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Gujarat Blast: शवों के बीच बेटे को तलाशती रहीं बुजुर्ग पिता की आंखें, जिसने भी देखा रो पड़ा

Wed, 02 Apr 2025 11:32 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Wed, 02 Apr 2025 11:32 PM IST
सार

Indore News: गुजरात के बनासकांठा में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे में जान गंवाने वाले दस मजदूरों के शव बुधवार रात इंदौर पहुंचे। प्रशासन ने शवों को गुरुवार सुबह देवास भेजने की योजना बनाई है, जबकि आठ अन्य शव हरदा भेजे जाएंगे।

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Indore News Bodies of Gujarat Blast Factory Workers Reach Indore, Heartbroken Father Searches for Son
देर रात ही अस्पताल पहुंचने लगे परिजन - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

विस्तार

गुजरात के बनासकांठा की पटाखा फैक्ट्री में जान गंवाने वाले दस मजदूरों के शवों को बुधवार देर रात इंदौर लाया गया। बिलखते हुए परिजन को यह सूचना मिली तो वे रात में ही एमवाय आने लगे। 24 साल के पंकज की भी हादसे में जान चली गई है। बदहवास पिता शवों के बीच उसे तलाशते रहे। रोते हुए कहते रहे उठ जा बेटा तेरे सिवा मेरा और कौन है। अस्पताल का प्रबंधन पिता को ढांढस बंधाता रहा। प्रशासन गुरुवार सुबह शवों को देवास पहुंचाएगा। सभी मजदूर देवास जिले के रहने वाले थे। आठ और मजदूरों के शव आज मप्र में लाए गए हैं जिन्हें हरदा पहुंचाया जाएगा। 
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देवास और हरदा में शोक की लहर
हादसे में जान गंवाने वाले दस मजदूर देवास जिले हैं और आठ हरदा के हैं। दोनों ही जिलों में हादसे के बाद से शोक की लहर है। मुखयमंत्री मोहन यादव ने भी घटना पर शोक जताया है और मृतकों के परिजन को दो लाख रुपए की सहायता राशि राशि देने की घोषणा की है। वहीं गुजरात सरकार ने भी चार लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की है। वहीं दूसरी तरफ मृतकों के परिजन ने कहा है कि हम दूसरों से मांगकर सरकार को पैसे दे देंगे वह हमारे बेटों को वापस लौटा दे। 
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जहां बनते थे पटाखे वहीं बनता था खाना
जांच में सामने आया है कि जहां पर पटाखे बनते थे वहीं पर मजदूरों को खाना बनाने की भी जगह दे रखी थी। इसी वजह से हादसा हुआ। फैक्ट्री का मालिक खूबचंद सिंधी था जिसने बेटे दीपक मोहनानी के नाम से यह फैक्ट्री शुरू की थी। दीपक ही फैक्ट्री का काम देखता था। पुलिस ने दीपक को पकड़ लिया है। 
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