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Indore News: सिटी बस के पास हुए तीन गुना महंगे, छात्रों ने किया विरोध
Fri, 17 Apr 2026 10:54 PM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Fri, 17 Apr 2026 10:54 PM IST
सार
Indore News: इंदौर में महापौर पास योजना बंद होने से सिटी बस पास की कीमतों में तीन गुना वृद्धि हुई है। पूर्व में 200 रुपये में मिलने वाला छात्र पास अब 600 रुपये का हो गया है, जिसके विरोध में छात्रों ने नगर निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन किया।
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छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
नगर निगम इंदौर में सिटी बस के पास की कीमतों में हुई अचानक वृद्धि ने छात्रों से लेकर बुजुर्गों तक की चिंता बढ़ा दी है। जो पास पहले बेहद कम और रियायती दरों पर उपलब्ध थे, उनकी कीमतों में अब तीन गुना तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस निर्णय के बाद विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के सामने संकट खड़ा हो गया है जो शहर के बाहरी क्षेत्रों से आकर इंदौर में पढ़ाई कर रहे हैं और प्रतिदिन कॉलेज आने-जाने के लिए इन्हीं बसों पर निर्भर हैं।
महापौर पास योजना बंद होने का असर
शहर में बसों के किराए और पास की दरों में यह बड़ा बदलाव महापौर पास योजना के बंद होने के कारण देखने को मिल रहा है। पूर्व में इस योजना के तहत छात्रों को विशेष रियायतें दी जाती थीं, जो अब समाप्त कर दी गई हैं। इसी विरोध स्वरूप बड़ी संख्या में छात्रों ने नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और बढ़ी हुई कीमतों को तत्काल वापस लेने की मांग उठाई। छात्र संगठन के कार्यकर्ता प्रमोद नामदेव ने कहा कि सरकार छात्रों को एटीएम मशीन समझ रही है।
पास की दरों में तीन गुना वृद्धि
आंकड़ों के नजरिए से देखें तो महापौर योजना के प्रभावी रहने तक छात्रों को स्पेशल पास मात्र 200 रुपये में प्राप्त होता था, जबकि सामान्य पास की कीमत 1200 रुपये थी। योजना के बंद होने के बाद अब स्पेशल पास की मूल कीमत भी बढ़कर 1200 रुपये हो गई है। हालांकि, वर्तमान में एआईसीटीएसएल द्वारा दी जा रही 50 प्रतिशत सब्सिडी के कारण यह पास 600 रुपये में दिया जा रहा है, जो कि पुराने दाम के मुकाबले तीन गुना अधिक है।
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संचालन व्यवस्था में हुआ प्रशासनिक बदलाव
पास की कीमतों में आए इस उछाल के पीछे एक बड़ा प्रशासनिक कारण भी सामने आया है। दरअसल, पहले प्रदेश में सिटी बसों का संचालन नगरीय विकास विभाग के माध्यम से नगर निगम करता था। अब नई व्यवस्था के तहत इसका संचालन परिवहन विभाग को सौंप दिया गया है। इस बदलाव के कारण एआईसीटीएसएल भी अब नगर निगम के बजाय सीधे परिवहन विभाग के अधीन कार्य कर रहा है। इसी फेरबदल की वजह से नगर निगम ने अपनी महापौर योजना को बंद कर दिया है।
शहर में सिटी बसों की वर्तमान स्थिति
एआईसीटीएसएल के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इंदौर शहर में कुल मिलाकर लगभग 120 इलेक्ट्रिक बसें (आई-बस सहित), 150 सीएनजी बसें और करीब 130 डीजल बसें मौजूद हैं। हालांकि इनमें से कुछ बसें वर्तमान में बंद हैं, लेकिन शहर की सड़कों पर अभी 270 से अधिक बसों का सुचारू रूप से संचालन किया जा रहा है।
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महापौर पास योजना बंद होने का असर
शहर में बसों के किराए और पास की दरों में यह बड़ा बदलाव महापौर पास योजना के बंद होने के कारण देखने को मिल रहा है। पूर्व में इस योजना के तहत छात्रों को विशेष रियायतें दी जाती थीं, जो अब समाप्त कर दी गई हैं। इसी विरोध स्वरूप बड़ी संख्या में छात्रों ने नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और बढ़ी हुई कीमतों को तत्काल वापस लेने की मांग उठाई। छात्र संगठन के कार्यकर्ता प्रमोद नामदेव ने कहा कि सरकार छात्रों को एटीएम मशीन समझ रही है।
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पास की दरों में तीन गुना वृद्धि
आंकड़ों के नजरिए से देखें तो महापौर योजना के प्रभावी रहने तक छात्रों को स्पेशल पास मात्र 200 रुपये में प्राप्त होता था, जबकि सामान्य पास की कीमत 1200 रुपये थी। योजना के बंद होने के बाद अब स्पेशल पास की मूल कीमत भी बढ़कर 1200 रुपये हो गई है। हालांकि, वर्तमान में एआईसीटीएसएल द्वारा दी जा रही 50 प्रतिशत सब्सिडी के कारण यह पास 600 रुपये में दिया जा रहा है, जो कि पुराने दाम के मुकाबले तीन गुना अधिक है।
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संचालन व्यवस्था में हुआ प्रशासनिक बदलाव
पास की कीमतों में आए इस उछाल के पीछे एक बड़ा प्रशासनिक कारण भी सामने आया है। दरअसल, पहले प्रदेश में सिटी बसों का संचालन नगरीय विकास विभाग के माध्यम से नगर निगम करता था। अब नई व्यवस्था के तहत इसका संचालन परिवहन विभाग को सौंप दिया गया है। इस बदलाव के कारण एआईसीटीएसएल भी अब नगर निगम के बजाय सीधे परिवहन विभाग के अधीन कार्य कर रहा है। इसी फेरबदल की वजह से नगर निगम ने अपनी महापौर योजना को बंद कर दिया है।
शहर में सिटी बसों की वर्तमान स्थिति
एआईसीटीएसएल के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इंदौर शहर में कुल मिलाकर लगभग 120 इलेक्ट्रिक बसें (आई-बस सहित), 150 सीएनजी बसें और करीब 130 डीजल बसें मौजूद हैं। हालांकि इनमें से कुछ बसें वर्तमान में बंद हैं, लेकिन शहर की सड़कों पर अभी 270 से अधिक बसों का सुचारू रूप से संचालन किया जा रहा है।
