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Indore News: सफाई सर्वेक्षण पूरा, इंदौर फिर बनेगा नंबर 1 या मिलेगी कड़ी टक्कर
Wed, 02 Apr 2025 06:09 AM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ,इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ,इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Wed, 02 Apr 2025 06:09 AM IST
सार
Indore News: केंद्र सरकार की टीम ने इंदौर में 1500 स्थानों पर स्वच्छता सर्वेक्षण पूरा कर लिया है। इस बार नए पैरामीटर लागू किए गए, जिससे नगर निगम की टीम पूरी सतर्कता के साथ जुटी रही।
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बैठक के दौरान चर्चा करते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
इंदौर में सफाई की स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्र सरकार की टीम द्वारा 10 दिनों तक सर्वेक्षण किया गया। इस दौरान टीम ने 1500 स्थानों पर जाकर सफाई की स्थिति को बारीकी से देखा और नागरिकों के साथ संवाद स्थापित किया। नगर निगम के अधिकारी और स्वयंसेवी संगठन के कार्यकर्ता पूरी तत्परता के साथ इस सर्वेक्षण के दौरान सक्रिय रहे। इंदौर, जो पिछले 7 वर्षों से स्वच्छता सर्वेक्षण में देशभर में नंबर एक स्थान पर रहा है, इस बार भी अपनी दावेदारी बनाए रखने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि, इस बार सर्वेक्षण की प्रक्रिया पिछले वर्षों की तुलना में विलंब से शुरू हुई और देर से ही समाप्त हुई।
नए पैरामीटर के तहत किया गया सर्वेक्षण
भारत सरकार ने इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण के मानकों में बड़े बदलाव किए थे, जिससे नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच यह चिंता बनी हुई थी कि किस प्रकार सर्वेक्षण टीम काम को परखेगी। सर्वेक्षण के दौरान टीम ने जलाशयों, गारबेज सेंटर, ट्रेंचिंग ग्राउंड, घर-घर से कचरा संग्रहण की स्थिति और कचरे के अलगाव (सेग्रीगेशन) की प्रक्रिया का गहन निरीक्षण किया। साथ ही, घरों में कचरे के निष्पादन की व्यवस्था को भी जांचा गया। इंदौर में चलाई जा रही आर-एक्टिविटी को इस बार सर्वेक्षण में प्रमुखता से स्थान दिया गया। इसके अलावा, नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता को भी इस मूल्यांकन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया।
स्कूलों में भी किया गया स्वच्छता मूल्यांकन
इस बार पहली बार स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान स्कूलों में जाकर वहां की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। सर्वेक्षण टीम ने बच्चों से बातचीत कर यह जानने की कोशिश की कि वे स्वच्छता के महत्व को कितनी अच्छी तरह समझते हैं। यह पहल इसलिए की गई ताकि बच्चों में स्वच्छता की आदतों को और अधिक प्रभावी तरीके से विकसित किया जा सके। स्वच्छता का यह व्यापक मूल्यांकन सुनिश्चित करेगा कि इंदौर अपनी स्वच्छ छवि को बरकरार रख सके और देशभर के अन्य शहरों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत कर सके।
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अब वाटर प्लस और गारबेज फ्री सिटी सर्वेक्षण पर नजर
स्वच्छता सर्वेक्षण पूरा होने के बाद अब नगर निगम की टीम का ध्यान वाटर प्लस सर्वेक्षण और गारबेज फ्री सिटी सर्वेक्षण पर केंद्रित हो गया है। इंदौर देश का पहला वाटर प्लस शहर था, लेकिन यह दर्जा अब समाप्त हो रहा है, इसलिए नए सिरे से सर्वेक्षण किया जाना आवश्यक है। नगर निगम अधिकारियों का मानना है कि अगले 10 दिनों में इसके लिए सर्वेक्षण टीम इंदौर पहुंचेगी। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा लगातार बैठकें कर रहे हैं। आज भी शिवम वर्मा ने सुबह 8 बजे नगर निगम अधिकारियों की बैठक बुलाई, जिसमें नए सर्वेक्षण की तैयारियों को पूरी ताकत के साथ अंजाम देने के निर्देश दिए गए।
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नए पैरामीटर के तहत किया गया सर्वेक्षण
भारत सरकार ने इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण के मानकों में बड़े बदलाव किए थे, जिससे नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच यह चिंता बनी हुई थी कि किस प्रकार सर्वेक्षण टीम काम को परखेगी। सर्वेक्षण के दौरान टीम ने जलाशयों, गारबेज सेंटर, ट्रेंचिंग ग्राउंड, घर-घर से कचरा संग्रहण की स्थिति और कचरे के अलगाव (सेग्रीगेशन) की प्रक्रिया का गहन निरीक्षण किया। साथ ही, घरों में कचरे के निष्पादन की व्यवस्था को भी जांचा गया। इंदौर में चलाई जा रही आर-एक्टिविटी को इस बार सर्वेक्षण में प्रमुखता से स्थान दिया गया। इसके अलावा, नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता को भी इस मूल्यांकन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया।
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स्कूलों में भी किया गया स्वच्छता मूल्यांकन
इस बार पहली बार स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान स्कूलों में जाकर वहां की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। सर्वेक्षण टीम ने बच्चों से बातचीत कर यह जानने की कोशिश की कि वे स्वच्छता के महत्व को कितनी अच्छी तरह समझते हैं। यह पहल इसलिए की गई ताकि बच्चों में स्वच्छता की आदतों को और अधिक प्रभावी तरीके से विकसित किया जा सके। स्वच्छता का यह व्यापक मूल्यांकन सुनिश्चित करेगा कि इंदौर अपनी स्वच्छ छवि को बरकरार रख सके और देशभर के अन्य शहरों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत कर सके।
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अब वाटर प्लस और गारबेज फ्री सिटी सर्वेक्षण पर नजर
स्वच्छता सर्वेक्षण पूरा होने के बाद अब नगर निगम की टीम का ध्यान वाटर प्लस सर्वेक्षण और गारबेज फ्री सिटी सर्वेक्षण पर केंद्रित हो गया है। इंदौर देश का पहला वाटर प्लस शहर था, लेकिन यह दर्जा अब समाप्त हो रहा है, इसलिए नए सिरे से सर्वेक्षण किया जाना आवश्यक है। नगर निगम अधिकारियों का मानना है कि अगले 10 दिनों में इसके लिए सर्वेक्षण टीम इंदौर पहुंचेगी। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा लगातार बैठकें कर रहे हैं। आज भी शिवम वर्मा ने सुबह 8 बजे नगर निगम अधिकारियों की बैठक बुलाई, जिसमें नए सर्वेक्षण की तैयारियों को पूरी ताकत के साथ अंजाम देने के निर्देश दिए गए।
