मदद किसी की जिंदगी बदल सकती है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था नहीं है, बल्कि समाज की सेवा करने वाली भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
भीड़ में कोई मदद करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था
भीड़ तो जमा हो गई लेकिन कोई आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। तभी किशनगंज थाने से बाइक पर निकले हेड कॉन्स्टेबल राघवेंद्र रघुवंशी भीड़ के पास पहुंचे। बच्ची ने उन्हें अपने पिता की ओर इशारा किया। जगदीश तब तक जमीन पर गिर चुके थे। राघवेंद्र ने तुरंत समझदारी दिखाते हुए जगदीश को सीपीआर (Cardiopulmonary resuscitation) देना शुरू कर दिया। कुछ ही सेकंड में जगदीश की सांसें चलने लगीं और वह होश में आ गए। उन्होंने पुलिसकर्मी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने देवता बनकर उनकी जान बचाई है।
विज्ञापन
पुलिसकर्मी को सम्मान देने की मांग
इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोग पुलिसकर्मी की तारीफ कर रहे हैं। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि मानवीयता और तत्परता किसी भी मुश्किल स्थिति से निकलने का रास्ता दिखा सकती है। लोग सोशल मीडिया पर राघवेंद्र रघुवंशी जैसे पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने की भी मांग कर रहे हैं। यह भी बता रहे हैं कि लोगों को भी सीपीआर जैसी जीवन बचाने वाली तकनीकों के बारे में जागरूक होना चाहिए। इस तरह की घटनाएं हमें यह भी याद दिलाती हैं कि एक छोटी सी मदद किसी की जिंदगी बदल सकती है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था नहीं है, बल्कि समाज की सेवा करने वाली भी है।
विज्ञापन
