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Indore News: इंदौर से अपराध करके बाहर भागना अब संभव नहीं, हर एंट्री एग्जिट पर लगे लाइव कैमरे
Sun, 10 Nov 2024 02:26 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sun, 10 Nov 2024 02:26 PM IST
सार
Indore News: तीसरी आंख की नजर से अब नहीं बच पाएंगे बाहरी गिरोह, शहर में इंट्री और एग्जिट की 17 लोकेशन पर लगे 120 कैमरे शुरू
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इंदौर की सुरक्षा अब और भी मजबूत।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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शहर में अपराध पर नियंत्रण पाने और बाहरी गिरोहों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस ने एक सशक्त सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है। इसके अंतर्गत शहर में आने-जाने के महत्वपूर्ण स्थानों पर हाई-टेक नाइट विजन कैमरे लगाए गए हैं, जो दिन और रात दोनों समय में स्पष्ट तस्वीरें कैप्चर करने में सक्षम हैं। पुलिस ने ऐसे 17 प्रमुख स्थानों को चिन्हित किया है, जिनका उपयोग अक्सर अपराधी शहर में प्रवेश करने या वारदात के बाद निकलने के लिए करते हैं। इन स्थानों पर कुल 120 नाइट विजन कैमरे लगाए गए हैं, और इन कैमरों ने एक सप्ताह से काम करना शुरू कर दिया है। पुलिस कंट्रोल रूम से इन कैमरों की लाइव फीड देखी जा सकती है, जिससे आने-जाने वाले वाहनों और लोगों पर आसानी से नजर रखी जा रही है।
हर सीमा सीसीटीवी की नजर में कैद होगी।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
यहां पर लगे हैं कैमरे
इन प्रमुख स्थानों में रालामंडल, राऊ गोल चौराहा, कनाड़िया, बेस्ट प्राइज, बायपास, सांवेर रोड, तेजाजी नगर, पीथमपुर रोड, नावदापंथ, गोम्मटगिरि, टीसीएस चौराहा और बुढ़ानिया जैसे इलाके शामिल हैं। प्रत्येक स्थान पर कम से कम चार कैमरे लगाए गए हैं, ताकि कोई भी गतिविधि पुलिस की नजरों से बच न सके। यह कदम अपराधियों के खिलाफ एक सख्त पहल मानी जा रही है, जो अक्सर ऐसे मार्गों का उपयोग करके पुलिस की पकड़ से बच निकलते थे।
पुलिस को होगी मदद
शहर में कुल मिलाकर एक हजार के लगभग कैमरे पहले ही लगाए जा चुके हैं, जिनमें से अधिकतर कैमरे प्रमुख चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में लगे हैं। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत भी इन स्थानों पर सुरक्षा के लिए कई नए कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा, पुलिस स्थानीय कॉलोनियों, सोसाइटियों और व्यापारियों के सहयोग से भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रही है। शहर में लगाए गए पांच हजार से अधिक निजी कैमरे पुलिस को अपराधियों की पहचान करने और वारदात के बाद उनका पीछा करने में मददगार साबित हो रहे हैं।
बाहरी गिरोह से बड़े अपराध हुए
पुलिस के अनुसार, कुछ साल पहले बाहरी गिरोहों पर नकेल कसने के लिए इंदौर, जबलपुर और भोपाल जैसे बड़े शहरों के लिए 18 करोड़ का एक प्रोजेक्ट तैयार किया गया था, जिसके तहत हर शहर में लगभग सौ नाइट विजन कैमरे लगाने का प्रस्ताव था। यह प्रोजेक्ट अब कार्यान्वित हो चुका है और इन शहरों में भी इंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों का रखरखाव और देखभाल के लिए पुलिस ने कैमरा लगाने वाली कंपनी के साथ पांच साल का अनुबंध किया है, जिसमें कंपनी मेंटेनेंस की भी जिम्मेदारी उठाएगी।
अपराध कम होगा
इन नाइट विजन कैमरों की मदद से अब पुलिस अपराधियों की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रख सकेगी और वारदात के तुरंत बाद उनके भागने के रास्तों की पहचान कर सकेगी। पुलिस की इस पहल से अपराधियों पर सख्ती बढ़ने की संभावना है, जिससे शहर में अपराध दर को कम करने में मदद मिलेगी।
इन प्रमुख स्थानों में रालामंडल, राऊ गोल चौराहा, कनाड़िया, बेस्ट प्राइज, बायपास, सांवेर रोड, तेजाजी नगर, पीथमपुर रोड, नावदापंथ, गोम्मटगिरि, टीसीएस चौराहा और बुढ़ानिया जैसे इलाके शामिल हैं। प्रत्येक स्थान पर कम से कम चार कैमरे लगाए गए हैं, ताकि कोई भी गतिविधि पुलिस की नजरों से बच न सके। यह कदम अपराधियों के खिलाफ एक सख्त पहल मानी जा रही है, जो अक्सर ऐसे मार्गों का उपयोग करके पुलिस की पकड़ से बच निकलते थे।
पुलिस को होगी मदद
शहर में कुल मिलाकर एक हजार के लगभग कैमरे पहले ही लगाए जा चुके हैं, जिनमें से अधिकतर कैमरे प्रमुख चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में लगे हैं। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत भी इन स्थानों पर सुरक्षा के लिए कई नए कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा, पुलिस स्थानीय कॉलोनियों, सोसाइटियों और व्यापारियों के सहयोग से भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रही है। शहर में लगाए गए पांच हजार से अधिक निजी कैमरे पुलिस को अपराधियों की पहचान करने और वारदात के बाद उनका पीछा करने में मददगार साबित हो रहे हैं।
बाहरी गिरोह से बड़े अपराध हुए
पुलिस के अनुसार, कुछ साल पहले बाहरी गिरोहों पर नकेल कसने के लिए इंदौर, जबलपुर और भोपाल जैसे बड़े शहरों के लिए 18 करोड़ का एक प्रोजेक्ट तैयार किया गया था, जिसके तहत हर शहर में लगभग सौ नाइट विजन कैमरे लगाने का प्रस्ताव था। यह प्रोजेक्ट अब कार्यान्वित हो चुका है और इन शहरों में भी इंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों का रखरखाव और देखभाल के लिए पुलिस ने कैमरा लगाने वाली कंपनी के साथ पांच साल का अनुबंध किया है, जिसमें कंपनी मेंटेनेंस की भी जिम्मेदारी उठाएगी।
अपराध कम होगा
इन नाइट विजन कैमरों की मदद से अब पुलिस अपराधियों की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रख सकेगी और वारदात के तुरंत बाद उनके भागने के रास्तों की पहचान कर सकेगी। पुलिस की इस पहल से अपराधियों पर सख्ती बढ़ने की संभावना है, जिससे शहर में अपराध दर को कम करने में मदद मिलेगी।
