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इंदौर: रुट बढ़ने के बाद भी इंदौर में मेट्रो को नहीं मिल रहे यात्री, फेरे कम करने की तैयारी

Fri, 09 Oct 2026 07:39 AM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Abhishek Chendke Updated Fri, 09 Oct 2026 07:39 AM IST
सार

इंदौर में मेट्रो ट्रेन को यात्री नहीं मिल रहे हैं। 17 किलोमीटर लंबे रूट पर रोजाना 1,500 यात्री भी सफर नहीं कर रहे हैं, जबकि संचालन पर हर महीने 50 लाख रुपये से ज्यादा खर्च हो रहे हैं। इस कारण मेट्रो ट्रेन के फेरे कम करने की तैयारी की जा रही है।

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Indore: Metro struggling to attract passengers despite route expansion; plans underway to reduce trip frequenc
इंदौर मेें मेट्रो ट्रेन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार
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इंदौर में मेट्रो ट्रेन 17 किलोमीटर लंबे रूट पर चल रही है, लेकिन यात्रियों की संख्या में इजाफा नहीं हुआ है। उम्मीद थी कि सुपर कॉरिडोर के शैक्षणिक संस्थानों और टीसीएस-इंफोसिस जैसी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारी इसका उपयोग शुरू कर देंगे, लेकिन उन संस्थानों के कर्मचारी भी स्टाफ बसों से आना-जाना कर रहे हैं। इस कारण मेट्रो को यात्रियों का टोटा हो रहा है। दिनभर में यात्रियों की संख्या 1,500 से ज्यादा नहीं हो रही है। अभी भी ज्यादातर यात्री मेट्रो ट्रेन में सैर करने के लिए जा रहे हैं।

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यात्रियों की संख्या कम होने का असर मेट्रो ट्रेन के फेरों पर पड़ सकता है। फिलहाल 17 किलोमीटर लंबे रूट पर दिनभर में 50 से ज्यादा फेरे हो रहे हैं। यात्री संख्या कम रही, तो मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन फेरों की संख्या घटा सकता है। जब मेट्रो ट्रेन शुरू हुई थी, तो शुरुआती दिनों में 5,000 से ज्यादा यात्री सफर कर रहे थे, लेकिन फिर यात्रियों की संख्या धीरे-धीरे कम होने लगी। सितंबर माह में 40,000 यात्रियों ने मेट्रो ट्रेन में सफर किया।

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मेट्रो ट्रेन के संचालन पर हर महीने 50 लाख रुपये से ज्यादा खर्च हो रहे हैं। सबसे ज्यादा खर्च बिजली पर हो रहा है। इसके बाद कर्मचारियों की तनख्वाह पर खर्च हो रहा है, लेकिन आय काफी कम हो रही है। यानी 17 किलोमीटर के दायरे में मेट्रो घाटे में चल रही है।

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सिंहस्थ मेले से पहले एयरपोर्ट से गांधीनगर तक का अंडरग्राउंड रूट एलिवेटेड रूट से जुड़ जाएगा। इससे एयरपोर्ट से विजय नगर और रेडिसन तक जाने में यात्रियों को आसानी होगी। तब मेट्रो में यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है, जबकि रेडिसन से आगे मेट्रो ट्रेन के रूट विस्तार में अभी लंबा समय लगेगा।


 

खजराना चौराहे तक मेट्रो का काम पूरा होने में एक साल का समय लगेगा। इसके बाद मेट्रो अंडरग्राउंड होगी। आपको बता दें कि इंदौर में पहले चरण में 31 किलोमीटर का रूट तैयार हो रहा है। खजराना के बाद अंडरग्राउंड मेट्रो के लिए सर्वे हो रहा है। फिलहाल एयरपोर्ट परिसर, मल्हारगंज और शिवाजी मार्केट के पास मेट्रो के अंडरग्राउंड स्टेशन और रूट का काम चल रहा है।

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