Indore: 103 साल बाद इंदौर में सीकेपी समाज का राष्ट्रीय सम्मेलन, 34 शहरों से आएंगे लोग
सम्मेलन में गुणीजन सम्मान न्यायधीश शांतनु केमकर व डाॅ.दिगपाल धारकर को दिया जाएगा। शाम पांच बजे कायस्थ मिलाप कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय और पूर्व सांसद आरके सिन्हा शामिल होंगे।
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स्वच्छता में देश में नंबर वन इंदौर समाजों के बड़े आयोजनों के लिए भी पहली पसंद बन गया है। चांद्रसेनीय कायस्थ प्रभु समाज (सीकेपी) का राष्ट्रीय सम्मेलन 103 साल बाद इंदौर में होने जा रहा है। जिसमें 34 शहरों से समाज के सैकड़ों परिवार शामिल होंगे। दो दिवसीय आयोजन के पहले दिन रैली निकाली जाएगी, जबकि दूसरे दिन अलग- अलग सत्रों में चर्चा होगी। शाम को कायस्थ मिलाप भी रखा गया है। जिसमें कायस्थ समाज के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
सीकेपी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर गुप्ते ने बताया कि सीकेपी समाज की पहचान बुद्धि, निष्ठा और शोर्य है। राजनीति व प्रशासनिक क्षेत्र में समाज के लोग का काफी दखल रहा है, उसे किस तरह बरकरार रखा जाए। इस पर समाज मंथन करेगा। 23 दिसंबर को पिपलियापाला के लेक व्यू रिसार्ट में सुबह दस बजे सम्मेलन का उद्घाटन विधायक अर्चना चिटनीस, सांसद शंकर लालवानी के आतिथ्य में होगा। सम्मेलन में गुणीजन सम्मान पूर्व हाईकोर्ट जज शांतनु केमकर व डाॅ.दिगपाल धारकर को दिया जाएगा।
शाम पांच बजे कायस्थ मिलाप कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय और पूर्व सांसद आरके सिन्हा शामिल होंगे। इसके अलावा कायस्थ बिजनेस कानक्लेव का आयोजन भी होगा। गुप्ते ने बताया कि समाज का सम्मेलन हर तीन साल में होता है। इंदौर में वर्ष 1920 में यह सम्मेलन आयोजित किया गया था। 103 साल बाद फिर सम्मेलन के लिए इंदौर को चुना गया है। तीन साल पहले नागपुर में यह सम्मेलन आयोजित किया गया था। सम्मेलन में महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, आसाम,तेलंगान, आंध्र प्रदेश, बंगाल के 34 शहरों से लोग आ रहे है।
शुक्रवार को निकलेगी यात्रा
सीकेपी समाज की यात्रा शुक्रवार शाम पांच बजे कृष्णपुरा छत्री से राजवाड़ा चौक तक निकाली जाएगी। जिसमें समाज के लोग पंरपरागत परिधानों में शामिल होंगे। समाज के महापुरुषों के तस्वीरें भी यात्रा में रखी जाएगी। अहिल्या प्रतिमा पर समाज के प्रतिनिधि माल्यार्पण करेंगे।
