फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore News: After the scam money went to the bank, it was withdrawn in cash and distributed, departmental inv

Indore News:घोटाले का पैसा बैंक में जाने के बाद नकद निकाल कर बंटता था, विभागीय जांच पूरी

Wed, 01 May 2024 09:38 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Wed, 01 May 2024 09:38 PM IST
सार

जांच कर रहे अफसरों को यह पता चला है कि ठेकेदारों को भी पूरा पैसा नहीं मिलता था। घोटाले की राशि मेें सबसे ज्यादा पैसा इंजीनियर अभय राठौर रखता था। इसके अलावा लेखा विभाग का इंजीनियर राजकुमार सालवी व अन्य कर्मचारियों को भी राशि मिलती थी।

विज्ञापन
Indore News: After the scam money went to the bank, it was withdrawn in cash and distributed, departmental inv
इंदौर नगर निगम में घोटाला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नगर निगम में हुए ड्रेनेज घोटाले की विभागीय जांच लगभग पूरी हो चुकी है। उसे प्रदेश सरकार को भेजा जा रहा है। इस घोटाले का मास्टर माइंड नगर निगम का इंजीनियर अभय राठौर है। उसके ही इशारों पर ठेकेदार फर्जी फाइल तैयार करते थे और लेखा विभाग के कर्मचारी उन्हें मंजूर कराने में मदद करते थे। पांच फर्मों के ठेकेदारों के दस सालों के कामों की फिलहाल जांच के दायरे में लिया हैै। इन फर्मों की 188 फाइलों की जांच की जा रही है।

विज्ञापन

जांच में यह पता चला है कि नगर निगम से जैसे ही ठेकेदारों के बैंक खातों में पैसा जाता था, उसे तत्काल नकद के रुप में निकाल लिया जाता था। उन खातों से आनलाइन ट्रांजेक्शन नहीं होता था। इस वजह से अफसर यह नहीं पता कर पा रहे है कि घोटाले का पैसा कहां-कहां बांटा जाता था।

विज्ञापन


जांच कर रहे अफसरों को यह पता चला है कि ठेकेदारों को भी पूरा पैसा नहीं मिलता था। घोटाले की राशि मेें सबसे ज्यादा पैसा इंजीनियर अभय राठौर रखता था। इसके अलावा लेखा विभाग का इंजीनियर राजकुमार सालवी व अन्य कर्मचारियों को भी राशि मिलती थी। इसके बाद ठेकेदारों को पैसा मिलता था।

विज्ञापन
विज्ञापन

जिस विभाग में भेजा वहां घोटाले किए

इंजीनियर अभय राठौर लंबे समय तक जल यंत्रालय में रहा। यहां किराए के टैंकर लगाने का जिम्मा उसके पास रहता था। वह कागजों पर अपने रिश्तेदारों के टैंकर किराए पर लगाता था। 15 साल पहले हुए यशवंत सागर पाइप घोटाले में भी वह निलंबित हो चुका था।


स्वच्छता मिशन के काम की जिम्मेदारी मिली तो वहां भी इन ठेकेदारों के जरिए घोटाले किए। ड्रेनेज विभाग मेें फर्जी फाइल बनाने की जांच चल ही रही है। लोकायुक्त छापे के बाद राठौर को फिर निलंबित किया गया और उसे ट्रेंचिंग ग्राउंड भेजा गया था। तब उसने वहां भी चार करोड़ के घोटाले को अंजाम दे डाला।

दस सालों के कामों की जांच

पांच फर्मों को दस सालों में जितने काम दिए गए। उसे जांच के दायरे मेें लिया गया है। ठेकेदारों के बैंक खाते और ट्रांजेक्शन की जांच भी जा रही है। जांच रिपोर्ट लगभग तैयार हो चुकी है। उसे गुरुवार को राज्य सरकार को भेजा जाएगा।-शिवम वर्मा, निगमायुक्त

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed